Digital Forensic, Research and Analytics Center

शनिवार, जून 25, 2022
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
होमFact Checkरामनवमी रैली की पुरानी क्लिप को अमरावती दंगों से जोड़कर किया जा...

रामनवमी रैली की पुरानी क्लिप को अमरावती दंगों से जोड़कर किया जा रहा वायरल

Published on

Subscribe us

हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद महाराष्ट्र के अमरावती में दो समुदायों के बीच तनाव जारी है। जिसके बाद शहर में कर्फ़्यू लगा दिया। बावजूद सोशल मीडिया पर फेक न्यूज़ पोस्ट की जा रही है। एक कथित वीडियो इस दावे के साथ अमरावती हिंसा से जोड़कर वायरल किया जा रहा है कि भगवा ध्वज लहराते हुए एक भीड़ मस्जिद के सामने हिन्दुत्व की रक्षा कर रही है।

वायरल विडियो के केप्शन में कहा गया, त्रिपुरा दंगे के खिलाफ मुसलमानों ने कल किए गए बंद के बाद आज भाजपा के विरोध प्रदर्शन के बाद महाराष्ट्र के अमरावती में कर्फ्यू, Hinduism और Hindutva को समझने के लिये इससे बढ़िया उदाहरण नहीं मिलेगा! हिंदुइज्म की रक्षा करना ही हिंदुत्व का काम है! जय जय श्री राम।

पोस्ट के आर्काइव्ड वर्जन यहां और यहां देखे जा सकते हैं।

फेक्ट चेक

हालांकि हमारी टीम ने जब इस वीडियो की सच्चाई का पता करने का प्रयास किया तो इस वीडियो के साथ किए जा रहे दावे को भ्रामक पाया है। 

दरअसल, इस वीडियो को की-फ्रेम को येंडेक्स पर रिवर्स सर्च करने पर सामने आया कि इस वीडियो से जुडी तस्वीरों को न्यूज़ एजेंसी ANI ने 13 अप्रैल, 2019 को अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया था। पोस्ट के साथ ANI ने लिखा – कर्नाटक: कलबुर्गी में आज निकाले गए #रामनवमी जुलूस के दृश्य। जुलूस के दौरान मुस्लिमों को भगवान राम के भक्तों को जूस बांटते देखा गया।

न्यूज़ एजेंसी ANI के इस ट्वीट से स्पष्ट होता है कि यह वीडियो महाराष्ट्र के अमरावती का न होकर कर्नाटक के कलबुर्गी का है। जिसे गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा। अत: यह वीडियो भ्रामक है।

DFRAC Editor
DFRAC Editorhttps://dfrac.org
Digital Forensics, Research and Analytics Centre (DFRAC) is a non-partisan and independent media organisation which focuses on fact-checking and identifying hate speech. With the popularisation of the internet came the challenge of information overload and often times, our feeds are overpopulated with conflicting, incendiary and false information which is increasingly becoming difficult to ignore and not believe in

Popular of this week

Latest articles

महाराष्ट्र में शिवसेना और NCP कार्यकर्ताओं के बीच हुई हाथापाई और मारपीट?, पढ़ें- फैक्ट चेक

महाराष्ट्र में शिवसेना अपने विधायकों की बगावत से जूझ रही है। पार्टी के कई...

पूर्व राष्ट्रपति पाटिल के PM मोदी की तारीफ़ करने का फ़र्ज़ी दावा वायरल 

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जमकर वायरल हो रहा है। इस पोस्ट मे दावा...

फैक्ट चेकः Samajwadi Party नेता ने लिसिप्रिया कंगुजम को विदेशी बताने के पीछे मीडिया को ठहराया दोषी

ताजमहल को लेकर Samajwadi Party के डिजिटल मीडिया कोआर्डिनेटर मनीष जगन अग्रवाल ने एक...

फैक्ट चेक: Aaditya Thackeray को लेकर ज़ी न्यूज, इंडिया TV सहित कई मीडिया चैनलों ने फैलाया झूठ

महाराष्ट्र में शिवसेना के अंदर गतिरोध जारी है। पार्टी के कई विधायक एकनाथ शिंदे...

all time popular

More like this

महाराष्ट्र में शिवसेना और NCP कार्यकर्ताओं के बीच हुई हाथापाई और मारपीट?, पढ़ें- फैक्ट चेक

महाराष्ट्र में शिवसेना अपने विधायकों की बगावत से जूझ रही है। पार्टी के कई...

पूर्व राष्ट्रपति पाटिल के PM मोदी की तारीफ़ करने का फ़र्ज़ी दावा वायरल 

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जमकर वायरल हो रहा है। इस पोस्ट मे दावा...

फैक्ट चेकः Samajwadi Party नेता ने लिसिप्रिया कंगुजम को विदेशी बताने के पीछे मीडिया को ठहराया दोषी

ताजमहल को लेकर Samajwadi Party के डिजिटल मीडिया कोआर्डिनेटर मनीष जगन अग्रवाल ने एक...

फैक्ट चेक: Aaditya Thackeray को लेकर ज़ी न्यूज, इंडिया TV सहित कई मीडिया चैनलों ने फैलाया झूठ

महाराष्ट्र में शिवसेना के अंदर गतिरोध जारी है। पार्टी के कई विधायक एकनाथ शिंदे...

फैक्ट चेक: पीएम मोदी की तारीफ करते ऑस्ट्रेलियाई पीएम का पुराना वीडियो वायरल

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबॉट का नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया...

फ़ैक्ट चेक: अमूल का बैनर सोशल मीडिया पर क्यों हो रहा है वायरल? जानिए, पीछे की कहानी 

अमूल (Amul) भारत का ऐसा ब्रांड है कि यहां बच्चा बच्चा अमूल के बारे...