सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है, जिसमें देखा जा सकता है कि एक बिल्डिंग को कुछ लोगों द्वारा तोड़ा जा रहा है। इस वीडियो को शेयर करने वाले यूजर्स दावा कर रहे हैं कि भारत के कोलकाता में एयरपोर्ट के पास मौजूद 136 साल पुरानी गौरी जामा मस्जिद को राम मंदिर बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने बुलडोज़र से गिरा दिया। इस दौरान मुसलमान रो रहे थे और मिन्नतें कर रहे थे, लेकिन उनकी एक भी नहीं सुनी गई।
इस वीडियो को शेयर करते हुए All India Muslim Forum नामक यूजर ने अंग्रेजी भाषा में कैप्शन लिखा, जिसका हिन्दी अनुवाद है, ‘कोलकाता में, एयरपोर्ट के पास मौजूद 136 साल पुरानी गौरी जामा मस्जिद को RSS ने राम मंदिर बनाने के लिए बुलडोज़र से गिरा दिया। मुसलमान रो रहे थे और मिन्नतें कर रहे थे, लेकिन इन भगवा गुंडों ने ज़रा भी रहम नहीं दिखाया और मस्जिद को शहीद कर दिया।’

Khirad Alam नामक यूजर ने वीडियो शेयर कर लिखा, ‘कोलकाता में हिंदुत्व का आतंक। एयरपोर्ट के पास मौजूद 136 साल पुरानी गौरी जामा मस्जिद को राम मंदिर बनाने के लिए RSS ने बुलडोज़र से गिरा दिया। मुसलमान रो रहे थे और गिड़गिड़ा रहे थे, लेकिन इन भगवा गुंडों ने ज़रा भी रहम नहीं दिखाया और मस्जिद को शहीद कर दिया।’ (हिन्दी अनुवाद)

फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने वायरल वीडियो की जांच में पाया कि यह दावा भ्रामक है और वायरल वीडियो कोलकाता में मस्जिद गिराए जाने का नहीं है। यह वीडियो बांग्लादेश के पाबना में नाबालिग की रेप के बाद हत्या करने के आरोपी के घर पर गुस्साए स्थानीय लोगों द्वारा तोड़-फोड़ किए जाने का है। वहीं, DFRAC से बात करते हुए बांग्लादेश के फैक्ट चेकर शोहानुर रहमान ने बताया कि यह घटना बांग्लादेश की है।
हमने वायरल वीडियो की जांच के लिए सबसे पहले वीडियो को की-फ्रेम्स में कन्वर्ट किया, फिर इन फ्रेम्स को अलग-अलग रिवर्स इमेज सर्च किया। हमें वीडियो के संदर्भ में बांग्लादेश के मीडिया संस्थानों samakal, progati barta और the daily star bangla की रिपोर्ट्स मिलीं, जिसमें बताया गया है कि पाबना सदर उपज़िला के डोगाची यूनियन के कुलुनिया गांव में 10 वर्षीय स्कूली छात्रा की बलात्कार और हत्या के मुख्य आरोपी मुस्तफा प्रमाणिक के घर पर एक गुस्साई भीड़ ने हमला किया और तोड़फोड़ की। the daily star bangla की रिपोर्ट में बताया गया है, ‘पाबना सदर उपज़िला में 10 वर्षीय बच्ची के बलात्कार और हत्या के मुख्य आरोपी मुस्तफा कमाल के घर में एक क्रोधित भीड़ ने तोड़फोड़ की। यह घटना शुक्रवार दोपहर उपज़िला के कुलुनिया इलाके में घटी। हालांकि, पुलिस आरोपी के परिवार को सुरक्षित निकालने में कामयाब रही। पाबना सदर पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी (ओसी) मोहम्मद तारिकुल इस्लाम ने द डेली स्टार को इस जानकारी की पुष्टि की।’

progati barta की रिपोर्ट में बताया गया है, ‘पाबना सदर उपज़िला के डोगाची यूनियन के कुलुनिया गांव में 10 वर्षीय स्कूली छात्रा के बलात्कार और हत्या के मुख्य आरोपी मोहम्मद मुस्तफा कमाल के घर पर एक गुस्साई भीड़ ने हमला किया और तोड़फोड़ की। पुलिस को स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए तैनात किया गया था, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों के गुस्से के कारण तोड़फोड़ को तुरंत रोकना संभव नहीं हो सका। हालांकि, पुलिस आरोपियों के परिवार के सदस्यों को सुरक्षित निकालने में कामयाब रही। पाबना सदर पुलिस स्टेशन के प्रभारी (ओसी) मोहम्मद तारिकुल इस्लाम ने बताया कि हमले में कोई घायल नहीं हुआ।’ वहीं, samakal की रिपोर्ट में उल्लेखित है, ‘पाबना में 10 वर्षीय बच्ची के बलात्कार और हत्या के मामले में मुख्य आरोपी मुस्तफा प्रमाणिक के तीन मंजिला मकान में शनिवार को लगातार दूसरे दिन ‘गुस्से में भरी भीड़’ ने तोड़फोड़ की। मकान के दरवाजे और खिड़कियां तोड़ दी गईं, साथ ही फर्नीचर भी लूट लिया गया। मकान पूरी तरह से खंडहर बन चुका है।’
हमने इस घटना के संदर्भ में बांग्लादेश के फैक्ट चेकर शोहानुर रहमान से संपर्क किया। शोहानुर रहमान ने वायरल दावे का खंडन करते हुए बताया कि यह वीडियो बांग्लादेश का है और इसमें गुस्साई भीड़ एक बच्ची के रेप और मर्डर केस के आरोपी के घर में तोड़-फोड़ करती हुई दिख रही है।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर किया गया दावा भ्रामक है। वायरल वीडियो कोलकाता में राम मंदिर बनाने के लिए मस्जिद गिराए जाने का नहीं है। यह वीडियो बांग्लादेश में नाबालिग की रेप के बाद हत्या करने के आरोपी के घर में स्थानीय लोगों तोड़-फोड़ किए जाने का है।
| Claim Review | The RSS demolished the 136-year-old Gauri Jama Masjid, located near the airport in Kolkata, with a bulldozer to build a Ram Mandir. |
| Claim By | Social Media Users |
| Fact check | Misleading |
Sources:
- News Report of Samakal
- News Report of Progati Barta
- News Report of The Daily Star Bangla
- Bangladeshi Fact Checker Shohanur Rahaman Statement to DFRAC
