सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें देखा जा सकता है कि नमाज के दौरान हंगामा हो रहा है। इस वीडियो को शेयर कर दावा किया गया है कि माहौल को खराब करने के लिए मुस्लिमों द्वारा जान-बूझकर सड़क पर पढ़ी जाती है, जिसे हिन्दुओं द्वारा रोक दिया गया।
इस वीडियो को शेयर करते हुए Hindutva Don नामक यूजर ने अंग्रेजी भाषा में कैप्शन लिखा, जिसका हिन्दी अनुवाद है, ‘मुल्ला जान-बूझकर सड़कों पर नमाज़ पढ़ते हैं ताकि सद्भाव बिगड़े, लेकिन हमारे हिंदू भाइयों ने उन्हें मज़बूती से रोक दिया। हमें ऐसे ही और भी जागरूक हिंदुओं की ज़रूरत है।’

फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने वायरल वीडियो की जांच में पाया कि यह हाल-फिलहाल का वीडियो नहीं है, बल्कि हरियाणा के गुरुग्राम में वर्ष 2021 की नमाज पर विवाद का वीडियो है। हमें यह वीडियो Mojo Story नामक यूट्यूब चैनल पर 4 दिसंबर 2021 को पोस्ट मिला, जिसके साथ कैप्शन में जानकारी दी गई है, ‘गुरुग्राम | हिंदुत्ववादी समूह ने फिर ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए, नमाज़ में डाला खलल | कई लोग हिरासत में’
वहीं Haryana Tak के यूट्यूब चैनल पर 4 दिसंबर 2021 को अपलोड वीडियो के साथ जानकारी दी गई है कि गुरुग्राम के सेक्टर-37 में जुमे की नमाज को लेकर बवाल के बाद टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी। इस रिपोर्ट में यह जानकारी भी दी गई है कि गुरुग्राम के सेक्टर-37 का ग्राउंड उन चुनी हुई जगहों में से एक है, जहां नमाज की इजाजत प्रशासन द्वारा मुस्लिम समुदाय को दी गई थी। लेकिन कुछ हिन्दुवादी संगठनों ने प्रशासन को इस फैसले को नहीं माना है और लगातार विरोध कर रहे थे।
वहीं, हमने गुरुग्राम में नमाज पर विवाद को लेकर गूगल पर कुछ कीवर्ड्स सर्च किया, लेकिन नमाज और हंगामे की हाल-फिलहाल की कोई सूचना नहीं मिली। आगे की जांच के लिए हमारी टीम ने हरियाणा के पत्रकार सुनील कुमार से संपर्क किया। सुनील ने बताया कि यह वीडियो पुराने विवाद का है।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर शेयर किया गया वीडियो हाल-फिलहाल की घटना का नहीं है। यह वीडियो गुरुग्राम में दिसंबर 2021 में नमाज पर विवाद और हंगामे का है। इसलिए यूजर्स द्वारा किया जा रहा दावा भ्रामक है।

