पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के तहत गुरुवार को 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान हुआ। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ता मतदान केंद्रों के पास प्रचार कर रहे थे, जिस पर पुलिस ने उन्हें पीट दिया।

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सोशल साईट X पर वेरिफाइड यूजर भास्कर मिश्रा ने वायरल वीडियो को शेयर कर लिखा कि TMC के कुछ शांतिप्रिय कार्यकर्ता मतदान केंद्रों के पास सड़कों पर बैठकर तृणमूल के लिए प्रचार कर रहे हैं फिर देखिए क्या हुआ…… पुलिस भी रंग बदल दी, CRPF को देख कर , ये संकेत है बदलाव के

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वहीं एक अन्य वेरिफाइड यूजर अभिमन्यु सिंह ने वायरल वीडियो को शेयर कर लिखा कि तृणमूल कांग्रेस के दो “शांतिप्रिय” कार्यकर्ता मतदान केंद्रों के पास सड़क पर बैठकर निर्वाचन पर्ची काट रहे थे। तभी वहां पहुंचे पुलिस कर्मी ने जोरदार दो थप्पड़ जड़े, हाँथ दुखा तो डंडा लेकर पीटना शुरू कर दिया। दोनों कार्यकर्ता जान बचाकर भाग गए। #westbengal

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इसके अलावा कई अन्य यूजर ने भी वायरल वीडियो को ऐसे ही मिलते-जुलते दावों के साथ शेयर किया है। जिसे यहां पर क्लिक कर देखा जा सकता है।
फैक्ट चेक:

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वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए DFRAC ने वीडियो के कीफ्रेम निकालकर रिवर्स इमेज सर्च किया। जांच के दौरान हमें यही वीडियो फेसबुक पर 9 जुलाई 2023 को पोस्ट किया हुआ मिला। पोस्ट के कैप्शन में इसे पश्चिम बंगाल के बसंती (कैनिंग) क्षेत्र का बताया गया था।

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आगे की जांच में यूट्यूब पर भी इस वीडियो से जुड़ी एक मीडिया रिपोर्ट मिली, जिसे 8 जुलाई 2023 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, पंचायत चुनाव 2023 के दौरान बसंती इलाके में बमबाजी की घटनाओं के बाद तनाव का माहौल था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की थी और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया गया था।
निष्कर्ष:
वायरल वीडियो हालिया पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से जुड़ा नहीं है। यह वीडियो जुलाई 2023 में हुए पंचायत चुनाव के दौरान का है। ऐसे में वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है।

