Muslims beaten in Badaun

फैक्ट चेकः यूपी में मुस्लिमों की पिटाई का पुराना वीडियो राजस्थान का बताकर भ्रामक दावे के साथ वायरल

Fact Check hi Featured Misleading

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है। इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया गया है कि राजस्थान के एक गांव में 4 मुस्लिम मदरसे का चंदा मांगने आए। तभी वहां एक शख्स ने मुस्लिमों से पूछा कि उनकी नजर में हिन्दू क्या हैं? जिस पर मुस्लिमों ने काफिर जवाब दिया। जिसके बाद उन मुस्लिमों की पिटाई की गई।

इस वीडियो को शेयर करते हुए Ms.Bhumi नामक यूजर ने लिखा, ‘वीडियो राजस्थान का है , ऐसी सूचना है। चार Ola के बंदे एक गाँव में Mud रसे के लिए चंदा मांगने गए , वहां एक हिंदू युवक ने उनसे पूछा कि उनकी नज़र में हिंदू क्या हैं ? ज़बाब आया – काफ़ि ₹। फिर क्या था , काफ़ि ₹ ने सचमुच काफ़ि ₹ बनकर उन लोगों की अच्छे से ठु kaa ई कर दी। काश सभी काफ़ि ₹, इसी तरह काफ़ि ₹ बनकर दिखाने लगें तो इन G हा दी yo को कुछ अक्ल आ जाए।’

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The Jaipur Dialogues नामक यूजर ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए अंग्रेजी भाषा में कैप्शन लिखा है, जिसका हिन्दी अनुवाद है, ‘बेल्ट ‘ ट्रीटमेंट। राजस्थान के एक गाँव में, 4 लोग एक मदरसे के नाम पर चंदा माँगने आए। छोटू सिंह और उनके भाई ने चंदा माँगने वालों से पूछा, “तुम्हारी नज़र में हिंदू क्या है?” मदरसे के लोगों ने जवाब दिया, “काफ़िर”।’

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फैक्ट चेकः

हमने जांच में पाया कि वायरल वीडियो राजस्थान का नहीं, बल्कि यूपी के बदायूं जिले में फरवरी की घटना का है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्कूटी को साइड ना देने पर मुस्लिमों की पिटाई की गई थी। पुलिस ने उस वक्त कार्रवाई कर आरोपी को जेल भेजा था। सबसे पहले हमने जांच के लिए वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया। हमें वायरल वीडियो के संदर्भ में एक रिपोर्ट Live Hindustan के यूट्यूब चैनल पर 21 फरवरी को अपलोड मिली, जिसका शीर्षक है, ‘Budaun Viral Video: बदायूं में स्कूटी को साइड न देने पर Akshay ने तीन Muslims को दौड़ाकर पीटा | UP’

इस वीडियो के डिस्क्रिप्शन में बताया गया है, ‘उत्तर प्रदेश के बदायूं (Budaun) जिले से सरेआम गुंडागर्दी का एक खौफनाक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस्लामनगर थाना इलाके के रुदायन कस्बे में एक युवक ने ‘साइड’ न देने के मामूली विवाद में तीन मुस्लिम राहगीरों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। आरोप है कि बजरंग दल के प्रखंड संयोजक अक्षय कुमार ने अब्दुल सलाम और उनके साथियों से पहले उनका आधार कार्ड मांगा और फिर भद्दी गालियां देते हुए उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित बुजुर्ग रहम की भीख मांगते रहे और जब वे जान बचाकर भागे, तो आरोपी ने करीब 200 मीटर तक उनका पीछा किया।’

वहीं हमें इस इस घटना के बारे में बीबीसी की रिपोर्ट मिली, जिसमें बताया गया है, ‘एफ़आईआर में लिखा गया है कि अब्दुल सलाम और उनके तीन साथी रुदायन के मुख्य रास्ते पर जा रहे थे, पीछे से आए एक व्यक्ति ने हॉर्न बजाया लेकिन वे सुन नहीं पाए जिससे नाराज़ होकर उनके साथ मारपीट की गई।’

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आगे की जांच में हमने पाया कि वायरल वीडियो को कई अन्य यूजर्स और मीडिया संस्थानों द्वारा फरवरी में पोस्ट किया गया है, जिस पर रिप्लाई करते हुए बदायू पुलिस ने जानकारी दी थी कि आरोपी के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर जेल भेज दिया गया था। पुलिस ने सभी रिप्लाई में लिखा था, ‘उक्त प्रकरण के सम्बन्ध में थाना इस्लामनगर पुलिस द्वारा अभियोग पंजीकृत कर अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।’

निष्कर्षः

DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो राजस्थान की घटना का नहीं है। यह वीडियो फरवरी में यूपी के बदायूं जिले में हुई घटना का है। इसलिए यूजर्स का दावा भ्रामक है।