फैक्ट चेक: क्या एस. जयशंकर ने मार्को रुबियो से मांगे “कॉकरोच पार्टी” के हैंडलर्स? जानिए वायरल दावे की सच्चाई

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भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल क्लिप में जयशंकर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पोडियम पर बोलते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि उन्होंने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से “कॉकरोच जनता पार्टी” के हैंडलर्स को भारत को सौंपने की मांग की है। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि जयशंकर ने कथित तौर पर इस संगठन को “पाकिस्तानी और ईरानी प्रॉक्सी ग्रुप” बताया।

Source: X

सोशल साईट X (पूर्व ट्विटर) पर वेरिफाइड यूजर व्हिसल ब्लोवर ने वायरल वीडियो को शेयर कर लिखा कि ब्रेकिंग नई बनी कॉकरोच जनता पार्टी पर भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने हमला किया, “मैं मार्को रुबियो और ट्रंप से रिक्वेस्ट करता हूं कि कॉकरोच पार्टी के हैंडलर्स को सौंप दें क्योंकि वे पाकिस्तानी और ईरानी प्रॉक्सी ग्रुप हैं।”

फैक्ट चेक:

Source: Youtube

वायरल वीडियो के साथ किये गए दावे की जांच के लिए DFRAC ने वायरल वीडियो को कीफ्रेम में कन्वर्ट कर रिवर्स सर्च किया। इस दौरान हमें ऐसा ही मूल वीडियो यूट्यूब पर मिला। 24 मई 2026 को भारतीय विदेश मंत्रालय के आधिकारिक चैनल से शेयर किये गए इस वीडियो को कैप्शन देते हुए लिखा गया कि “EAM डॉ. एस जयशंकर और US सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट मार्को रुबियो की प्रेस कॉन्फ्रेंस।”

Source: MEA

Source: state.gov

आगे की जांच में हमने भारतीय विदेश मंत्रालय और अमेरिकी यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रेस कान्फ्रेंस की ट्रांसस्क्रिप्ट को भी चेक किया। लेकिन जांच में कहीं भी “कॉकरोच पार्टी”, “हैंडलर्स”, “पाकिस्तानी प्रॉक्सी” या वायरल दावे से जुड़ा कोई बयान नहीं मिला।

अंत में हमने वायरल वीडियो की डिक्टेक्टर एआई टूल से जांच की। इस दौरान हमने पाया कि वायरल क्लिप के ऑडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है और वीडियो भी एडिटेड प्रतीत होता है। वीडियो के एआई से एडिट होने की संभावना 63 फीसद है।

इसके अलावा हमने आईटी एक्सपर्ट मयंक शर्मा से भी बात की। उन्होंने बताया कि “वायरल वीडियो के ऑडियो के साथ छेड़छाड़ की गई लगती है। उनके मुताबिक, वीडियो में सुनाई दे रही आवाज असली प्रेस कॉन्फ्रेंस से मेल नहीं खाती और इसे एडिट या एआई की मदद से बदला गया हो सकता है।”

निष्कर्ष:

DFRAC की जांच में वायरल दावा फेक साबित हुआ। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान “कॉकरोच पार्टी” या उसके कथित हैंडलर्स को लेकर कोई बयान नहीं दिया। वायरल वीडियो एडिटेड है और भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।