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रामनवमी रैली की पुरानी क्लिप को अमरावती दंगों से जोड़कर किया जा रहा वायरल

हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद महाराष्ट्र के अमरावती में दो समुदायों के बीच तनाव जारी है। जिसके बाद शहर में कर्फ़्यू लगा दिया। बावजूद सोशल मीडिया पर फेक न्यूज़ पोस्ट की जा रही है। एक कथित वीडियो इस दावे के साथ अमरावती हिंसा से जोड़कर वायरल किया जा रहा है कि भगवा ध्वज लहराते हुए एक भीड़ मस्जिद के सामने हिन्दुत्व की रक्षा कर रही है।

वायरल विडियो के केप्शन में कहा गया, त्रिपुरा दंगे के खिलाफ मुसलमानों ने कल किए गए बंद के बाद आज भाजपा के विरोध प्रदर्शन के बाद महाराष्ट्र के अमरावती में कर्फ्यू, Hinduism और Hindutva को समझने के लिये इससे बढ़िया उदाहरण नहीं मिलेगा! हिंदुइज्म की रक्षा करना ही हिंदुत्व का काम है! जय जय श्री राम।

पोस्ट के आर्काइव्ड वर्जन यहां और यहां देखे जा सकते हैं।

फेक्ट चेक

हालांकि हमारी टीम ने जब इस वीडियो की सच्चाई का पता करने का प्रयास किया तो इस वीडियो के साथ किए जा रहे दावे को भ्रामक पाया है। 

दरअसल, इस वीडियो को की-फ्रेम को येंडेक्स पर रिवर्स सर्च करने पर सामने आया कि इस वीडियो से जुडी तस्वीरों को न्यूज़ एजेंसी ANI ने 13 अप्रैल, 2019 को अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया था। पोस्ट के साथ ANI ने लिखा – कर्नाटक: कलबुर्गी में आज निकाले गए #रामनवमी जुलूस के दृश्य। जुलूस के दौरान मुस्लिमों को भगवान राम के भक्तों को जूस बांटते देखा गया।

न्यूज़ एजेंसी ANI के इस ट्वीट से स्पष्ट होता है कि यह वीडियो महाराष्ट्र के अमरावती का न होकर कर्नाटक के कलबुर्गी का है। जिसे गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा। अत: यह वीडियो भ्रामक है।