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फैक्ट चेकः मुजफ्फरनगर किसान महापंचायत पर फेक और गलत फोटो वायरल

उत्तर प्रदेश  के मुजफ्फरनगर  में 5 सितंबर 2021 को किसान संयुक्त मोर्चा  की ऐतिहासिक महापंचायत आयोजित की गई। इस महापंचायत में देशभर से लाखों किसान जुटे थे। इस महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत  ने बड़ी घोषणा करते हुए भारतीय जनता पार्टी को उत्तर प्रदेश सहित तमाम राज्यों के चुनावों में हराने के प्रस्ताव का ऐलान किया। टिकैत के इस प्रस्ताव पर सोशल मीडिया पर लोग अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
इस बीच, ट्राइबल आर्मी  नामक ट्विटर के एक वेरीफाइड अकाउंट द्वारा एक तस्वीर शेयर की गई है, जिसमें दिख रहा है कि भारत के राष्ट्रीय ध्वज के साथ बड़ी संख्या में आंदोलनकारी बैठे हुए हैं। दावा  किया जा रहा है कि यह फोटो मुजफ्फरनगर में किसानों की महापंचायत का है। यहां कुछ वायरल हैशटैग के साथ “इंडिया स्टैंड विद फार्मर्स” भी लिखा। ट्राइबल आर्मी के इस ट्वीट को 4 हजार से ज्यादा लाइक  और 2 हजार से ज्यादा रिट्वीट  मिले हैं।

 

इस फोटो को जमकर वायरल किया जा रहा है। कई ट्वीटर और फेसबुक अकाउंट से इस फोटो को शेयर किया गया है।


https://twitter.com/FAM4TMC_MANAS/status/1434446536226717697

 


देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर  के देशों में रहने वाले लोग भी इसे शेयर कर रहे हैं। इंग्लैंड के बर्मिंघम की सांसद प्रीत कौर गिल ने भी इसे शेयर  करते हुए दावा किया है कि यह फोटो मुजफ्फरनगर की किसानों की महापंचायत की है।

 

फैक्ट चेकः

इन तस्वीरों के वायरल होने के बाद, हमारी टीम ने इन तस्वीरों के वैधता की जांच के लिए अध्ययन किया। हमारे परिणामों से सामने आया कि ये तस्वीरें उत्तर प्रदेश के शामली जिले में 5 फरवरी 2021 को हुई किसान पंचायत  और हरियाणा के जींद जिले में किसान महापंचायत  की हैं। इन तस्वीरों को एचडब्ल्यू न्यूज, ट्रिब्यून और द न्यू इंडियन एक्सप्रेस  द्वारा क्रमशः 3, 6 और 24 फरवरी को प्रकाशित किया गया है।

इस फैक्ट चेक से स्पष्ट रूप से साफ होता है कि ये तस्वीरें गुमराह  करने वाली हैं और वर्तमान मुजफ्फरनगर विरोध प्रदर्शन की नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के शामली और हरियाणा के जींद की हैं। इसलिए इस तस्वीर को मुजफ्फरनगर का बताना गलत है।