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फैक्ट चेक: धारा 370 हटने के बाद कश्मीर में गो-हत्या पर लगी रोक के दावे की हक़ीक़त


पिछले 2 दिनों से कश्मीर का एक वीडियो सभी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है| इस वीडियो में एक शख्स को कश्मीरी में गोहत्या को रोकने के लिये कहते हुए सुना जा सकता है। वीडियो में दिख रहा शख्स को यह कहते हुए भी सुना जा सकता है, “मैं देखूंगा कि तुम 20-22 गायों को कैसे मारोगे, मोलवी साहब क्या यह बूचड़खाना है? इससे मैं आहत हूं। तुम इतनी गायों का वध करोगे, मुझे बदबूदार गंध और खून का क्या करना चाहिए? इस बार मैं देखूंगा कि तुम कैसे करोगे, यहां कोई गड्ढा मत खोदो, मैं तुमसे कह रहा हूं।”

वीडियो को कई यूजर्स द्वारा अपलोड किया गया है और सैकड़ों बार शेयर किया गया है, इसमें दावा किया गया है कि वीडियो में दिख रहा शख्स एक कश्मीरी पंडित है, जो अनुच्छेद 370 और 35A के निरस्त होने के बाद गोहत्या को रोकने में सक्षम हुआ है

ट्विटर पर पोस्ट किया गया वीडियो
इसी तरह के दावे के साथ पोस्ट किया गया वीडियो

फैक्ट चेक

इस वीडियो के मुख्य फ़्रेमों को रिवर्स सर्च करने पर, हमने पाया कि इस तस्वीर को सबसे पहले अगस्त में जम्मू संवाद नामक एक फेसबुक पेज पर पोस्ट किया गया था। इस वीडियो को 6 अगस्त 2021 अगस्त को पोस्ट किया गया।


कुछ और पड़ताल करने पर हमने पाया कि मीडिया वेबसाइट द कश्मीर वाला वीडियो में दिख रहे शख्स के पास पहुंचा और उससे बात-चीत की, जिसमें पता चला कि वीडियो में दिख रहा शख्स एक कश्मीरी मुस्लिम है जिसका नाम आरिफ जान है। कश्मीर वाला को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंन यह भी कहा कि उन्हें जिब्ह किए गए जानवरों की गंध से समस्या थी हालांकि उन्हें खुद वध से कोई समस्या नहीं है।


उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे को उसी दिन मुस्लिम समुदाय द्वारा हल किया गया था, लेकिन वह इस वीडियो के वायरल होने की वजह से चिंतित था। चूंकि वीडियो में मौजूद व्यक्ति ने खुद आगे आकर मामले को स्पष्ट किया, इसलिए यह दावा भ्रामक है और केवल दुष्प्रचार के उद्देश्य से फैलाया गया था।