Anti-PM Modi Protest

फैक्ट चेकः आरा में PM मोदी के खिलाफ प्रदर्शन का पुराना वीडियो, ईरान-इजरायल संघर्ष से जोड़कर भ्रामक दावा किया गया

Fact Check hi Featured Misleading

सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ युवकों का ग्रुप पीएम मोदी का पुतला फूंक रहा है। यूजर्स इस वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि बिहार के आरा में तेल-गैस को लेकर पीएम मोदी के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। यूजर्स ने वायरल वीडियो के साथ ईरान से संबंध खराब करने और इजरायल से नजदीकी बढ़ाए जाने के आरोप भी लगाए हैं।

इस वीडियो को शेयर करते हुए North Korea TV नामक यूजर ने लिखा, ‘ब्रेकिंग: हज़ारों भारतीय इज़रायल के साथ संबंधों को सामान्य बनाने और ईरान के साथ तनाव पैदा करने के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं; वे उनकी तस्वीरें जला रहे हैं और उनसे कह रहे हैं: “इज़रायल से हमें तेल दिलवाइए।” (हिन्दी अनुवाद)

लिंक

إيران | IRAN नामक यूजर ने भी इसी वीडियो को शेयर करते हुए अरबी भाषा में कैप्शन लिखा है, जिसका हिन्दी अनुवाद है, ‘हज़ारों भारतीय प्रधानमंत्री मोदी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं, क्योंकि उन्होंने इज़राइल के साथ संबंधों को सामान्य बनाया है और ईरान के साथ तनाव भड़काया है; उन्होंने मोदी का पुतला जलाया और उनसे कहा: “इज़राइल से हमें तेल दिलवाओ।’

लिंक

फैक्ट चेकः

DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि वायरल वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं है, बल्कि जनवरी का है और इस वीडियो का ईरान-इजरायल संघर्ष से कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि यह वीडियो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के विरोध में पीएम मोदी के खिलाफ बिहार में आरा में प्रदर्शन किए जाने का है। हमने वीडियो के की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया। हमें यह वीडियो कई सोशल मीडिया हैंडल्स पर जनवरी 2026 को पोस्ट मिला।

aranews03 नामक इंस्टाग्राम यूजर ने इस वीडियो को 28 जनवरी को पोस्ट करते हुए जानकारी है, ‘ब्रेकिंग न्यूज 👉 आरा में #UGC के खिलाफ दिखा विरोध प्रदर्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जलाया गया पुतला’

एक अन्य इंस्टाग्राम यूजर ने वायरल वीडियो को 30 जनवरी को पोस्ट करते हुए इसे आरा में यूजीसी के नियमों को लेकर पीएम मोदी के खिलाफ प्रदर्शन किए जाने और पीएम मोदी का पुतला फूंके जाने का बताया है।

इसके बाद आगे की जांच के लिए हमारी टीम ने Ara News के पत्रकार आमरेंद्र से संपर्क किया। आमरेंद्र ने हमें बताया कि वायरल वीडियो आरा का ही है, लेकिन यह हाल-फिलहाल का नहीं है और इसका ईरान-इजरायल संघर्ष से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो जनवरी महीने में यूजीसी नियमों के खिलाफ आरा के चंदवा मोड़ पर पीएम मोदी का पुतला फूंके जाने का है।

वहीं हमारी टीम ने आरा पुलिस से भी संपर्क किया। पुलिस ने भी हमें बताया कि आरा में पीएम मोदी का पुतला फूंके जाने की हाल-फिलहाल में कोई घटना नहीं हुई है। पुलिस ने भी यही बताया कि वायरल वीडियो पुराना है।

निष्कर्षः

DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर शेयर किया गया वीडियो बिहार के आरा में प्रदर्शन का हाल-फिलहाल का वीडियो नहीं है और इस वीडियो का ईरान-इजरायल संघर्ष से भी कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि यह वीडियो यूजीसी के नियमों के खिलाफ जनवरी में हुए प्रदर्शन का है। इसलिए यूजर्स का दावा भ्रामक है।