नोएडा में वेतन सहित कई मांगों को लेकर श्रमिकों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कई गाड़ियों में आग भी लगा दी गई। इस बीच सोशल मीडिया पर एक फैक्ट्री में भीषड़ आग लगने का वीडियो नोएडा सेक्टर-62 का बताकर शेयर किया जा रहा है। यूजर्स का दावा है कि प्रदर्शनकारियों ने एक फैक्ट्री में आग लगी दी है।
इस वीडियो को शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा, ‘यह नोएडा सेक्टर 62 है…’

एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘भारत के सबसे बड़े औद्योगिक केंद्र नोएडा में वेतन वृद्धि और काम के निश्चित घंटों की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं, क्योंकि फैक्ट्री कर्मचारियों ने वाहनों में आग लगा दी और पत्थरबाज़ी की।’

वहीं, कुछ पाकिस्तानी यूजर्स ने इस वीडियो को ईरान-अमेरिका युद्ध से भारत में स्थितियां बिगड़ने के दावे के साथ शेयर किया है। एक यूजर ने लिखा, ‘ईरान-अमेरिका युद्ध का असर भारत के कारखाने में काम करने वाले श्रमिकों पर पड़ रहा है। नोएडा में प्रदर्शनकारी सरकार की विफलताओं का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि सरकार ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध से जुड़ी बढ़ती मजदूरी और जीवनयापन की लागत जैसे मुद्दों को लेकर विफल रही है। बंदरगाहों और निर्यात के ठप होने के कारण कई श्रमिकों का वेतन रुका हुआ है।’

फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने वायरल वीडियो की जांच में पाया कि यह वीडियो नोएडा सेक्टर-62 में किसी फैक्ट्री में आग लगाए जाने की घटना का नहीं है। यह वीडियो महाराष्ट्र के अंबरनाथ में 9 मार्च को एक केमिकल फैक्ट्री में लगी आग की घटना का है। यह वीडियो हमें Ekmat News के यूट्यूब चैनल पर 9 मार्च 2026 को पोस्ट मिला। इस वीडियो के साथ जानकारी दी गई है, ‘अंबरनाथ के आनंदनगर MIDC में भीषण आग’।
वहीं हमें, केमिकल फैक्ट्री में आग की घटना की कवरेज एबीपी माझा और लोकमत पर भी मिली। एबीपी माझा की रिपोर्ट में बताया गया है, ‘अंबरनाथ के आनंदनगर एमआईडीसी में एक केमिकल कंपनी में भीषण विस्फोट हुआ। विस्फोट के बाद भीषण आग और धुआं फैलता हुआ दिखाई दिया। विस्फोट के बाद, कंपनी के रसायन सड़क पर फैल गए, जिससे सड़क पर आग लग गई और धुएं के गुबार दूर-दूर तक फैलते हुए देखे जा सकते थे।’ (हिन्दी अनुवाद)

इसके बाद, आगे की जांच के लिए हमारी टीम ने नोएडा सेक्टर-62 पुलिस चौकी से संपर्क किया। पुलिस ने वायरल दावों का खंडन करते हुए बताया कि सेक्टर-62 में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यहां किसी भी प्रकार की कंपनी में आग लगने या प्रदर्शनकारियों द्वारा कंपनी में आगजनी किए जाने की कोई घटना नहीं हुई है।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर शेयर किया गया वीडियो नोएडा सेक्टर-62 का नहीं है। यह वीडियो मार्च के महीने में महाराष्ट्र के अंबरनाथ में एक केमिकल फैक्ट्री में आग लगने की घटना का वीडियो है। इसलिए यूजर्स का दावा भ्रामक है।

