फैक्ट चेक: थाईलैंड में भारतीय पर्यटक की पिटाई के वीडियो को लेफ्टिनेंट जनरल राजीव किरण साहनी से जोड़कर फैलाया गया फर्जी दावा

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सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी यूजर द्वारा इंडियन आर्मी के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाते हुए एक वीडियो बड़े पैमाने पर वायरल किया जा रहा है। जिसमे बीच सड़क पर एक शख्स की लड़कियों के हाथों पिटाई होते हुए देखा जा सकता है। वायरल वीडियो के हवाले से दावा किया जा रहा है कि थाइलेंड के फुकेट में इंडियन आर्मी के लेफ्टिनेंट जनरल राजीव किरण साहनी, DG EME, को लेडीबॉयज़ ने परेशान करने और पूरी रकम देने से मना करने के बाद पीटा।

Source: dnd.com.pk

कथित पाकिस्तानी न्यूज़ पोर्टल ने वायरल वीडियो के हवाले से खबर चलाई कि “भारतीय लेफ्टिनेंट जनरल राजीव कुमार साहनी, DG EME को फुकेट में सरेआम पीटा गया क्योंकि उन्होंने बिना इजाज़त के एक लेडीबॉय को छुआ था। पहले उनकी हाफ न्यूड तस्वीरें सोशल मीडिया पर आई थीं, जो उन्होंने एक महिला को रिलेशनशिप ऑफर करने के लिए भेजी थीं, लेकिन उस महिला ने उनकी तस्वीरें वायरल कर दीं।”

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वहीं सोशल साईट X (पूर्व ट्विटर) पर वेरिफाइड यूजर मणिपुर पोस्ट ने वायरल वीडियो को शेयर कर लिखा कि “इंडियन आर्मी के लेफ्टिनेंट जनरल राजीव किरण साहनी, DG EME, को फुकेट में थाई लेडीबॉयज़ ने परेशान करने और पूरी रकम देने से मना करने के बाद पीटा। उन्हें लगता है कि वे मणिपुर के ईसाइयों की तरह हर जगह लोगों को धमका सकते हैं और उन पर ज़ुल्म कर सकते हैं, लेकिन थाईलैंड ने उन्हें असलियत दिखा दी।”

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इसके अलावा कई अन्य यूजर ने भी वायरल वीडियो के हवाले से ऐसा ही दावा किया है। जिसे यहां पर देखा जा सकता है।

फैक्ट चेक:

Source: TOI

वायरल वीडियो के साथ किये गए दावे की जांच के लिए DFRAC ने वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स सर्च किया। इस दौरान हमें इस सबंध में टाईम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट मिली। 04 जनवरी 2026 को पब्लिश इस रिपोर्ट में बताया गया कि “’द थाइगर’ के अनुसार, थाईलैंड के पटाया शहर में एक भारतीय पर्यटक को अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोप है कि सेक्स सेवाओं के पेमेंट को लेकर हुए विवाद के बाद, ट्रांसजेंडर महिलाओं के एक ग्रुप ने उस पर हमला कर दिया था। यह घटना 27 दिसंबर को हुई, जब सवांग बोरिबून फाउंडेशन के बचाव कर्मियों को सुबह करीब 5:30 बजे वॉकिंग स्ट्रीट के बीचसाइड एंट्रेंस के पास एक घायल विदेशी पर्यटक के बारे में कॉल आया। घटनास्थल पर पीड़ित को ढूंढने वाले बचाव कर्मियों के अनुसार, पीड़ित की पहचान 52 वर्षीय भारतीय नागरिक राज जसूजा के रूप में हुई। उसके चेहरे और सिर के पिछले हिस्से पर चोट के निशान साफ ​​दिख रहे थे। उसे आगे के इलाज के लिए अस्पताल ले जाने से पहले प्राथमिक उपचार दिया गया। 19 साल के एक थाई गवाह, पोंगपोल बूनचिद ने पुलिस और बचाव कर्मियों को बताया कि यह झगड़ा तब शुरू हुआ जब राज को वॉकिंग स्ट्रीट के एंट्री गेट के पास एक ट्रांसजेंडर सेक्स वर्कर से बहस करते देखा गया। यह झगड़ा तब और बढ़ गया जब दोनों ने एक-दूसरे का पीछा करना और मारना-पीटना शुरू कर दिया। गवाह के मुताबिक, उस ट्रांसजेंडर महिला ने फिर अपने कई दोस्तों को बुलाया, जो वहां आ गए और सबने मिलकर उस भारतीय टूरिस्ट पर हमला कर दिया। माना जा रहा है कि यह झगड़ा पैसों को लेकर शुरू हुआ था, क्योंकि कथित तौर पर टूरिस्ट ने सर्विस के लिए तय की गई पूरी रकम नहीं दी थी। राज ने इस बारे में सार्वजनिक तौर पर कुछ नहीं कहा है कि क्या हुआ था।”

Source: The Indian Exspress

वहीं 05 जनवरी 2026 को पब्लिश द इंडियन एक्सप्रेस की एक अन्य रिपोर्ट में घटना के सबंध में बताया गया कि “एक स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, थाईलैंड के पटाया में ट्रांसजेंडर महिलाओं के एक ग्रुप ने कथित तौर पर एक भारतीय टूरिस्ट की पिटाई कर दी। बताया जा रहा है कि यह विवाद सेक्स सर्विस की फीस न देने को लेकर हुआ था। 27 दिसंबर के एक वायरल वीडियो में, तीन ट्रांसजेंडर महिलाएं 52 साल के उस व्यक्ति को चप्पलों से पीटती हुई दिखाई दे रही हैं। बताया जा रहा है कि जब उस व्यक्ति ने मांगी गई रकम देने से इनकार कर दिया और कार से उस जगह से निकलने की कोशिश की, तो मामला और बिगड़ गया। उन ट्रांसजेंडर महिलाओं ने उस व्यक्ति पर पैसे न देने का आरोप लगाया। इसके बाद कथित तौर पर उसे लातों और घूंसों से पीटा गया, जिसके बाद इमरजेंसी रिस्पॉन्डर्स ने बीच-बचाव किया। ‘द थाईगर’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, उस व्यक्ति के चेहरे और सिर के पिछले हिस्से पर चोटें आई हैं। उसे मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया और बाद में आगे के इलाज के लिए पत्तमाकुन अस्पताल ले जाया गया। एक थाई चश्मदीद ने बचाव कर्मियों को बताया कि उसने उस व्यक्ति को मशहूर ‘वॉकिंग स्ट्रीट’ इलाके के प्रवेश द्वार के पास एक ट्रांसजेंडर सेक्स वर्कर के साथ बहस करते देखा था। गवाह ने बताया कि बहस हाथापाई में बदल गई, जिसमें कथित तौर पर दोनों पक्ष एक-दूसरे का पीछा करते हुए और मारते-पीटते रहे, जिसके बाद दूसरे लोग भी इसमें शामिल हो गए और यह एक सामूहिक हमला बन गया। रिपोर्ट के अनुसार, गवाह ने आगे दावा किया कि यह विवाद इसलिए हुआ क्योंकि भारतीय पर्यटक ने कथित तौर पर यौन सेवाओं के लिए तय की गई पूरी रकम का भुगतान नहीं किया था। थाई पुलिस ने कहा कि वे उस व्यक्ति के पूरी तरह ठीक हो जाने के बाद उससे औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के लिए कहेंगे।”

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उल्लेखनीय है कि जांच में प्राप्त सभी विश्वसनीय रिपोर्टों के अवलोकन से स्पष्ट हुआ कि घटना में शामिल व्यक्ति की पहचान 52 वर्षीय भारतीय पर्यटक राज जसूजा के रूप में की गई है। किसी भी रिपोर्ट में लेफ्टिनेंट जनरल राजीव किरण साहनी अथवा भारतीय सेना से उसके किसी प्रकार के संबंध का उल्लेख नहीं है।

इस संबंध में DFRAC ने बैंकॉक स्थित स्वतंत्र पत्रकार फरीद डेंगिंग्योश से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि “थाई मीडिया में इस घटना को भारतीय सेना के किसी अधिकारी से जोड़कर नहीं बताया गया है। उपलब्ध रिपोर्ट्स के अनुसार यह मामला एक भारतीय पर्यटक और ट्रांसजेंडर महिलाओं के बीच हुए विवाद से संबंधित है।”

निष्कर्ष:

DFRAC की जांच में वायरल दावा भ्रामक और तथ्यहीन पाया गया। वायरल वीडियो का भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल राजीव किरण साहनी (DG EME) से कोई संबंध नहीं है। जांच में प्राप्त विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह घटना थाईलैंड के पटाया शहर की है, जहां दिसंबर 2025 में एक भारतीय पर्यटक राज जसूजा और कुछ ट्रांसजेंडर महिलाओं (लेडीबॉयज़) के बीच कथित रूप से भुगतान को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद पर्यटक के साथ मारपीट की घटना हुई थी।