राजस्थान के श्रीगंगानगर ज़िले में 12 साल की एक बच्ची से रेप का गंभीर मामला सामने आया है। मामले को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी सख्त रुख अपनाते हुए जिला मजिस्ट्रेट और जिला पुलिस अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक बड़ा दावा वायरल हो रहा है। जिसमे कहा जा रहा है कि आईसीयू में पांच दिनों तक इलाज के बाद अब पीड़िता की मृत्यु हो गई है।

Source: X
सोशल साईट X (पूर्व ट्विटर) पर यूजर राखी पवार ने एक तस्वीर को शेयर कर लिखा कि राजस्थान नारे तभी सार्थक हैं,जब हर बेटी सुरक्षित हो। श्रीगंगानगर जैसी घटनाएं कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। एक मासूम के साथ 32 लोगों ने की दरिंदगी इन्हें सजाए मौत मिलनी चाहिए। बच्ची हार गई ज़िंदगी की जंग अस्पताल में तोड़ा दम

Source: X
वहीं एक अन्य यूजर ने पक्की खबर ने लिखा कि 32 लोगों का शिकार हुई 13 वर्षीय बेटी अंशू बघेल जिंदगी और मौत के बीच ICU में आखिरी सांस ली। राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय बच्ची के साथ पांच अलग अलग होटलों में ले जाकर लगातार पांच दिनों तक 32 हैवानों ने नोचा था, आज इस बेटी ने दम तोड़ दिया। विनम्र श्रद्धांजलि

Source: X
इसके अलावा कई अन्य यूजर ने भी ऐसा ही मिलता-जुलता दावा किया है। जिसे यहां पर कर देखा जा सकता है।
फैक्ट चेक:
DFRAC की जांच में वायरल दावा फेक पाया गया। DFRAC ने मामले की स्वतंत्र पुष्टि के लिए राजस्थान के पत्रकार मोहम्मद फारुख सुलेमानी से भी बातचीत की। उन्होंने बताया कि पीड़िता की मौत की खबर निराधार है। पीड़िता अपने परिवार के पास पूरी तरह सुरक्षित है और उसके निधन से जुड़ा दावा सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक सूचना का हिस्सा है।

Source: X
वायरल दावे की सत्यता जांचने के लिए DFRAC ने दावे से जुड़े कुछ कीवर्ड्स गूगल पर सर्च किये। इस दौरान हमें X (पूर्व ट्विटर) पर श्रीगंगानगर पुलिस के आधिकारिक हेंडल द्वारा 07 जुलाई 2026 को शेयर की गई एक पोस्ट मिली। जिसमे उक्त दावे को फेक करार देते हुए बताया गया कि जिला श्रीगंगानगर में नाबालिग बालिका दुष्कर्म प्रकरण से संबंधित जो सोशल मीडिया पर श्रीगंगानगर के नाम से जो वीडियो वायरल किये जा रहे है, वह पूरी तरह झूठ और भ्रामक है। पीड़िता सकुशल है, अपने परिवार के पास सुरक्षित है। इन वायरल वीडियो का श्रीगंगानगर जिला के प्रकरण से कोई संबंध नहीं है। कृपया बिना जांचे ऐसी संवेदनशील अफवाहें, वीडियो, पोस्ट, मैसेज सोशल मीडिया पर न फैलाएं। किसी भी चैनल या सोशल मीडिया अकाउंट द्वारा पीड़िता की पहचान उजागर, मृत्यु, रोते हुए या गलत वीडियो/पोस्ट अपलोड करने पर कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी। श्रीगंगानगर पुलिस आमजन से अपील करती है कि पीड़िता से संबंधित कोई भी झूठा, भ्रामक वीडियो, पोस्ट, रील, फोटो साझा न करें। अफवाहों से बचें, संवेदनशीलता दिखाएं। जिला पुलिस की सोशल मीडिया सेल द्वारा निरंतर निगरानी रखी जा रही है। कृपया जिम्मेदार नागरिक बनें और समाज में शांति बनाए रखें। अपडेटः प्रकरण में अब तक 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शेष आरोपियों की तलाश एवं अनुसंधान जारी है। जिला पुलिस श्रीगंगानगर इस गंभीर प्रकरण में निष्पक्ष, त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए सभी दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। – श्री हरी शंकर, जिला पुलिस अधीक्षक, श्रीगंगानगर

Source: Instagram
इसके अलावा हमें Instagram पर 08 जुलाई 2026 की श्रीगंगानगर पुलिस के आधिकारिक हेंडल से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, श्रीगंगानगर की भी एक वीडियो पोस्ट मिली। इस पोस्ट में बताया गया कि श्रीगंगानगर पुलिस, श्रीगंगानगर पुलिस द्वारा आमजन से अपील:- सोशल मीडिया पर नाबालिग बालिका दुष्कर्म प्रकरण से संबंधित वायरल हो रहे कई वीडियो, फोटो एवं रील्स पूरी तरह फर्जी, भ्रामक और तथ्यहीन हैं। इनका श्रीगंगानगर में दर्ज प्रकरण से कोई संबंध नहीं है।* *पीड़िता सकुशल, सुरक्षित है और अपने परिवार के साथ है।* बिना सत्यापन किसी भी पोस्ट, वीडियो या संदेश को शेयर न करें। *पीड़िता की पहचान उजागर करने, फर्जी/भ्रामक सामग्री प्रसारित करने या आरोपियों की रस्सी से बांध कर मारपीट करने, पीड़िता की मृत्यु संबंधी वीडियो प्रसारित किये जा रहे है, अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।* *केवल #श्रीगंगानगर_पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।*
निष्कर्ष:
DFRAC के फैक्ट चेक से साबित होता है कि वायरल तस्वीर के साथ शेयर किया गया दावा फेक है। पीड़िता अपने परिवार के साथ सकुशल व सुरक्षित है।
