कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जंतर-मंतर पर जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का एक वीडियो तेजी के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में पीयूष गोयल को सुना जा सकता है कि – मेरा साफ मानना है कि हमें दो-तीन कॉकरोचों को सरेआम लटका देना चाहिए ताकि इस जनता पार्टी को असलियत का अंदाजा हो जाए की हमारी ताकत क्या है और हम किस हद तक जा सकते हैं। जब ये लोग अपने दो-तीन कॉकरोचों को इस तरह लटकते हुए देखेंगे तो इनका सारा हूड़दंग शांत हो जाएगा और ये खुद ही अपना प्रदर्शन खत्म करके धम दबाकर भाग जाएंगे। मेरा मोदी जी को यही सीधा मशवरा है कि वह बिना किसी हिचकिचाट के बिल्कुल वही करें जो उन्होंने गुजरात में किया था। इन उपद्रवियों से निपटने का अब यही एक रास्ता बचा।
हालांकि DFRAC की जांच में वायरल वीडियो भ्रामक पाया गया। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने “कॉकरोचों को फांसी पर लटकाने” जैसा कोई बयान नहीं दिया। उन्होने अपने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ़ कर दिया है कि पेपर लीक के ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को जल्द और कड़ी सज़ा दिलाने के लिए फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। सरकार देश के युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए कई और कदम भी उठाएगी।

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सोशल साईट X (पूर्व ट्विटर) पर वेरिफाइड यूजर The Whistle Blower ने वायरल वीडियो को शेयर कर लिखा कि ब्रेकिंग केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (@PiyushGoyal) की ओर से कॉकरोच जनता पार्टी को कड़ी धमकी – “हम 2 या 3 कॉकरोच को फांसी पर लटकाकर बाकी कॉकरोच को ऐसा सबक सिखाएंगे जिसे वे कभी नहीं भूलेंगे। बस इंतज़ार करो और देखो।”

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इसके अलावा एक अन्य वेरिफाइड यूजर Dayananda Saraswati ने वायरल वीडियो को शेयर कर लिखा कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की ओर से कॉकरोच जनता पार्टी को कड़ी धमकियां। वीडियो व्हाट्सएप ग्रुप्स में खूब शेयर हो रहा है।
#जंतर #CJPMovement
फैक्ट चेक:

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वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए DFRAC ने वायरल वीडियो को कीफ्रेम में कन्वर्ट कर रिवर्स सर्च किया। इस दौरान हमें ऐसा ही एक वीडियो सोशल साईट X (पूर्व ट्विटर) पर मिला। न्यूज़ एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) द्वारा 23 जुलाई 2026 को शेयर किये गए इस वीडियो को केप्शन देते हुए लिखा गया कि वीडियो | PM मोदी के X पोस्ट पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (@PiyushGoyal) ने कहा, “आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ़ कर दिया है कि ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को जल्द और कड़ी सज़ा दिलाने के लिए फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। सरकार देश के युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए कई और कदम भी उठाएगी। हम कांग्रेस पार्टी और विपक्ष से अपील करते हैं कि वे इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करें। चर्चा से पीछे न हटें। विपक्ष बहस से बच रहा है और मामले को राजनीतिक रंग दे रहा है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। हम सभी से शांति बनाए रखने और बातचीत के ज़रिए इस मुद्दे को सुलझाने की अपनी सामूहिक ज़िम्मेदारी निभाने का आग्रह करते हैं…”

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इसके अलावा ऐसा ही एक अन्य वीडियो हमें डीडी न्यूज़ द्वारा शेयर किया हुआ मिला। 23 जुलाई 2026 को पोस्ट किये गए इस वीडियो को केप्शन देते हुए लिखा गया कि #WATCH | केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ़ कर दिया है कि पेपर लीक मामलों में शामिल लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे ताकि जल्द न्याय मिल सके और कड़ी सज़ा दी जा सके। केंद्रीय मंत्री गोयल ने विपक्ष से इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करने की अपील की और संसद में रचनात्मक चर्चा का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के हितों की रक्षा करने और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। #Fast_Track_Courts #FastTrackCourts @PMOIndia @narendramodi @PiyushGoyal @MIB_India @PIB_India

जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने वायरल वीडियो AI टूल detect video से जांच की। इस दौरान पता वायरल वीडियो में हेरफेर के संकेत मिले हैं। कई फोरेंसिक संकेत बढ़े हुए हैं, जिससे AI/हेरफेर की 56% संभावना बनती है।

वहीं एक अन्य AI टूल hive detect से जांच करने पर सामने आया कि वायरल वीडियो के AI जनरेटेड होने की संभावना 14.7 फीसद है। वहीं संभावना है कि इसमें AI-जनरेटेड स्पीच 59.3 फीसद है।

अंत में हमने AI टूल Deep Fake Detection से भी वायरल वीडियो की जांच की। इस दौरान वायरल वीडियो के AI द्वारा जनरेट होने की संभावना 85 फीसद आई।
वीडियो के संबंध में हमने आईटी एक्सपर्ट आसिम शेख (Director Syncsas Technology) से भी बातचीत की। उन्होने बताया कि वायरल क्लिप में ऑडियो और वीडियो के बीच असंगति दिखाई देती है। उनके अनुसार, वीडियो में मूल ऑडियो को बदलकर या उसके ऊपर दूसरी आवाज़ जोड़े जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
वहीं हमने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की सोशल मीडिया टीम से भी बातचीत की। उन्होने भी वायरल वीडियो को भ्रामक बताते हुए कहा कि वीडियो को एडिट कर अलग से दूसरी आवाज को जोड़ा गया है।
निष्कर्ष:
DFRAC की जांच में वायरल दावा भ्रामक पाया गया। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने “कॉकरोचों को फांसी पर लटकाने” जैसा कोई बयान नहीं दिया। जांच में मिले मूल वीडियो से स्पष्ट हुआ कि वायरल वीडियो के ऑडियो के साथ छेड़छाड़ कर भ्रामक दावा फैलाया गया।
| Claim Review | केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कॉकरोच को फांसी पर लटकाने की दी धमकी? |
| Claimed By | X User The Whistle Blower |
| Fact Check | भ्रामक |
Our Sources:
- X Post by Press Trust of India (PTI), Posted on 23 July 2026.
- X Post by DD NEWS, Posted on 23 July 2026.
- Technical analysis by IT expert AI Expert Aasim Sheikh (Director Syncsas Technology) shared with DFRAC.
- Detect Video AI forensic analysis of the viral video.
- Hive Detect AI Detector analysis of the viral video’s audio.
- Deepfake Detection AI forensic analysis of the viral video.
- Statement from Union Minister Piyush Goyal’s social media team
