PM Modi boating

फैक्ट चेकः कोलकाता में बोटिंग के दौरान PM मोदी का वाटर एंबुलेंस को रास्ता देने का वीडियो AI-जनरेटेड है

Fact Check hi Featured Misleading

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को होगी। सभी पार्टियों ने प्रचार के लिए अपनी ताकत झोंक दी है। पीएम मोदी ने भी कोलकाता के हुगली नदी में बोटिंग की। पीएम मोदी के बोटिंग के दौरान वाटर एंबुलेंस को रास्ता दिए जाने के दावे के साथ एक वीडियो को शेयर किया गया है।

इस वीडियो पर अंग्रेजी भाषा में टेक्स्ट लिखा है, जिसका हिंदी अनुवाद है, ‘पश्चिम बंगाल में फोटोशूट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले ने वाटर एम्बुलेंस को रास्ता दिया!!’ वीडियो को शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा, ‘हमारे विश्वगुरु का कितना मानवीय भाव!’

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वहीं इस वीडियो को कई अन्य यूजर्स द्वारा भी शेयर किया गया है, जिसे यहां और यहां देखा जा सकता है।

फैक्ट चेकः

DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि वाटर एंबुलेंस को रास्ता दिए जाने का वायरल हो रहा वीडियो वास्तविक नहीं है। यह वीडियो AI-जनरेटेड है। जांच के दौरान वीडियो को गौर से देखने पर हमने पाया कि इसमें कई असंगतियां हैं, जो आमतौर पर AI-जनरेटेड वीडियो में होती हैं। हमने पाया कि एंबुलेंस पर कुछ ऐसे टेक्स्ट हैं, जो पठनीय नहीं है। वहीं हमने यह भी पाया कि वीडियो की शुरुआत में एंबुलेंस के पीछे कोई लहर होती है, लेकिन जब एंबुलेंस पीएम मोदी की नाव के पास आती है, तो उसके पीछे लहरें बनती हैं। यह दोनों यह स्पष्ट करते हैं कि वायरल वीडियो AI-जनरेटेड है।

इसके बाद हमारी टीम ने वायरल वीडियो की जांच AI-डिटेक्टर टूल्स हाइव मॉडरेशन और detectvideo.ai पर की। हमारी जांच में परिणाम सामने आया कि वायरल वीडियो AI-जनरेटेड है।

वहीं हमने बोटिंग के दौरान पीएम मोदी द्वारा वाटर एंबुलेंस को रास्ता दिए जाने के संदर्भ में गूगल पर कुछ कीवर्ड्स सर्च किया। लेकिन हमें किसी भी विश्वसनीय मीडिया संस्थान द्वारा प्रकाशित कोई रिपोर्ट नहीं मिली। हालांकि हमें पीएम मोदी के एक्स हैंडल पर बोटिंग का वीडियो पोस्ट मिला, जिसमें कहीं भी वाटर एंबुलेंस को रास्ता देते हुए नहीं देखा जा सकता है।

इस वीडियो के संदर्भ में और विस्तृत विश्लेषण के लिए हमने एआई विशेषज्ञ मयंक शर्मा से संपर्क किया। मयंक ने बताया कि एंबुलेंस पर लिखे टेक्स्ट, एंबुलेंस के पीछे नहीं उठती लहरें और दूर ब्रिज पर चल रही गाड़ियों का अचानक दृश्य में आना और फिर गायब हो जाना, यह बताता है कि वायरल वीडियो AI-जनरेटेड है।

निष्कर्षः

DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर शेयर किया गया वीडियो AI-जनरेटेड है।