Ladakh Protest

फैक्ट चेकः लद्दाख में हिंसक प्रदर्शन का दावा गलत है, वायरल वीडियो पिछले साल हुए प्रदर्शन का है

Fact Check hi Featured Misleading

लद्दाख में पिछले साल सितंबर में पूर्ण राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची का विस्तार, लेह और कारगिल के लिए अलग लोकसभा सीटें और रोजगार में आरक्षण सहित अन्य मुद्दों को लेकर प्रदर्शन हुए थे। इस दौरान विरोध प्रदर्शन हिंसक भी हो गया था। इस घटना के बाद से लद्दाख में मांगों को लेकर बातचीत कौ दौर जारी है। इस बीच सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा हैंडल्स एक प्रदर्शन का वीडियो शेयर कर दावा कर रहे हैं कि लद्दाख में शिक्षाविद सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद हिंसक प्रदर्शन शुरु हो गए हैं।

वीडियो को शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा, ‘लद्दाख में भारी विरोध प्रदर्शन। लद्दाख के क्रांतिकारी नेता सोन वांगचुक की गिरफ्तारी की खबर के बाद लद्दाख में भारी हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। लद्दाख के लोग भारतीय सेना से न्याय और आजादी चाहते हैं, जो आम लोगों पर हमला कर रही है।’

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फैक्ट चेकः

DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि यह दावा भ्रामक है। वायरल वीडियो पिछले साल सितंबर में हुए प्रदर्शन का है और सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का दावा भी गलत है। हमने सबसे पहले वीडियो को की-फ्रेम्स में कन्वर्ट किया फिर उन्हें गूगल लेंस की मदद से रिवर्स इमेज सर्च किया। हमें इस प्रदर्शन की कई वीडियो और न्यूज कवरेज मिली। Asianet News English के यूट्यूब चैनल पर 24 सितंबर 2025 को अपलोड एक न्यूज रिपोर्ट में वायरल वीडियो को देखा जा सकता है।

इस वीडियो के साथ जानकारी दी गई है, ‘लेह में राज्य के समर्थन में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, क्योंकि हज़ारों लोगों ने लद्दाख को छठी अनुसूची का दर्जा और पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग की। पुलिस के साथ झड़प के बाद आंदोलन हिंसक हो गया, और प्रदर्शनकारियों ने लेह में BJP ऑफिस में आग लगा दी। CRPF और लोकल पुलिस ने अब प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है, जिससे स्थिति काबू में आ गई है।’

वहीं हमें इस प्रदर्शन के संदर्भ में DW और arunachal24 सहित कई अन्य मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं। DW की रिपोर्ट में बताया गया है, ‘पूर्ण राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची के विस्तार की मांग को लेकर बुधवार को लद्दाख में हिंसा भड़क गई, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और 50 के करीब लोग घायल हो गए. केंद्र ने हिंसा के लिए सोनम वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया है.’

वहीं arunachal24 की रिपोर्ट में उल्लिखित है, ‘लेह में लद्दाख के लिए राज्य का दर्जा और संवैधानिक सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई हिंसक झड़पों में कम से कम चार लोग मारे गए और 70 से अधिक घायल हो गए, जिससे केंद्र शासित प्रदेश में अराजकता फैल गई। क्षेत्र में पूर्णतः बंद रहा, प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यालय और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक वाहन को आग लगा दी, जिसके बाद अधिकारियों ने पूरे शहर में सख्त कर्फ्यू लगा दिया।’

वहीं हमारी टीम ने पाया कि सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी की बात भी पूरी तरह से झूठी है। सोनम वांगचुक सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं और उन्होंने 8 जून की रात 10ः54 बजे एक पोस्ट किया है। इससे पहले वह 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल हुए थे।

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वहीं हमारी टीम ने इस बारे में और ज्यादा जानकारी के लिए लद्दाख लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी और सामाजिक कार्यकर्ता सज्जाद हुसैन से संपर्क किया। सज्जाद ने हमें बताया कि यहां कोई ऐसा हिंसक प्रदर्शन नहीं हो रहा है और जो हिंसक प्रदर्शन होने का दावा किया गया है, वो पूरी तरह से निराधार है। उन्होंने बताया कि कई राउंड की बातचीत हुई है, जिसके बाद सभी लोग सरकार की तरफ से कोई ठोस पहल किए जाने का इंतजार कर रहे हैं।

निष्कर्षः

फैक्ट चेक से साफ है कि वायरल दावा भ्रामक है। सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का दावा भी गलत है। वहीं वायरल वीडियो पिछले साल सितंबर में हुए प्रदर्शन का है।