सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि गले में भगवा गमछा डाले शख्स की दो छात्राएं पिटाई कर रही हैं। इस वीडियो को शेयर करने वाले यूजर्स दावा कर रहे हैं कि अब्दुल नामक युवक छात्राओं का मोबाइल छिनने की कोशिश कर रहा था, लेकिन छात्राओं ने हिम्मत दिखाते हुए उसे ना सिर्फ पकड़ा, बल्कि उसकी पिटाई भी की।
इस वीडियो को शेयर करते हुए ocean jain नामक यूजर ने लिखा, ‘भगवा कपड़े में अब्दुल स्कूल की छात्रा का मोबाइल छीनने की कोशिश करता है। छात्राओं ने हिम्मत दिखाते हुए उसका विरोध किया और जमकर मुकाबला किया। फिर लड़कियों ने उसकी थप्पड़ों से जमकर सेवा की।’ ओसियन जैन नामक यह यूजर सोशल मीडिया पर लगातार फेक और भ्रामक सूचनाएं शेयर करती है। DFRAC की टीम ने ओसियन जैन द्वारा इससे फैलाए गए कई फेक और भ्रामक सूचनाओं का फैक्ट चेक किया है, जिसे यहां क्लिक करके पढ़ा सकता है।

वहीं SP Sharma नामक यूजर ने इस वीडियो को छात्राओं के साथ छेड़खानी की घटना बताकर सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर किया गया है। इस यूजर ने कैप्शन में लिखा, ‘अल्लाह, मोहम्मद, इस्लाम, कुरान, मुसलमान की असलियत (सवर्ण / ब्राह्मण ल़डकियों का मेरा वाला अब्दुल छोड़ कर) भगवा गमला पहन कर, छेड़छाड़ किसी सवर्ण की हिम्मत नहीं कि कोई action ले, बोले या इसके खिलाफ खड़ा भी हो चुप रहो, मुँह फ़ेर लो और अपनी बहन बेटी का इंतजार करो’

इसके अलावा कई अन्य यूजर्स द्वारा इस वीडियो को अब्दुल या मुस्लिम शख्स द्वारा छात्राओं के साथ मोबाइल छिनने की घटना बताकर शेयर किया गया है, जिसे यहां, यहां, यहां, यहां और यहां देखा जा सकता है।
फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि यह दावा भ्रामक है। आरोपी अब्दुल नहीं है और उसकी पहचान पंजाब के जालंधर के रहने वाले मनप्रीत सिंह के तौर पर हुई है। यह घटना मध्य प्रदेश के ग्वालियर के पड़ाव थाना क्षेत्र की है। वहीं, हमारी टीम ने इस घटना के संदर्भ में पड़ाव थाना प्रभारी शैलेंद्र भार्गव से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि आरोपी मुस्लिम नहीं है। आरोपी का नाम मनप्रीत सिंह पुत्र जसपाल सिंह कौर है, जो पंजाब के जालंधर का रहने वाला है।
हमारी टीम ने जांच के वायरल वीडियो को की-फ्रेम्स में कन्वर्ट किया, फिर गूगल लेंस की मदद से रिवर्स इमेज सर्च किया। हमें इस घटना के संदर्भ में आज तक, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर सहित कई मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं। आज तक की रिपोर्ट में बताया गया है, ‘मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में दो जुड़वां बहनों ने अपनी दिलेरी और निडरता से अपराध के खिलाफ मिसाल पेश की है. फूलबाग चौराहे पर मोबाइल स्नैचिंग कर भाग रहे एक शातिर बदमाश का दोनों बहनों ने 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से स्कूटी दौड़ाकर पीछा किया. चौराहे पर उसे घेरकर स्कूटी से टक्कर मारी और जमीन पर गिरने के बाद भी उठकर बदमाश को दबोच लिया. इसके बाद बीच सड़क पर ही उसकी लात-थप्पड़ों से जमकर पिटाई कर दी. आरोपी की पहचान पंजाब के जालंधर निवासी मनप्रीत के रूप में हुई है, जो काम के सिलसिले में ग्वालियर आया था.‘

ईटीवी भारत की रिपोर्ट में उल्लेखित है, ‘पड़ाव थाना क्षेत्र में एक लूट की वारदात को पीड़ित बहनों की सतर्कता और साहस ने नाकाम कर दिया. मोबाइल छीनकर बाइक से भाग रहे आरोपी को पीड़ित बहनों ने पीछा कर दबोच लिया. स्नैचर को बीच सड़क जमकर सबक सिखाया. इसके बाद आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने इस बहादुरी के लिए दोनों का सम्मान किया है.’ इस रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से बताया गया है, ‘थाना प्रभारी शैलेन्द्र भार्गव ने बताया, “आरोपी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. आरोपी का नाम मनप्रीत है. जो मूल रूप से पंजाब का रहने वाला है. वह ग्वालियर में रह कर फूड डिलीवरी का काम करता है.’ वहीं दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में भी आरोपी का मनप्रीत बताया गया है।
हमारी टीम ने इस घटना के संदर्भ में पड़ाव थाना प्रभारी शैलेंद्र भार्गव से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि आरोपी मुस्लिम नहीं है। आरोपी का नाम मनप्रीत सिंह पुत्र जसपाल सिंह कौर है, जो पंजाब के जालंधर का रहने वाला है।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर किया गया दावा भ्रामक है। छात्राओं से मोबाइल छिनने का आरोपी अब्दुल नहीं है, बल्कि उसकी पहचान पंजाब के जालंधर निवासी मनप्रीत सिंह के तौर पर हुई है। पड़ाव पुलिस ने भी DFRAC से बात करते हुए वायरल दावे का खंडन किया है।
| Claim Review | In Madhya Pradesh, a saffron-clad Abdul tried to snatch mobile phones from female students. |
| Claimed By | X User– ocean jain, SP Sharma and Others |
| Fact Check | Misleading |
Our Sources:
- News Coverage of Dainik Bhaskar on August 9th, 2026
- News Coverage of ETV Bharat on August 9th, 2026
- News Coverage of Aaj Tak on August 10th, 2026
- Padav Police Station In-Charge Statement to DFRAC
