समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की गई है, जिसमें अखिलेश यादव को एहराम पहनकर सऊदी अरब के मक्का स्थित इस्लाम के पवित्र स्थल काबा में दुआ करते हुए दिखाया गया है। कई यूजर्स ने अखिलेश के साथ उनकी पत्नी और मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव की भी तस्वीर शेयर किए हैं।
Arun Yadav Kosli नामक यूजर ने अखिलेश यादव की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, ‘तो आज की सबसे अच्छी फोटो यदमुल्लो के लिए’

देव भूमि भारत नामक एक यूजर ने अखिलेश यादव और डिंपल यादव की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, ‘इंटरनेट पे ये दो फोटो वायरल हो रहा है !! क्या अखिलेश मुल्ला हो चुका है या अभी कुछ यदु बचा है’

इसके अलावा कई अन्य यूजर्स ने भी अखिलेश यादव और डिंपल यादव की काबा की तस्वीर शेयर की है, जिसमें रूही वर्मा नामक यूजर भी शामिल है। रूही वर्मा नामक इस हैंडल से लगातार फेक और भ्रामक सूचनाएं शेयर की जाती हैं।
फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने अखिलेश यादव और डिंपल यादव की तस्वीरों की जांच करने पर पाया कि ये AI-जनरेटेड तस्वीरें हैं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। हमारी टीम ने दोनों तस्वीरों की AI से निर्मित फोटो और वीडियो की जांच करने वाले टूल हाइव मॉडरेशन पर जांच की, जिसमें परिणाम सामने आया कि दोनों तस्वीरें AI-जनरेटेड हैं।

आगे की जांच के लिए हमारी टीम ने अखिलेश यादव और डिंपल यादव के सऊदी अरब यात्रा के बारे में गूगल पर कुछ कीवर्ड्स सर्च किया। हमें उनकी हाल-फिलहाल सऊदी अरब यात्रा के संदर्भ में कोई रिकॉर्ड या फिर मीडिया कवरेज नहीं मिली। वहीं, हमने अखिलेश यादव के सोशल मीडिया अकाउंट्स को देखा, हमे अखिलेश यादव की 11 दिसबंर की पोस्ट मिली, जिसमें उन्होंने नोएडा के बिसरख गांव के दौरे की तस्वीरें शेयर किया है।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया अखिलेश यादव और डिंपल यादव की शेयर की गई तस्वीरें फेक हैं और AI-जनरेटेड हैं। इसलिए यूजर्स का दावा गलत है।

