Rahul gandhi

फैक्ट चेकः खालिस्तानी पन्नू और सोरोस के साथ राहुल-दीपके की तस्वीर AI-जनरेटेड है

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दिल्ली के जंतर मंतर पर शिक्षा को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने आंदोलन किया था। वहीं कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक उठाया था। इन्हीं आंदोलनों की वजह से धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा। इस बीच सोशल मीडिया पर कई यूजर्स द्वारा एक तस्वीर शेयर की गई है, जिसमें लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके को जॉर्ज सोरोस और खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत पन्नू के साथ देखा जा सकता है। इस तस्वीर में कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा और पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग भी हैं।

इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने शेयर किया है। Tathvam-asi नामक यूजर ने तस्वीर को शेयर कर लिखा, ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’

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Dilip Kumar Singh नामक यूजर ने लिखा, ‘देशद्रोहियों का गेंग’

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फेसबुक एक यूजर ने इस फोटो को एक अन्य यूजर के कमेंट बॉक्स में पोस्ट किया है, इस फोटो पर टेक्स्ट लिखा है, ‘मेरे ख्याल से अब किसी तरह की सबूत की जरूरत नहीं, ये सारे एक ही थैली के चट्टे बट्टे है, | और इनका सब कुछ पूर्व निर्धारित है, यदि देश को बचाना है तो इनसे बच कर रहना होगा, नहीं तो ये सब कुछ खतम कर देंगे!’

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फैक्ट चेकः

DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि वायरल तस्वीर फेक है और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाया गया है। इस फोटो का विस्तृत विश्लेषण करने के बाद एआई एक्सपर्ट मयंक शर्मा ने भी इसे डिजिटली क्रिएटेड फोटो करार दिया है। वायरल तस्वीर की जांच के लिए हमने इसे रिवर्स इमेज सर्च किया। लेकिन हमें यह तस्वीर किसी भी मीडिया संस्थान द्वारा प्रकाशित नहीं मिली, क्योंकि अगर राहुल गांधी की खालिस्तानी आतंकी पन्नू के साथ कोई तस्वीर होती या फिर राहुल गांधी की अभिजीत दीपके के साथ कोई तस्वीर होती तो यह मीडिया की सुर्खियों में जरूर होती।

इसके बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए हमारी टीम ने वायरल तस्वीर की जांच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स से की। हमने तस्वीर की जांच AI-डिटेक्टर टूल्स हाइव मॉडरेशन, sightengine और imagedetector पर की। हमारी जांच में परिणाम सामने आया कि वायरल तस्वीर के AI-जनरेटेड होने के चांस काफी ज्यादा हैं। हाइव मॉरेशन की जांच में परिणाम सामने आया कि यह तस्वीर 99.7% AI-जनरेटेड है। वहीं, sightengine टूल्स की जांच में भी वायरल तस्वीर के 99% AI-जनरेटेड होने का परिणाम आया। imagedetector टूल्स की जांच में 51% परिणाम आया और इसमें तस्वीर के AI-जनरेटेड होने का चांस ज्यादा बताया गया है।

इसके तस्वीर के बारे में और ज्यादा विस्तृत विश्लेषण के लिए हमारी टीम ने एआई एक्सपर्ट मयंक शर्मा से संपर्क किया। मयंक ने बताया कि तस्वीर का बारीकी से अवलोकन करने पर कई ऐसे संकेत सामने आते हैं, जो इसके स्वाभाविक कैमरा फोटो होने पर सवाल खड़े करते हैं। तस्वीर में मौजूद सभी लोगों का कैमरे की ओर लगभग एक जैसा एंगल, समान गुणवत्ता वाली फेस डिटेल और अत्यधिक संतुलित कम्पोजिशन भी इसे वास्तविक कैमरा फोटो की बजाय एआई-जनरेटेड फोटो होने की संभावना की ओर संकेत करता है। मयंक ने बताया कि तस्वीर में प्रकाश का वितरण भी पूरी तरह प्राकृतिक नहीं लगता। सभी व्यक्तियों के चेहरे पर लगभग समान रोशनी और रंग दिखाई देते हैं, जबकि वास्तविक समूह फोटो में कैमरे से दूरी और खड़े होने की स्थिति के अनुसार प्रकाश और छाया में कुछ अंतर होना सामान्य बात है। इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि फोटो में दिख रहे सभी के चेहरे उनके वास्तविक फेस से थोड़ा अलग है, जो इस तस्वीर को AI-जनरेटेड होने का मजबूत संकेत देती है।

निष्कर्षः

DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि राहुल गांधी की जॉर्ज सोरोस और खालिस्तानी आतंकी पन्नू के साथ शेयर की गई तस्वीर फेक है और इस तस्वीर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा बनाया गया है।

Claim ReviewA photograph of Rahul Gandhi and Abhijit Dipke with Khalistani Pannun and George Soros.
Claimed ByX and Facebook User
Fact CheckMisleading

Our Sources:

  1. Technical analysis by IT expert Mayank Sharma shared with DFRAC.
  2. AI Detector tool Hive Moderation analysis of the viral Photo.
  3. sightengine tool analysis of the viral Photo.
  4. AI Detector tools imagedetector analysis of the viral Photo.