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फैक्ट चेकः क्या सिखों को सेना से निकालने के लिए मोदी सरकार ने की कैबिनेट बैठक?

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो को वायरल करके दावा किया जा रहा है कि मोदी सरकार ने कैबिनेट की सुरक्षा बैठक बुलाई थी। इस कैबिनेट बैठक में फैसला लिया है कि सिखों को सेना और सेना के बड़े-बड़े पदों से हटा देना चाहिए। वीडियो में अधिकारियों को यह बोलते हुए सुना जा सकता है कि हर एक पंजाबी को निकाल दो। अगर एक बार ये पंजाबी निकाल दिए गए तो सबकुछ बेहतर हो जाएगा। सारे जनरल, सारे सैनिक, टॉप से लेकर बॉटम तक हर एक पंजाबी को निकाल दो।

वीडियो

इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल सहित तमाम बड़े नेता हैं।

फैक्ट चेकः

इस वीडियो के वायरल होने के बाद हमें पहली नजर में यह वीडियो फेक लगा, क्योंकि मोदी सरकार की कई कैबिनेट बैठकें हुई हैं। ये बैठकें कोरोना की समीक्षा, पंजाब में हुई प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक, ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर सहित कई मुद्दों को लेकर थीं। किसी भी कैबिनेट बैठक में पंजाबियों को सेना से निकालने का फैसला नहीं लिया गया। फिर भी हमने दावों की पड़ताल के लिए सोशल मीडिया पर सर्च किया। जिसके बाद हमें दिल्ली पुलिस द्वारा इस वीडियो को एडिटेड किए जाने और इसे फेक करार दिए जाने का एक ट्वीट मिला।

इस ट्वीट में दिल्ली पुलिस साइबर सेल के डीसीपी केपीएस मल्होत्रा के मुताबिक- “सीडीएस जनरल रावत के निधन के बाद कैबिनेट समिति की बैठक का एक एडिटेड वीडियो सिख समुदाय में सामाजिक कलह पैदा करने के इरादे से प्रसारित किया गया है। उक्त वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। हम आपसे सावधानी बरतने का आग्रह करते हैं।”

इसके अलावा PIB FACT CHECK के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से भी इस वीडियो को फेक करार दिया गया है। पीआईबी के ट्वीट के मुताबिक- “एक वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए एक ट्वीट में दावा किया गया कि सुरक्षा पर कैबिनेट कमेटी की बैठक में सिखों को भारतीय सेना से हटाने का आह्वान किया गया था।”

इसकी फैक्ट चेक करते हुए पीआईबी ने इसे फेक बताया है।

 

वीडियो की जांचः

इस फैक्ट चेक से हमें पता चल गया कि ये कैबिनेट बैठक भारत के सीडीएस जनरल बिपिन रावत की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत के बाद हुई थी। हमनें यूट्यूब पर “cabinet meeting on cds rawat death” सर्च किया तो हमें कैबिनेट बैठक का वही वीडियो मिला, जिसे गलत दावे के साथ सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है।

इस वीडियो को द ट्रिब्यून ने 8 दिसंबर 2021 को पोस्ट किया गया था। इसके कैप्शन के मुताबिक “सीसीएस ने सीडीएस जनरल रावत की मौत के कारण हेलीकॉप्टर दुर्घटना के बारे में जानकारी दी: आधिकारिक सूत्र” दिया गया है। इस वीडियो से साफ होता है कि ये अधिकारी देश के सीसीएस हैं। उन्होंने पंजाबियों को सेना के बारे में नहीं बल्कि कैबिनेट को सीडीएस रावत की मौत के बारे में ब्रीफिंग दिया था।

 

निष्कर्षः

इस फैक्ट चेक से साबित होता है कि कैबिनेट बैठक में सिखों को सेना से हटाए जाने का कोई फैसला नहीं लिया गया है। इसलिए ये दावा पूरी तरह से गलत और फेक है।