सोशल मीडिया पर वायरल एक तस्वीर को पीएम नरेंद्र मोदी का बताया जा रहा है। इस तस्वीर के साथ दावा है कि असम में चुनाव प्रचार के दौरान चाय के बागान में महिलाओं के साथ पीएम मोदी की शूटिंग के लिए सेट बनाए गए थे, जहां कई कैमरे, माइक और लाइट्स के साथ डायरेक्टर सहित पूरी टीम मौजूद थी।
इस तस्वीर को शेयर करते हुए एक यूजर ने तमिल भाषा में कैप्शन लिखा, जिसका हिन्दी अनुवाद है, ‘मोदीजी, जो चुनाव प्रचार के लिए असम गए थे—वहाँ उनका वह शूटिंग स्टाइल! पूरी दुनिया हैरान है और उनकी तारीफ़ कर रही है!’

वहीं इस तस्वीर को टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद और कांग्रेस नेता अभिषेक दत्त सहित कई अन्य लोगों ने भी शेयर किया है, जिसे यहां, यहां और यहां देखा जा सकता है।
फैक्ट चेकः
DFARC की टीम ने जांच में पाया कि वायरल तस्वीर पीएम मोदी की शूटिंग करने की ओरिजिनल तस्वीर नहीं है। यह तस्वीर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा बनाई गई है। जांच के दौरान हमने वायरल तस्वीर में असंगतियां पाई, जैसे- तस्वीर में दिख रहे किसी भी शख्स की परछाई नहीं है, जो आमतौर पर एआई-जनरेटेड वीडियो या फोटो में पाई जाती है। इसके बाद आगे की जांच के लिए हमारी टीम ने तस्वीर की जांच एआई डिटेक्टर टूल्स हाइव मॉडरेशन, ZeroGPT, WasItAI और undetectable.ai पर की। इन एआई टूल्स की जांच में परिणाम सामने आया कि वायरल तस्वीर AI-जनरेटेड है।

इस तस्वीर के विस्तृत विश्लेषण के लिए हमारी टीम ने एआई विशेषज्ञ मयंक शर्मा से संपर्क किया। मयंक ने बताया कि तस्वीर की लाइटिंग और शैडो (छाया) का व्यवहार पूरी तस्वीर में एक जैसा नहीं है, जो किसी वास्तविक फोटो में आमतौर पर सुसंगत होता है। वहीं, कुछ लोगों के चेहरे और हाथों की बनावट थोड़ी अस्वाभाविक लगती है, इसके अलावा कैमरा इक्विपमेंट और तारों (cables) का पैटर्न भी पूरी तरह तार्किक नहीं है, जो वायरल तस्वीर के AI-जनरेटेड होने की तरफ इशारा करता है।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर पीएम मोदी की शेयर की गई तस्वीर एआई-जनरेटेड है। यह तस्वीर की असम की रियल फोटो नहीं है। इसलिए यूजर्स का दावा फेक है।

