सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल है। इस वायरल वीडियो के साथ दावा किया गया है कि कनाडा में एक भारतीय महिला के घर पर रह रहे स्थानीय किराएदार बीफ पका रहे थे। इस दौरान महिला ने आपत्ति जताई और किराएदारों के साथ मारपीट करते हुए कहा कि उसकी प्रॉपर्टी पर बीफ पकाने की इजाजत नहीं है। इसके बाद किराएदारों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी लैंड ऑनर भारतीय महिला को गिरफ्तार कर लिया।
इस वीडियो को शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा, ‘यह मैडम माया हैं जिन्होंने गोदी मीडिया द्वारा फैलाये हिंदू मुस्लिम के जहर के चलते विदेश में भी अपनी ऐसी तैसी करवा ली। कनाडा में अपने मकान का कुछ हिस्सा किराए पर दे रखा था, लोकल किराएदार बीफ बना रहे थे इसपर माया ने उनसे मारपीट कर डाली कि मेरी प्रॉपर्टी पर ये सब अलाउड नहीं हैं। जबरदस्ती उनके कमरे में भी घुस कर तोड़ फोड़ करने की कोशिश की, और पुलिस को बुला लिया। लेकिन मैडम माया भूल गई कि वो युगांडा में नहीं बल्कि कनाडा में है, पुलिस आई और माया को ही हथकड़ी डालकर, झुकाकर ले गई।’

वहीं Ruksar_X नामक एक अन्य यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘भारतीय महिला अपने कनाडियन किरायदारों को खुले में बीफ पकाने से रोकती है, और बोलती है कि ये प्रॉपर्टी उसकी है, और वो उन्हें ये सब करने नहीं देगी, साथ में फोन करके अपने रिश्तेदारों को बुलाती है, लेकिन महिला भूल गई वो भारत नहीं है, बाद में पीड़ित किरायदारों के पुलिस बुलाने पर महिला को गिरफ्तार कर लिया गया।’

फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि इस घटना में बीफ पकाने या धार्मिक विवाद का कारण नहीं है। यह मकान मालिक महिला और किराएदारों के बीच सिविल विवाद का मामला था। इस घटना के संदर्भ में कनाडा के सरे के सीनियर मीडिया रिलेशंस ऑफिसर, स्टाफ सार्जेंट लिंडसे हॉटन ने DFRAC को बताया कि इस घटना में धार्मिक कारण नहीं है।
वायरल वीडियो की जांच के लिए हमारी टीम ने सबसे पहले वीडियो को कुछ की-फ्रेम्स में कन्वर्ट किया, फिर इन्हें अलग-अलग रिवर्स इमेज सर्च किया। हमें इस घटना के संदर्भ में द टाइम्स ऑफ इंडिया और द इंडियन एक्सप्रेस सहित कई मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं। इन मीडिया रिपोर्ट्स में कहीं भी बीफ पकाने या धार्मिक विवाद का मामला उल्लेखित नहीं है। TOI की रिपोर्ट में बताया गया है, ‘किरायेदार ने मकान मालकिन की पहचान राज तिवाना के रूप में की, और वीडियो श्रृंखला के आखिरी वीडियो में कुछ पुलिसकर्मियों को तिवाना को हिरासत में लेते हुए दिखाया गया। खबरों के मुताबिक, यह विवाद संपत्ति पर बारबेक्यू को लेकर हुए मतभेद के बाद शुरू हुआ। घटना को लेकर शुरू हुई कहासुनी कथित तौर पर किरायेदार और मकान मालकिन के बीच एक बड़े विवाद में बदल गई। मकान मालकिन ने कहा कि जब किरायेदार अपने दोस्त के साथ खाना बना रहा था, तब वह अपनी संपत्ति पर बारबेक्यू की अनुमति नहीं देंगी। महिला का दावा था कि किरायेदार उनकी संपत्ति को जलाने की कोशिश कर रहा था, जबकि किरायेदार का कहना था कि यह सिर्फ जंग (Rust) है। महिला ने यह भी सुझाव दिया कि अगर किरायेदार बारबेक्यू का आनंद लेना चाहता है, तो उसे अपने दोस्त के घर चले जाना चाहिए, क्योंकि उसे अपनी संपत्ति की रक्षा करनी है।’

वहीं, द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में उल्लेखित है, ‘सरे में एक भारतीय मूल की महिला को अपने कनाडाई किराएदार को कथित तौर पर परेशान करने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। यह घटना तब सामने आई जब किराएदार ने इंस्टाग्राम पर कई वीडियो साझा किए जिनमें महिला को उसके घर में घुसते और कथित तौर पर उस पर हमला करते हुए दिखाया गया है। एक वीडियो में राज तिवाना नाम की महिला को घर में रखे बारबेक्यू ग्रिल को लेकर बहस करते हुए दिखाया गया है। वीडियो में महिला किराएदार को खाना बनाने से रोकती हुई दिख रही है, जिसके कारण झगड़ा शुरू हो जाता है। फिर वह ग्रिल से स्टेक फेंकने की कोशिश करती है और पुलिस को बुलाने की धमकी देती है।’
आगे की जांच के लिए हमारी टीम ने कनाडा के सरे पुलिस से संपर्क किया। पुलिस के सीनियर मीडिया रिलेशंस ऑफिसर, स्टाफ सार्जेंट लिंडसे हॉटन ने DFRAC को बताया कि इस घटना में धार्मिक कारण नहीं है। लिंडसे की ओर से बताया गया है, ‘ऑनलाइन वीडियो में मकान मालिक और किरायेदार के बीच चल रहे उस सिविल विवाद का कुछ हिस्सा दिखाया गया है, जिसके लिए कई बार सरे पुलिस सर्विस को बुलाना पड़ा था। मकान मालिक और किरायेदार, दोनों ने ही अलग-अलग समय पर मदद के लिए पुलिस को बुलाया था। एक बार गिरफ्तारी भी हुई थी। मकान मालिक की गिरफ्तारी एक चल रही जांच का हिस्सा है, जिसमें अभी तक कोई औपचारिक आरोप तय नहीं किए गए हैं। किरायेदार अब उस प्रॉपर्टी पर नहीं रहते हैं, और पुलिस को अब किसी भी तरह के विवाद (चाहे वह सिविल हो या कोई और) को सुलझाने के लिए कोई कॉल नहीं आ रही है। ऐसा नहीं माना जाता है कि ये विवाद धार्मिक कारणों से हुए थे।’
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर किया गया दावा भ्रामक है। कनाडा में भारतीय महिला और उसके किराएदारों के बीच विवाद का मामला बीफ या धार्मिक वजहों से नहीं हुआ था। कनाडा की सरे पुलिस ने धार्मिक विवाद जैसे दावों का खंडन किया है। इसलिए यूजर्स का दावा भ्रामक है।
| Claim Review | Indian woman arrested in Canada following a dispute with a tenant over a ‘religious’ issue. |
| Claim By | Social Media Users |
| Fact check | Misleading |
Sources:
- News report of The Times of India, Published on September 11, 2026
- News report of The Indian Express, Published on September 12, 2026
- Surrey police-Canada statement to DFRAC
