सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक इमारत को आग में धू-धू कर जलते हुए देखा जा सकता है। ध्यान से देखने पर इमारत पर ईसाई धर्म का चिह्न क्रॉस भी लगा हुआ दिखाई देता है। इमारत को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह फ़्रांस के सेंट-ओमर स्थित इमैक्युलेट कॉन्सेप्शन चर्च है। जिसे मुसलमानों ने जला दिया।

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सोशल साईट X पर वायरल वीडियो को शेयर करते हुए वेरिफाइड यूजर फ़राज़ परवेज़ ने लिखा कि फ़्रांस: एक और कैथोलिक चर्च जला दिया गया। फ़्रांस के सेंट-ओमर स्थित इमैक्युलेट कॉन्सेप्शन चर्च को इस्लामवादियों ने नष्ट कर दिया है। अपने चर्चों को जिहादी मुसलमानों से बचाएँ।

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वहीं एक अन्य वेरिफाइड यूजर Abhay Pratap Singh (बहुत सरल हूं) ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा – धू-धूकर जल रही ये इमारत फ्रांस का एक चर्च है रेडिकल इस्लामिक भीड़ ने Saint Omar में चर्च को जलाकर नष्ट कर दिया ये वही फ्रांस है जो Welcome Refugee का बोर्ड लेकर खड़ा था. आज वही रिफ्यूजी फ्रांस को जला रहे हैं भारत को इससे सीखना होगा
फैक्ट चेक:

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वायरल वीडियो के साथ किये गए दावे की जांच के लिए DFRAC ने दावे से जुड़े कुछ कीवर्ड फ्रांसीसी भाषा में गूगल पर सर्च किये। इस दौरान हमें इस घटना से जुड़ी फ्रांसीसी मीडिया की रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट में बताया गया कि चर्च में आग लगाने वाले शख्स की पहचान 39 वर्षीय व्यक्ति जोएल वी. के रूप में हुई है। जो कि एक फ्रांसीसी नागरिक है। उस पर 26 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसने चर्च में भीषण आग लगाने की बात स्वीकार की है।

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रिपोर्ट में भी ये बताया गया कि वह चर्च में दान पेटी से पैसे चुराने के इरादे से घुसा था। लेकिन उसने बाद में चर्च में आग लगा दी। इससे पहले भी वह “धार्मिक इमारतों को नुकसान पहुँचाने” के आरोप में दोषी ठहराया जा चुका है। उसने मई 2019 में इक्विहेन प्लेज स्थित चर्च सहित, बौलोनाईस क्षेत्र में कई धार्मिक इमारतों में आग लगाई थी।
निष्कर्ष:
DFRAC के फैक्ट चेक से साबित होता है कि वायरल वीडियो के साथ मुसलमानों द्वारा कैथोलिक चर्च को जलाने का दावा भ्रामक है। क्योंकि चर्च को जलाने वाला शख्स एक फ्रांसीसी नागरिक है। घटना में कोई सांप्रदायिक या धार्मिक एंगल नहीं पाया गया है।

