फैक्ट चेकः क्या अलवर के बाद जयपुर में ढहाया गया 300 साल पुराना मंदिर?

राजस्थान इन दिनों सोशल मीडिया और मेनस्ट्रीम मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। पिछली कई घटनाएं ऐसी हैं, जिनकी चर्चा पूरे देश में हो रही है। राजस्थान की करौली के बाद जोधपुर में हिंसा और टकराव की खबरें आई हैं। वहीं अलवर के राजगढ़ में 300 साल पुराने शिव मंदिर गिराए जाने का […]

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फैक्ट चेक: क्या आशुतोष राणा ने हिन्दूओं को गलत और मुस्लिमों को बताया शांतिप्रिय?

बॉलीवुड अभिनेता आशुतोष राणा अपनी साफगोई और स्पष्ट विचारों के लिए जाने जाते हैं। कई मौकों पर वह अमन और भाईचारे की पुरजोर वकालत करते हुए भी नजर आ चुके हैं। देश में युवकों द्वारा मस्जिदों पर भगवा झंडा फहराए जाने की घटनाओं पर काफी विवाद हो रह है। देश और दुनिया के लोग इस […]

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फैक्ट चेकः मस्जिद की खुदाई में मिली भगवान नंदी की मूर्ति?

सोशल मीडिया भ्रामक सूचनाओं का गहरा समंदर है। यहां सूचनाओं और खबरों की सत्यता की बिना पुष्टि किए उसे सच नहीं माना जा सकता है। नफरत फैलाने के लिए यहां हर दिन सैकड़ों पोस्ट किए जाते हैं। इन पोस्टों में ज्यादातर पोस्ट फेक, गलत और भ्रामक होते हैं। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक फोटो […]

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फैक्ट चेक: जहांगीरपुरी दंगे के दौरान एक मुस्लिम शख्स ने दी पुलिस को धमकी?

दिल्ली के जहांगीरपुरी में हुए सांप्रदायिक झड़प की घटना के बाद अब प्रशासनिक कार्रवाई चल रही है। पुलिस द्वारा दंगों के कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं बुलडोजर प्रकरण को लेकर देश में एक नई बहस भी चल पड़ रही है। कुछ लोग बुलडोजर को देश के संविधान और लोकतंत्र के लिए […]

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फैक्ट चेक: क्या दिल्ली दंगों में मुसलमानों ने पुलिसकर्मी को पीटा?

दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हनुमान जयंती के मौके पर निकाली गई शोभा यात्रा के दौरान हिंसा भड़क गई। इस दौरान दो पक्षों में जमकर ईंट-पत्थर चले। हालांकि पुलिस ने इस मामले पर तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके में शांति-व्यवस्था बहाल कर दी है और इस घटना के 20 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर […]

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फैक्ट चेक: भारतीय मुस्लिमों पर अत्याचार के खिलाफ मलेशिया में हुआ विरोध प्रदर्शन?

पिछले दिनों भारत के कुछ हिस्सों में साम्प्रदायिक झड़प की कुछ घटनाएं हुई हैं। इन घटनाओं को लेकर मुख्य धारा की मीडिया से लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा हुई। वहीं कई तरह के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहे हैं। सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा कई तरह के भ्रामक और गलत […]

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DFRAC विशेषः करौली हिंसा पर सांप्रदायिकता फैलाने वालों का विश्लेषण

राजस्थान के करौली में हिन्दू नववर्ष के मौके पर 2 अप्रेल को हिन्दू संगठनों द्वारा निकाली गई बाईक रैली के दौरान जमकर हिंसा हुई। जानकारी के अनुसार, मुस्लिम बहुल इलाके में मस्जिद के पास ‘कथित तौर से डीजे पर ‘टोपी वाला भी सिर झुकाकर एक दिन जय श्रीराम बोलेगा’ गाना बजाने से ये हिंसा भड़की। […]

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फैक्ट चेक: क्या पाकिस्तान बन रहा है बंगाल? सच्चाई जानो।

बंगाल हर दिन एक नए दंगे से जल रहा है। इंटरनेट पर लोग अलग-अलग सोशल मीडिया साइट्स पर अपने विचार पोस्ट कर रहे हैं। हाल ही में एक घटना का वीडियो पूरे इंटरनेट पर शेयर किया गया है जिसमें लोग सड़क पर चलती कारों के शीशे तोड़ते नजर आ रहे हैं. बताया जा रहा है […]

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 क्या दलित नफरत के केंद्र में बदल रहा है इंस्टाग्राम?

सोशल मीडिया का शाब्दिक अर्थ एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न होता है| जहां यह कई लोगों के लिए वरदान है, वही दूसरों के लिए अभिशाप बन सकता है। जैसा कि लोग कहते हैं कि सोशल मीडिया बेजुबानों को आवाज देता है , यह कुछ हद तक सच है| लेकिन यह हमारे समाज के विरोधी तत्वों को भी आवाज देता है। इन असामाजिक तत्वों के मन में ऐसी रूढ़िवादी विचारधारा हैं कि इसके नीचे या ऊपर कुछ भी उनके लिए काम नहीं करता है। वे सभी अलग-अलग समुदायों और लोगों के बीच नफरत फैलाने में व्यस्त हैं। सोशल मीडिया के जरिए यह अब बहुत आसान हो गया है। यह हमारे राष्ट्र के लिए बड़े ही दुख की बात है | जो युवा देश के लिए एक बड़ी संपत्ति हो सकते हैं, वे वास्तव में एक बोझ बनते जा रहे हैं। अगर देखा जाए तो जिस सदी मे हम रेह है जो की 21वी सदी है, ऐसी रूढ़िवादी मानसिकता के बारे में सोचना एक सकारात्मक स्थान में रहने वाले व्यक्ति के लिए मुश्किल है| लेकिन, यह मौजूद है और इसे तब तक मिटा नहीं सकता जब तक कि वे स्वयं उस पर निर्णय नहीं लेते। हुमे बहुत हैरानी हुई जब हमने इंस्टाग्राम पर समाज के विभिन्न वर्गों में नफरत फैलाने वाले बहुत सारे खातों को देखा, जैसे कि एक तरफ ऐसे खाते थे जो महिलाओं को नीचा दिखा रहे हैं, वहीं कुछ अन्य हैं जो बहुजन समाज/दलितों को नीचा दिखाते हैं। महिलाओं के खिलाफ नफरत इस तरह के खातों के यूजर्स के लिए जिनके हिसाब से महिलाओं को शिष्ट, शुद्ध, पतिव्रत, अच्छी तरह से तैयार होना चाहिए, संक्षेप में, सुंदरता के निर्धारित मानकों को पूरा करना चाहिए| उनके लिए “फेमिनिस्ट” शब्द हाराम है। हमने कई पोस्ट और मीम्स देखे हैं जहां इंस्टाग्राम पर महिलाओं का मजाक उड़ाया जाता है।   दलितों के खिलाफ नफरत नफरत फैलाने का स्तर महिलाओं तक ही सीमित नहीं है बल्कि दलितों को भी अपने घेरे में ले चुका है। यह बात जगजाहिर है  कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का हमारे संबविधा को तैयार करने मे एक महततावपूर्ण योगदान है| किन्तु उनको भी  सोशल मीडिया साइट्स पर ट्रोल किया जा रहा है । ये सभी प्रयास समाज के विभिन्न वर्गों में नफरत की अधिकतम मात्रा को खींचने के लिए हैं। लोग भीमराव के खिलाफ अपना आंदोलन दिखाते हैं क्योंकि वह वही थे जिन्होंने एससी / एसटी ( अनुसूचित जाति / जनजाति) आदि के लिए आरक्षण की वकालत की थी। इंस्टाग्राम पर तरह-तरह के अकाउंट बनाए जाते हैं जिससे पता चलता है कि लोगों के मन में कितनी नफरत है। भीमराव अंबेडकर ने एक नव बौद्ध आंदोलन शुरू किया था जिसके तहत उन्होंने 1956 में नवयान नामक बौद्धों के लिए नए स्कूल बनाए| बाद मे  लगभग आधा मिलियन दलित उनके साथ जुड़ गए और खुद को नवायान बौडिस्ट में परिवर्तित कर लिया| इस आंदोलन पर भी इंस्टाग्राम पर बहुत सारे मीम्स शेयर किए जाते हैं क्योंकि इस आंदोलन ने हिंदू धर्म को खारिज कर दिया| और न केवल भारत की जाति व्यवस्था को चुनौती दी बल्कि दलितों के अधिकारों को बढ़ावा दिया। मूलनिवासी शब्द दलितों को नीचा दिखाने के लिए कई मीम्स के रूप में भी फैलाया जा रहा है| कुछ खाते दलितों पर ब्राह्मण वर्चस्व दिखा रहे हैं और समाज में वैमनस्य पैदा कर रहे हैं। निष्कर्ष ऐसी तस्वीरों और मीम्स का मुख्य उद्देश्य नकारात्मकता फैलाना और सब समाज के विभिन्न वर्गों के बीच एक दीवार बनाती है। इसलिए समाज के राष्ट्रविरोधी तत्वों द्वारा निर्धारित एजेंडे को पूरा करना। हमारा सुझाव है कि ऐसे मुद्दों और इंस्टाग्राम पर उपयोगकर्ताओं की जांच करें ताकि ऐसी सभी अपमानजनक गतिविधियों को रोका जा सके | और एसे कदम उठाए जाए जिससे […]

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#HijabRow – सांप्रदायिकता की एक पंक्ति

कर्नाटक के एक कॉलेज से शुरू हुआ हिजाब विवाद न केवल पूरे देश में फ़ेल गया। बल्कि इस विवाद ने लोगों को दो भागों में विभाजित कर दिया। जहां एक तरफ लोग इसका समर्थन कर रहे हैं तो दूसरी तरफ लोग इसके खिलाफ भी हैं। 8 दिन का लंबा समय गुजर जाने के बाद भी […]

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