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फैक्ट चेक: स्वास्थ्य मंत्री द्वारा सबको ‘मुफ्त वैक्सीन’ का दावा कितना गलत, कितना सही?

भारत के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया का एक ट्वीट वायरल हो रहा है। उन्होंने शुक्रवार, 17 सितंबर को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के दौरान COVID-19 टीकाकरण अभियान को 30 गति प्रदान करने का आह्वान करते हुए कहा कि यह उनके लिए एक आदर्श उपहार होगा।
मनसुख मंडाविया ने 16 सितंबर 2021 को एक ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा- “सबको वैक्सीन, मुफ़्त वैक्सीन’ की PM @NarendraModi जी ने देश को सौग़ात दी है! कल हम सबके प्रिय प्रधानमंत्री जी का जन्मदिन है, चलो #VaccineSeva कर जिन्होंने वैक्सीन नहीं ली है, ऐसे अपनों को, परिजनों को और समाज के सभी तबकों को टीका लगवाकर, उनको जन्मदिन का उपहार देते हैं।”

ट्वीट

फैक्ट चेक:

हमारी टीम द्वारा इस पर कुछ शोध करने के बाद हमने पाया कि स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया के इस ट्वीट को भ्रामक माना जा रहा है क्योंकि निजी अस्पतालों में टीके मुफ्त नहीं हैं। निजी अस्पताल कोविशील्ड के लिए अधिकतम ₹780, कोवैक्सिन के लिए ₹1,410 और केंद्र द्वारा घोषित स्पुतनिक वी के लिए ₹1,145 चार्ज कर सकते हैं। केंद्र ने यह भी कहा कि निजी अस्पताल सेवा शुल्क पर ₹150 तक चार्ज कर सकते हैं और राज्य सरकार चार्ज की जा रही कीमतों की निगरानी करेगी।

टीकों की लागत पर खबर द हिंदुस्तान टाइम्स और इकोनॉमिक टाइम्स द्वारा भी प्रकाशित की गई थी।