सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें एक भारतीय अधिकारी को संबोधित करते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो के साथ दावा है कि भारतीय अधिकारी ने कथित तौर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में इजरायल को भारतीय हथियारों की सप्लाई किए जाने का बचाव किया है। इस वीडियो में अधिकारी का कथित बयान है, ‘युद्ध में मौतें होना दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन हथियार ज़रूरी हैं और भारत बस अपने डिफेंस एक्सपोर्ट के वादे पूरे कर रहा है। यही इसकी वजह बताई जाती है। लेकिन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने अक्टूबर 2023 से इज़राइल को भेजे गए भारत के छोटे हथियारों, गोला-बारूद और मिलिट्री गाड़ियों के 2596 शिपमेंट की जांच की है, जिनमें सरकारी कंपनियों के शिपमेंट भी शामिल हैं। युद्ध अपराधों और नरसंहार की चेतावनी दी गई है, लेकिन ये सिर्फ़ आरोप हैं। हम इसे डिफेंस एक्सपोर्ट कहते हैं। यह हमारी समस्या नहीं है।’ (हिन्दी अनुवाद)
इस वीडियो को शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा, ‘संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि और राजदूत हरीश पर्वथानेनी, अफ़गानिस्तान के हालात पर UNSC की बैठक में बोलते हुए। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने अक्टूबर 2023 से इज़राइल भेजे गए भारत के 2,596 शिपमेंट का विश्लेषण किया।’ (हिन्दी अनुवाद)

फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि यह दावा भ्रामक है और वायरल वीडियो AI-मैनिपुलेटेड है। ओरिजिनल वीडियो में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतानेनी हरीश ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है, जैसा वायरल वीडियो में दिखाया गया है। वहीं, एआई एक्सपर्ट कुमार अनिकेत में भी वायरल वीडियो का विश्लेषण करने के बाद इसे AI-मैनिपुलेटेड बताया है।
हमने वीडियो की जांच के लिए सबसे पहले इसे की-फ्रेम्स में कन्वर्ट किया, फिर इन फ्रेम्स को गूगल लेंस की मदद से रिवर्स इमेज सर्च किया। हमें ओरिजिनल वीडियो संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट मिला, जिसके साथ जानकारी दी गई है, ‘#IndiaAtUN अफ़गानिस्तान के हालात पर UN सुरक्षा परिषद की तिमाही बैठक में स्थायी प्रतिनिधि पर्वतानेनी हरीश का बयान।’। हमने पर्वतानेनी हरीश का पूरा बयान देखा, लेकिन यहां ऐसा कोई बयान नहीं है, जैसा वायरल वीडियो में दिखाया गया है। हरीश पर्वतानेनी ने अपने संबोधन में इजरायल को हथियार सप्लाई करने की कोई बात नहीं कही है।
हमने पाया कि पर्वतानेनी हरीश ने अफगानिस्तान के हालातों और भारत के साथ संबंधों पर बयान दिया था। हमें संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के आधिकारिक वेबसाइट पर उनके बयान का टेक्स्ट वर्जन भी मिला। उनके भाषण के कुछ अंश इस प्रकार हैं, ‘पड़ोसी होने के नाते, भारतीयों और अफ़गानों के बीच संबंध आधुनिक मानचित्रों और सीमाओं से भी पुराने हैं। काबुल से हिंदुस्तान के मैदानों तक जाने वाली सड़कें न केवल व्यापार मार्ग थीं, बल्कि विचारों और ज्ञान, विश्वास और आस्था के गलियारे भी थीं। सदियों से, इन भूमियों पर साम्राज्य उठे और समाप्त हुए, लेकिन अफ़गान और भारतीयों के बीच मित्रता और रिश्तेदारी का धागा नहीं टूटा है। यही भावना इस राष्ट्र के प्रति मेरे देश की नीति का मार्गदर्शन करती है। हम शांति, स्थिरता और समृद्धि के पक्षधर हैं जो अफगानिस्तान के सतत विकास में सहायक हो सकती है, जैसा कि दोहा कार्य समूह की बैठकों में हमारी भागीदारी, हमारी मजबूत द्विपक्षीय विकास साझेदारी और क्षेत्रीय पहलों में हमारे प्रयासों से स्पष्ट है।’ इस पूरे बयान में भी देखा जा सकता है कि पर्वतानेनी हरीश का ऐसा कोई बयान नहीं है, जैसा वायरल वीडियो में दिखाया गया है।

हमारी टीम ने वायरल वीडियो की जांच AI-डिटेक्टर टूल्स हाइव मॉडरेशन, ह्यूमन मीटर और एआई वीडियो चेक पर की। इन तीनों टूल्स की जांच में वायरल वीडियो में AI-मैनिपुलेशन के प्रमाण मिले हैं। हाइव मॉडरेशन की जांच में सामने आया कि वीडियो के साथ छेड़खानी नहीं की गई है, लेकिन इस वीडियो में स्पीच AI-जनरेटेड है, जो 81.8 प्रतिशत है। वहीं ह्यूमन मीटर की जांच में बताया गया है कि यह वीडियो एक डीपफेक है, जिसमें AI का इस्तेमाल करके शब्दों और होंठों की हरकत को बदल दिया गया, ताकि वे ऐसी बातें कहते हुए दिखें, जो उन्होंने असल में नहीं कही थीं। इस जांच में एआई मैनिपुुलेशन 75 प्रतिशत पाया गया। वहीं एआई वीडियो चेक में वायरल वीडियो के 70.3 प्रतिशत एआई मैनिपुलेटेड होने की बात सामने आई है।

आगे की जांच के लिए हमारी टीम ने एआई विशेषज्ञ कुमार अनिकेत से संपर्क किया। अनिकेत ने हमें बताया कि वायरल वीडियो में कई प्रमाण ऐसे हैं, जो इसे एआई मैनिपुलेटेड बताते हैं। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो की ऑडियो में आवाज़ के कई हिस्सों में अस्वाभाविक पैटर्न दिखाई देते हैं। विशेष रूप से शब्दों के उच्चारण, आवाज़ के उतार-चढ़ाव, सांस लेने के अंतराल और बोले गए वाक्यों के बीच असंगतियां पाई गई हैं। जो इसे एआई मैनिपुलेटेड कंटेंट बताती हैं।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतानेनी हरीश ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। उनका एआई मैनिपुलेटेड वीडियो भ्रामक दावे के साथ शेयर किया गया है।
| Claim Review | India’s Permanent Representative to the United Nations made a statement regarding the supply of weapons to Israel. |
| Claim By | Social Media User |
| Fact check | AI-Generated |
Sources:
- Hive Moderation AI tool
- AIvideocheck AI tool
- Human Meter AI tool
- Expert Kumar Aniket Statement to DFRAC
- Permanent Mission of India,New York, Website
- X Post by India at UN, NY
