एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ लोग एक सैन्य वाहन पर पत्थर फेंकते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो इंस्टाग्राम पर अंग्रेजी भाषा में कैप्शन के साथ पोस्ट किया गया है, जिसका हिंदी अनुवाद है– “ये लोग * हैं, जो सैनिकों के वाहन पर पत्थर फेंक रहे हैं। ये बहादुर भारतीय सैनिक हैं; सेना इन सभी को जल्द ही संभाल लेगी।”
फैक्ट चैक:
DFRAC ने वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावे की जांच की और पाया कि यह दावा भ्रामक है। जब हमने वीडियो के मुख्य फ्रेम्स को गूगल इमेज पर रिवर्स सर्च किया, तो हमें एक ऐसा ही वीडियो मिला जिसे X (पूर्व ट्विटर) पर एक अकाउंट पर पोस्ट मिला। ‘_fels1’ नामक यूजर ने यह वीडियो 9 जुलाई 2025 को शेयर किया था। वीडियो में जिस जगह का ज़िक्र है, वह केन्या की राजधानी नैरोबी है।
आगे जांच करने पर हमें YouTube पर भी एक ऐसा ही वीडियो मिला। यह वीडियो 25 जून 2025 को ‘MutembeiTV’ नाम के चैनल पर पोस्ट किया गया था। ‘MutembeiTV’ केन्या और अफ्रीकी देशों का एक प्रमुख न्यूज़ चैनल है। वीडियो के कैप्शन में लिखा था – “THEY’RE DEAD! UUUII THEY’RE DEAD! TOTAL CHAOS IN THIKA ROAD AS GEN Z BADLY INJURED!!” (वे मर गए! पूरी तरह से अफरा-तफरी मच गई, थिका रोड पर, Gen Z को बुरी तरह चोट लगी है!!)
वीडियो के कैप्शन में दिए गए कुछ शब्दों को जब हमने गूगल पर खोजा, तो हमें ‘Allafrica’ वेबसाइट का एक लेख मिला, जो 25 जून 2025 को प्रकाशित हुआ था। उस लेख का शीर्षक था – “केन्या: Gen Z की सालगिरह पर हुए विरोध प्रदर्शन में 12 की मौत, 400 घायल।” इस लेख में बताया गया है कि बुधवार 25 जून 2025 को ‘एंटी-फाइनेंस बिल’ विरोध की पहली सालगिरह पर निकाले गए Gen Z के प्रदर्शनों के दौरान हिंसा फैल गई, जिसमें कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और 400 से ज्यादा घायल हुए।
निष्कर्ष:
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि वायरल वीडियो के साथ किया गया दावा भ्रामक है। यह वीडियो भारतीय सेना के वाहन पर पत्थर फेंकने का नहीं है। यह केन्या की एक घटना का वीडियो है, जहां Gen-Z ने एंटी-फाइनेंस बिल के विरोध में प्रदर्शन किया था।





