ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा में लोग उन्हें नम आंखो से विदाई दे रहे हैं। खामेनेई की मौत अमेरिकी-इजरायली हमले में हुई थी। जब ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच युद्ध चल रहा था, तब ईरान की मदद के लिए भारत के कश्मीर से भी लोगों ने गहने और पैसे इकट्ठे किए थे, जिसकी मीडिया कवरेज भी हुई थी।
कश्मीर में लोगों द्वारा पैसे और गहने इकट्ठा किए जाने को लेकर उत्तर प्रदेश के कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन के बयान का एक पोस्टकार्ड सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है, जिसमें इकरा हसन का बयान लिखा है, ‘कश्मीरी मुसलमानों ने जो सोना चांदी और बर्तन कश्मीरी पंडितों से लूटा था वो सब ईरान को दान कर दिया’। इस पोस्टकार्ड पर मीडिया संस्थान ‘हिन्दी खबर’ का लोगो लगा है।
इकरा हसन के इस बयान को शेयर करते हुए Kamal Narayan Mishra नामक यूजर ने लिखा, ‘हिजाबी इकरा हसन ने सच्चाई कबूल की मुसलमान सच्चा राष्ट्रवादी होता है’

वहीं एक अन्य यूजर Manoj Srivastava ने लिखा, ‘हिजाबी आतंकवादी इकरा हसन ने सच्चाई कबूल की मुसलमान आतंकवादी होता है’। मनोज श्रीवास्तव के हैंडल्स से सोशल मीडिया पर लगातार फेक न्यूज फैलाया जाता है। इस यूजर के खिलाफ कई लोगों ने फेक न्यूज की शिकायत भी दर्ज करवाई है। हमारी टीम ने मनोज श्रीवास्तव के फेक न्यूज फैलाने पर विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित किया है, जिसे यहां क्लिक करके पढ़ा जा सकता है।

फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि यह दावा फेक है। सांसद इकरा हसन ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। वहीं, हमारी टीम ने वायरल बयान के संदर्भ में सांसद इकरा हसन से संपर्क किया। उन्होंने वायरल बयान को फेक करार दिया है।
हमने जांच के दौरान पाया कि पोस्टकार्ड पर ‘हिन्दी खबर’ का लोगो लगा है, जिसके बाद हमारी टीम ने ‘हिन्दी खबर’ के सोशल मीडिया हैंडल्स को देखा। हमें इकरा हसन के वायरल पोस्टकार्ड की डिजाइन और तस्वीर के साथ कई पोस्टकार्ड मिलें, लेकिन इन पोस्टकार्ड में वायरल बयान नहीं है। हिन्दी खबर पर एक ओरिजिनल पोस्टकार्ड में इकरा हसन का बयान है, ‘देश महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलता है। आज उनके नाम को हटाया जा रहा है। ये देश कभी सावरकर का नहीं होगा। ये देश हमेशा महात्मा गांधी का था और रहेगा।’

वहीं, दूसरे ओरिजिनल पोस्टकार्ड में इकरा का बयान है, ‘लोकसभा चुनाव में 36 बिरादरियों के हिंदू भाईयों ने मुसलमानों के साथ मिलकर मुझे जिताया था। अगर कैराना वाले यह कर सकते हैं तो पूरे उत्तर प्रदेश में यह हो सकता है, हमें सफलता मिलेगी।’ इसके अलावा हमें ‘हिन्दी खबर’ पर इकरा हसन का ऐसा कोई पोस्टकार्ड पब्लिश नहीं मिला, जिसमें इकरा हसन का कश्मीर पर वायरल बयान हो।
इस संदर्भ में और ज्यादा जानकारी के लिए DFRAC की टीम ने इकरा हसन से संपर्क किया। इकरा ने वायरल दावे का खंडन करते हुए हमें बताया कि यह फेक न्यूज है और उन्होंने ऐसा कोई बयान कभी नहीं दिया है।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर इकरा हसन का फेक बयान शेयर किया गया है। इकरा हसन ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। वहीं ‘हिन्दी खबर’ ने भी इकरा हसन का ऐसा कोई पोस्टकार्ड पब्लिश नहीं किया है। इसलिए यूजर्स का दावा फेक है।
