भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भाग लिया। पेजेशकियान ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की। इस दौरान ईरानी राष्ट्रपति कई कार्यक्रमों में भी शामिल हुए। इस बीच सोशल मीडिया पर मसूद पेजेशकियान का एक वीडियो जमकर वायरल हुआ, जिसके साथ दावा किया गया कि ईरानी राष्ट्रपति ने एक हिन्दू धर्मगुरु का पैर छुकर आशीर्वाद लिया।
इस वीडियो को शेयर करते हुए Dr. Suresh Chavhanke “Sudarshan News” नामक यूजर ने लिखा, ‘कठमुल्ले ईरान से डोनेशन वापस मांगने लगे हैं! ईरानी प्रधानमंत्री ने सनातनी संत के पैर छूकर दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। इज़रायल के विरुध्द युद्ध में भारत से करोड़ों रुपए एकट्टा कर ईरान भेजे गए थे। अब कट्टरपंथी नाराज़ है।’

Amrendra Bahubali नामक यूजर ने वायरल वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘ईरान के राष्ट्रपति ने हिंदी धर्मगुरु से सुना सनातन
आध्यात्मिक का संदेश …पैर छूकर लिया आशीर्वाद. भारत की खातूने ओर मुल्ले आज रात मातम मनाएंगे. जय सत्य सनातन’

Ach. Ankur Arya Official नामक यूजर ने भी वायरल वीडियो को कैप्शन ‘ईरानी राष्ट्रपति ने एक हिंदू धर्मगुरु से सनातन आध्यात्मिकता का संदेश सुना… और तो और “उनके पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया” कृपया यह वीडियो आरफा पजामी को मत दिखाना।’ के साथ शेयर किया है।

फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने वायरल वीडियो की जांच में पाया कि ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने हिन्दू धर्मगुरु के पैर नहीं छुए थे, बल्कि वह पत्र या पेन उठाने के लिए झुके थे। इस वाकये का आधा-अधूरा वीडियो भ्रामक दावे के साथ शेयर किया गया है। वहीं कार्यक्रम में मौजूद पत्रकार साहिल नकवी ने DFRAC से बात करते हुए वायरल दावे का खंडन किया है और बताया कि मसूद पेजेशकियान किसी का पैर छुने के लिए नहीं बल्कि कोई पत्र या पेन उठाने के लिए नीचे झुके थे।
वायरल दावे की जांच के लिए हमने सबसे पहले गूगल पर कुछ कीवर्ड सर्च किया। हमें न्यूज-18 हिन्दी और मनी कंट्रोल की रिपोर्ट्स मिलीं, जिसमें ईरानी दूतावास के हवाले से बताया गया है कि मसूद पेजेशकियान कागज उठाने के लिए झुके थे। न्यूज-18 हिन्दी की रिपोर्ट के मुताबिक नई दिल्ली स्थित द ओबेरॉय होटल में ईरान के राजदूत और राजनयिकों की ओर से एक विशेष स्वागत समारोह और संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में जगद्गुरु सतीशाचार्य महाराज के साथ-साथ कई प्रमुख भारतीय अंतरधार्मिक नेता, बुद्धिजीवी और कारोबारी शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम के दौरान ही ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान किसी के पैर छूने के लिए नहीं, बल्कि नीचे गिरा एक लेटर उठाने के लिए झुके थे।

वहीं मनी कंट्रोल की रिपोर्ट में बताया गया है, ‘ईरानी दूतावास के सूत्रों के अनुसार, पेज़ेशकियान को बातचीत के दौरान एक अन्य नेता द्वारा एक पत्र सौंपा गया था। वह पत्र गलती से उनके हाथ से गिर गया, जिसके बाद ईरानी राष्ट्रपति को उसे उठाने के लिए झुकना पड़ा।’
वहीं आगे की जांच में हमने पाया कि वायरल वीडियो में INN के पत्रकार साहिल नकवी भी दिख रहे हैं। जिसके बाद हमने साहिल नकवी से संपर्क किया। साहिल ने बताया कि स्पीच देने के बाद राष्ट्रपति पेजेशकियान मंच से उतरे। इस बीच कई लोग उनसे मिलने के लिए आगे बढ़े। इनमें से कई लोग पेजेशकियान को पत्र सौंप रहे थे। इसी दौरान वहां पेन या पत्र गिरा, जिसे उठाने के लिए खुद राष्ट्रपति पेजेशकियान झुके। पेजेशकियान के बाद हिन्दू धर्मगुरु भी नीचे झुके। लेकिन सोशल मीडिया पर आधा-अधूरा वीडियो भ्रामक तरीके से शेयर किया जाने लगा।
हमें साहिल नकवी का INN के फेसबुक पेज पर पोस्ट एक वीडियो भी मिला, जिसमें उन्होंने वायरल वीडियो की पूरी सच्चाई बयान की है।
वहीं साहिल नकवी ने हमारे साथ कार्यक्रम का वीडियो भी शेयर किया, जिसे यहां देखा जा सकता है।
पत्रकार साहिल नकवी द्वारा शेयर किया गया वीडियो
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट के साफ है कि सोशल मीडिया पर किया गया दावा भ्रामक है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने हिन्दू धर्म गुरु सतीशाचार्य महाराज के पैर नहीं छुए थे। वह हाथ से गिरे पत्र या पेन उठाने के लिए झुके थे, जिसका आधा-अधूरा वीडियो भ्रामक दावे के साथ शेयर किया गया है।
| Claim Review | Iranian President Pezeshkian touched the feet of a Hindu religious leader. |
| Claim By | Social Media Users |
| Fact check | Misleading |
Sources:
- News report of News18 Hindi, Published on September 13, 2026
- News report of Money Control, Published on September 13, 2026
- Facebook Post of INN
- Video Shared by Sahil Naqvi to DFRAC
- Journalist Sahil Naqvi statement to DFRAC
