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फैक्ट चेकः पेट्रोल ₹10 और डीजल ₹12.50 महंगा होने का दावा फेक है

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सोशल मीडिया पर भारतीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के एक आदेश की प्रति जमकर शेयर की जा रही है। इस आदेश की प्रति के साथ दावा किया जा रहा है कि पेट्रोल ₹10 और डीजल ₹12.50 महंगा हो गया है। यूजर्स लिख रहे हैं कि पश्चिम बंगाल में दूसरे फेज की वोटिंग चल रही है, लेकिन सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए।

इस आदेश को शेयर करते हुए टीएमसी नेता निलांजय दास ने अंग्रेजी भाषा में कैप्शन लिखा, जिसका हिन्दी अनुवाद है, ‘मतदान अभी भी जारी है, और बेशर्म तथा जन-विरोधी नरेंद्र मोदी सरकार ने ढिठाई से पेट्रोल की कीमत में ₹10 और डीज़ल की कीमत में ₹12.50 की बढ़ोतरी कर दी है।’

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इसके अलावा वायरल आदेश की प्रति को शेयर करते हुए एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘मोदी जी ने पेट्रोल पर रु.10/- और हाई स्पीड डीजल पर रु.12.50/- बढ़ा कर लंबे समय से इंतज़ार कर रहे लोगों को अंततः राष्ट्रनिर्माण में योगदान देने का सुअवसर दिया।’

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फैक्ट चेकः

DFRAC की टीम में जांच में पाया कि सोशल मीडिया पर वायरल लेटर और उसके साथ किया जा रहा दावा फेक है। सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। PIB के मुताबिक सरकार ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है और वायरल लेटर फेक है।

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पीआईबी हिन्दी ने भी ट्विटर कर जानकारी दी है, ‘सोशल मीडिया पर एक आदेश वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में क्रमशः ₹10 और ₹12.50 की बढ़ोतरी की गई है, और यह आदेश पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है। यह आदेश फर्जी है। भारत सरकार ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है। ऐसी खबरों को हमेशा केवल सरकारी आधिकारिक स्रोतों से ही सत्यापित करें।’ पीआईबी हिन्दी के इस पोस्ट को भारतीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा रिपोस्ट भी किया गया है।

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निष्कर्षः

सोशल मीडिया पर पेट्रोलियम मंत्रालय के फेक लेटर के साथ पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का गलत दावा किया गया है। सरकार की तरफ से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।