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सोमवार, अगस्त 8, 2022
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DFRAC विशेषः करौली हिंसा पर सांप्रदायिकता फैलाने वालों का विश्लेषण

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राजस्थान के करौली में हिन्दू नववर्ष के मौके पर 2 अप्रेल को हिन्दू संगठनों द्वारा निकाली गई बाईक रैली के दौरान जमकर हिंसा हुई। जानकारी के अनुसार, मुस्लिम बहुल इलाके में मस्जिद के पास ‘कथित तौर से डीजे पर ‘टोपी वाला भी सिर झुकाकर एक दिन जय श्रीराम बोलेगा’ गाना बजाने से ये हिंसा भड़की। वायरल हो रहे वीडियो में उक्त विवादित गाने को सुना जा सकता है। साथ ही रैली पर छतों से लोगों को पत्थर फेंकते हुए देखा जा सकता है। इसके बाद सोशल मीडिया पर करौली हिंसा के सबंध में फेक वीडियो और भड़काऊ सामग्री की बाढ़ सी आई गई है। असामाजिक तत्व हिंसा को शांत करने के बजाय दोनों समुदायों के बीच तनाव और बढ़ाना चाहते है। ऐसे में हम इस रिपोर्ट इस हिंसा से जुड़े विभिन्न पहलुओं विशेष रूप से फेक न्यूज़ और हेट सामग्री का विश्लेषण करेंगे।

करौली का इतिहास और राजनीतिक पृष्ठभूमि

करौली राजस्थान की एक एतिहासिक नगरी आदिवासी बहुल इलाका है। करौली की स्‍थापना 955 ई. में राजा विजय पाल ने की थी। उन्हे भगवान कृष्‍ण का वंशज माना जाता है। करौली राजपूतना का हिस्सा रहा है। 7 अप्रैल 1949 में करौली भारत में शामिल हुआ था। पूर्वी राजस्थान में आने वाला करौली एक है। ऐसे में माना जा रहा है कि ये हिंसा आगामी विधान सभा चुनाव में धुर्वीकरण को लेकर हुई।

करौली हिंसा और सोशल मीडिया

करौली हिंसा के नाम पर फेक वीडियो और भड़काऊ सामग्री लगातार प्रसारित की जा रही है। राजनीतिक दलों, मीडिया चैनलों, यूट्यूबर, धार्मिक और अन्य संगठन अपने एजेंडे को पूरा करने की कोशिशों में जूट गए है। ऐसे में हमारी टीम ने कुछ वीडियो सामग्री का फैक्ट चेक किया। जिसे आप नीचे देख सकते है। ये सामग्री हमारी जांच और विश्लेषण में फेक, भ्रामक और असत्य पाई गई।

राजस्थान के करौली में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद Eagle Eye नामक यूजर ने एक वीडियो पोस्ट किया। साथ ही लिखा कि करौली जला कर आराम से घूम रहे आतंकीहिंदुओ को बोल रहे हैं ‘४ गाड़िया जलाई हैं हमने हमारे इलाके मेंइतने में ही इतना तहलका मचा दिए तुम लोग। इतना डर काफी हैं तुम्हारे लोगों के लिए‘…ये है गहलोत का राजस्थान जहां ये सिर पे बैठे हुए हैं….प्रशासन चुप रहता है।

इस वीडियो को कई अन्य यूजर ने भी मिलते-जुलते केप्शन के साथ ट्विटर पर पोस्ट किया है।

फैक्ट चेक:

वायरल वीडियो के सबंध में हमें राजस्थान पुलिस के आधिकारिक अकाउंट से किया गया एक ट्वीट मिला। जिसमे वीडियो के करौली हिंसा के होने से इंकार किया गया है। राजस्थान पुलिस ने कहा कि  वीडियो में जिस स्टार होटल का जिक्र क्या गया है। वह निजामाबाद में है। साथ ही हैदराबाद पुलिस को भी इस मामले को देखने को कहा गया।

अत: वायरल वीडियो फेक है।

राजस्थान के करौली शहर में हुए सांप्रदायिक झड़प के बाद हारुन खान नामक एक यूजर ने 27 सेकंड की एक छोटी क्लिप पोस्ट की। जिसमें दावा किया गया कि लोग मस्जिद के सामने भगवा झंडे लहरा रहे हैं और नारे लगा रहे हैं। वो दावा कर रहे हैं कि वे मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं और राजस्थान के करौली में हिंदुओं के साथ हुई हिंसा का विरोध कर रहे हैं।

कई अन्य यूजर्स ने भी यही वीडियो पोस्ट किया और दावा किया कि यह वीडियो करौली हिंसा का है।

फैक्ट चेकः

रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें अलजज़ीरा का एक लेख मिला। जिसमें उन्होंने वायरल विरोध की तस्वीर डाली है। इस लेख के अनुसार तेजस्वी सूर्या ने 27 मार्च को फिट इंडिया मूवमेंट के नाम से एक साइकिल रैली आयोजित की, जहां उन्होंने अन्य भाजपा सांसदों के साथ बैंगलोर शहर से कर्नाटक के कोलार शहर तक रैली की।

इसके बाद जब साइकिल रैली मस्जिद के पास पहुंची, तो बाइकर्स ने अनुशासनहीन तरीके से नाचने, चिल्लाने या व्यवहार करने लगे। जबकि यह घटना कर्नाटक के कोलार शहर में हुई और यह घटना उस मामले के अंतर्गत आती है, जहां मुस्लिम महिलाओं की एक ऐप्लीकेशन के जरिए नीलामी किए जाने की बात सुनकर मुस्लिम समुदाय के लोग आक्रामक हो गए थे।

मोहम्मद इरशाद ने 29 मार्च को मस्जिद के सामने विरोध प्रदर्शन करने वाले प्रदर्शनकारियों के वीडियो को पोस्ट किया था।

इस फैक्ट चेक से साबित होता है कि वीडियो पुराना है और इसका करौली हिंसा की घटना से कोई संबंध नहीं है, क्योंकि करौली में हिंसा 2 अप्रैल को हुई थी और वायरल वीडियो 29 मार्च को प्रसारित हुआ था।

निष्कर्ष: इसलिए, दावा भ्रामक है।

ट्विटर ट्रेंड

करौली में हुई हिंसा के बाद ट्विटर पर #Karauli, #KarauliViolence, #Rajasthan हैशटैग ट्रेंड हुआ। इन हैशटैग के अंतर्गत 11000 हजार से ज्यादा ट्वीट किए गए और 1000 से ज्यादा रिप्लाई किए गए।

  • #Karauli

#Karauli के अंतर्गत हिंसा से जुड़े ज्यादतर वीडियो पोस्ट किए है। दोनों ही पक्षों की और से हिंसा के वीडियो शेयर कर एक-दूसरे जो जिम्मेदार बताया गया। वीडियो मस्जिद के आगे नारे लगाने, रैली पर पत्थर फेंकने और स्थानीय लोगों के घरों में आगजनी से जुड़े है।

ट्वीट-1

ट्वीट-2

ट्वीट-3

ट्वीट-4

  • #KarauliViolence

इस हैशटैग के अंतर्गत किए गए ट्वीट ज़्यादातर हिंसा से जुड़े आरोपियों को लेकर किए गए है। नीचे दिये गए ट्वीट में देखा जा सकता है कि एक पक्ष के द्वारा बीजेपी मेयर सौम्या के पति को तो दूसरी और पार्षद मतलूब अहमद को हिंसा के लिए जिम्मेदार बताया गया। दोनों के फरार होने को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए गए।

ट्वीट-1

ट्वीट-2

 

 

ट्वीट-3

ट्वीट-4

 

वहीं नीचे दिये गए ग्राफ देखने पर पता चलता है कि तीनों ट्रेंड की टाइमलाइन 30 मार्च को अपने पहली पीक पर थी और फिर 3 और 4 अप्रैल को हर पीक डे पर 2,100 से ज्यादा ट्वीट किए गए।

  • मेंशन अकाउंट

नीचे उन अकाउंट का ग्राफ दिया गया हैं जिनका जिक्र हैशटैग से जुड़े ज्यादातर ट्वीट्स में किया गया। कुछ टॉप अकाउंट भी इसमे शामिल हैं, जैसे मुख्यमंत्री @ashokgehlot51 को 900 से अधिक ट्वीट में टैग किया गया था, इसके बाद @_lokeshsharma को 280 से अधिक, @bjp4rajasthan, @rajcmo, @policerajasthan को 200 से अधिक बार टैग किया गया था।

  • हैशटैग का इस्तेमाल

नीचे दिये गए हैशटैग ग्राफ से पता चलता है कि #Rajasthan हैशटैग के साथ 9,300 से अधिक ट्वीट हुए, उसके बाद #Karauli हैशटैग के साथ लगभग 4000 ट्वीट और #KarauliViolence के साथ 900 के करीब ट्वीट हुए।

 

·  हैशटैग के साथ इंटरैक्ट होने वाले अकाउंट

नीचे दिया गया ग्राफ़ उन अकाउंट के बारे में जानकारी देता है। जिन्होंने हैशटैग के साथ सबसे अधिक इंटरैक्ट किया। उनमे पहले स्थान @1stindianews पर है। फिर @zeerajasthan_, @krishnvanshies, @abpnews, @ankur_patrakaar, @sachbedhadak, आदि का नंबर आता है।

वर्डक्लाउड

नीचे उन शब्दों का वर्डक्लाउड दिया गया है। जिसमें ऐसे शब्द शामिल हैं जो ज्यादातर इन हैशटैग वाले ट्वीट्स में उपयोग किए गए थे। जैसे – ‘राजस्थान’, ‘हिंदू’, ‘हिंसा’, ‘मुस्लिम’, ‘पुलिस’, ‘करौली’, आदि।

·  टाईमलाइन

हैशटैग के साथ इंटरैक्ट करने वाले अकाउंट के बनाने की टाईमलाइन नीचे दी गई है। ग्राफ देखने से पता चलता है कि 6,000 से अधिक यूजर ने इन हैशटैग में हिस्सा लिया।  20 अप्रैल 2021 को 43 नए यूजर ने अपने अकाउंट बनाए।

  • यूजर लोकेशन

नीचे वर्ल्ड मैप दिया गया है। जहां सभी यूजर की लोकेशन बताई गई है। जिन्होंने हैशटैग में भाग लिया। यह देखा गया है कि ट्वीट करने वाले अधिकांश यूजर भारत के ही है। भारत से 3,600 से अधिक यूजर इन हैशटैग में शामिल रहे। उसके बाद संयुक्त राज्य अमेरिका और पाकिस्तान से क्रमशः 52 और 30 यूजर जुड़े थे।

  • वेरिफाइड अकाउंट

नीचे ट्विटर पर अकाउंट की ग्राफ़ सूची दी गई है, जो हैशटैग में शामिल हुए। उनमे रहे है – @BDUTT, @VasundharaBJP, @kpmaurya1, @KapilMishra_IND, आदि।

  • नॉन वेरिफाइड अकाउंट

नीचे कुछ नॉन वेरिफाइड अकाउंट बताए गए हैं। जो सभी हैशटैग में शामिल रहे। कुछ अकाउंट में @abplivenews, @narendramodi177, @JuniorVikatan, @GreaterKashmir, @PuriVirender, आदि शामिल हैं।

  • टाइप्स ऑफ अकाउंट

नीचे दिए गए पाई चार्ट में वेरिफाइड और नॉन वेरिफाइड यूजर का प्रतिशत दिखाया गया है, जिन्होंने सभी हैशटैग में हिस्सा लिया। उनमें से 93.6% नॉन वेरिफाइड यूजर हैं। जिनकी कुल संख्या 6,100 से अधिक है। वहीं लगभग 425 यूजर के साथ 6.42% वेरिफाइड यूजर हैं।

 

हैशटैग पर ट्वीट करने वाले पाकिस्तानी अकाउंट

नीचे लिस्ट में टॉप पाकिस्तानी अकाउंट दिखाये गए हैं, जो हैशटैग में शामिल रहे। उनमें से @RadioPakistan, @SidraaPTI, @PSFAERO, @BarmerDurg, @an_6f2i,  आदि ने करौली हिंसा से जुड़े ट्वीट किए।

ट्वीट-1

ट्वीट-2

 

निष्कर्ष:

उपरोक्त विश्लेषण से स्पष्ट है कि करौली हिंसा पूरी तरह से सुनियोजित थी। 30 मार्च को ट्विटर पर #Karauli, #KarauliViolence, #Rajasthan हैशटैग का पीक पर होना इस बात की पुष्टि करता है। साथ ही इस दौरान बड़ी संख्या में फेक और भ्रामक सामग्री भी प्रसारित की गई। समाज में नफरत को बढ़ावा देने के लिए दोनों समूहों ने फेक न्यूज़ का सहारा लिया और भ्रामक खबरों को प्रचारित किया.+302

Dilshad Noor
Dilshad Noor
Mr. Dilshad Noor is a research fellow at DFRAC with experience of 8 years in the field of journalism He has done his bachelor's in journalism from VMOU, Kota. He has done MA and LLB from the University of Kota. He specializes in report making and research analysis.

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