karnaprayag zipline accident

फैक्ट चेकः AI-जनरेटेड वीडियो को कर्णप्रयाग में जिपलाइन हादसा बताकर भ्रामक दावा किया गया

Fact Check hi Featured Misleading

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में दिल्ली से आई एक महिला पर्यटक जिपलाइन टूटने से हादसे का शिकार हो गई। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि जिपलाइन के टूटने से महिला कई फीट नीचे गिर जाती है।

इस वीडियो को शेयर करते हुए Kedar Nath Dubey नामक यूजर ने लिखा, ‘दिल्ली से आए पर्यटक कर्ण प्रयाग में जिपलाइनिंग करते हुए दुर्घटनाग्रस्त अति भयावह’

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Priya Singh Rajput नामक एक अन्य यूजर ने इसी वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, ‘Reels के चकर में ज़िन्दगी गवा रहे रील्सबाजी लोग दिल्ली से आये पर्यटक का कर्ण प्रयाग में जिपलाइनिंग करते हुए दुर्घटनाग्रस्त अति भयावह दृश्य’

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इसके अलावा कई अन्य यूजर्स द्वारा इस वीडियो को कर्णप्रयाग में जिपलाइन हादसे के बताकर शेयर किया गया है, जिसे यहां और यहां देखा जा सकता है।

फैक्ट चेकः

DFRAC की टीम ने वायरल वीडियो की जांच में पाया कि यह किसी वास्तविक घटना का वीडियो नहीं है, बल्कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा बनाया गया है। हमने वीडियो की जांच AI-डिटेक्टर टूल हाइव मॉडरेशन पर की। हमारी जांच में परिणाम सामने आया कि इस वीडियो के AI-जनरटेड होने के चांस 99.6% हैं, जो यह स्पष्ट करता है कि वीडियो AI-जनरटेड है।

हमने वायरल वीडियो का एक अन्य AI-डिटेक्टर टूल detectvideo.ai पर जांच की। इस टूल की विस्तृत जांच में परिणाम सामने आया कि यह वीडियो AI-जनरटेड है। detectvideo.ai की जांच में Face consistency– 64%, Motion authenticity-89%, Compression anomalies-64%, Temporal consistency-74%, Source reliability-63% और Synthetic texture indicators-62% है।

हमने वायरल वीडियो के बारे में विश्लेषण के लिए एआई विशेषज्ञ मयंक शर्मा से संपर्क किया। मयंक ने हमें बताया कि वायरल वीडियो की फ्रेम-दर-फ्रेम जांच में कई ऐसे संकेत मिले जो इसे एआई-जनरेटेड या एआई-संशोधित कंटेंट की ओर इशारा करते हैं। वीडियो में कुछ फ्रेम्स में किनारों और गतियों के आसपास डिजिटल विकृतियां (artifacts) भी नजर आती हैं। इसके अलावा, विषय और पृष्ठभूमि के बीच मेल तथा गति की निरंतरता में असंगतियां देखी गईं।

वहीं, हमें इस वीडियो के संदर्भ में चमोली पुलिस का एक पोस्ट मिला, जिसमें बताया गया है, ‘कर्णप्रयाग में जिपलाइनिंग हादसे का वायरल वीडियो पूरी तरह भ्रामक एवं AI जनरेटेड है’

निष्कर्षः

DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर किया गया दावा गलत है। वायरल वीडियो कर्णप्रयाग की किसी रियल घटना का नहीं है, बल्कि AI-जनरेटेड है।