उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को पिछले दिनों प्रशासन द्वारा ढहा दिया गया। इस मामले को लेकर देश में चर्चाएं काफी ज्यादा हो रही हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो सहारनपुर का बताकर शेयर किया गया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि भगवा कपड़े में हिन्दू समुदाय के कुछ लोग एक मस्जिद के सामने से गुजर रहे हैं। वायरल वीडियो में इन्हीं लोगों में से एक शख्स के पास तलवार भी देखी जा सकती है। यूजर्स इस वीडियो को शेयर कर इसे उकसावे की कार्रवाई बता रहे हैं।
इस वीडियो को शेयर करते हुए Rahul Singh (ساحل سنگھا) नामक यूजर ने लिखा, ‘सहारनपुर मे ऐसे माहौल बिगाड़ ने की कोशिस को जा रही है पर @saharanpurpol @Uppolice @dgpup सब चुप है जबकि मस्जिद के सामने डंडे तलवार लहराते हुए घूम रहे है @myogiadityanath सरकार मे सनातन के नाम पर खुली गुंडागर्दी बिना किसी बिना किसी त्योहार के ये सब किया जा रहा है।’

Muhammad Imran Razvi नामक एक अन्य यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, ‘भाजपा के सांप्रदायिक नेता योगी आदित्यनाथ ने अपनी कुंठित और नफ़रती मानसिकता से पूरे प्रदेश को एक नफ़रती ज़ोन में बदल दिया है! अपनी राजनीतिक स्वार्थ के लिए सहारनपुर मे ऐसे माहौल बिगाड़ ने की कोशिस की जा रही है पर संघी पुलिस सब कुछ देखते हुए भी खामोश है। हिंदुत्ववादी चरमपंथी’

फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि वायरल वीडियो सहारनपुर का नहीं है। यह वीडियो उत्तराखंड के हरिद्वार के एक गांव में धार्मिक यात्रा निकाले जाने का है। वहीं DFRAC से बात करते हुए सहारनपुर के वरिष्ठ पत्रकार रियाज हाशमी ने बताया कि सहारनपुर में हाल-फिलहाल ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।
वायरल वीडियो की जांच के लिए हमारी टीम ने सबसे पहले वीडियो को की-फ्रेम्स में कन्वर्ट किया, फिर इन फ्रेम्स को गूगल लेंस की मदद से अलग-अलग रिवर्स सर्च किया। हमें यह वीडियो ऊर्दू न्यूज चैनल मुंसिफ टीवी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट मिला, जिसके साथ अंग्रेजी भाषा में कैप्शन के साथ जानकारी दी गई है, जिसका हिन्दी अनुवाद है, ‘उत्तराखंड के हरिद्वार में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यहाँ स्थानीय जामा मस्जिद के ठीक सामने एक प्रदर्शन का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें तलवारें और लाठियाँ खुलेआम लहराई जा रही थीं। वीडियो में हिंदू कार्यकर्ता विशाल दास और उनके साथी कथित तौर पर जामा मस्जिद को निशाना बनाते हुए और तलवार व लाठियों जैसे हथियार सार्वजनिक रूप से दिखाते हुए नज़र आ रहे हैं। इस घटना की कड़ी आलोचना हो रही है और इससे सांप्रदायिक सद्भाव व स्थानीय कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा हो गई हैं।’

वहीं हमें यह वीडियो Sant Ram Vishal Das Ji Maharaj नामक फेसबुक पेज पर भी पोस्ट मिला, जिसके साथ इसे ‘मुहिमधारी-मुहिम यात्रा’ के दूसरे दिन का वीडियो बताया गया है।

एक अन्य पोस्ट में बताया गया है, ‘मुहिम- एक धर्म जागरण यात्रा। धर्म अधिकार से पहले कर्तव्य बोध कराता है। इसलिए परमात्मा ने हमे जो प्रकृति रूपी जीवन उपयोगी उपहार दिया है। उसका संरक्षण हमारी जिम्मेदारी है।’

वहीं वीडियो के संदर्भ में हमें सहारनपुर पुलिस के आधिकारिक एक्स हैंडल @saharanpurpol से भी एक पोस्ट भी मिला, जिसके साथ जानकारी दी गई है कि वायरल वीडियो उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के ग्राम-डालुवाला, थाना- बुग्गावाला का है। पुलिस ने बताया, ‘उक्त वीडियो दिनांक 02.09.2026 को ग्राम डालुवाला, थाना बुग्गावाला, जनपद हरिद्वार (उत्तराखण्ड) में बनाई गई थी, जिसका वर्तमान सहारनपुर की घटना से कोई संबंध नहीं है। अतः सोशल मीडिया पर उक्त वीडियो को सहारनपुर की घटना से जोड़कर भ्रामक पोस्ट/सूचना प्रसारित न करें। भ्रामक सूचना अथवा पोस्ट प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।’

हमारी टीम ने इस वीडियो के संदर्भ में सहारनपुर के वरिष्ठ पत्रकार रियाज हाशमी से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि हाल-फिलहाल सहारनपुर में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि वायरल वीडियो सहारनपुर का नहीं है। यह उत्तराखंड के हरिद्वार में एक धार्मिक यात्रा के दौरान का वीडियो है। इसलिए यूजर्स का दावा भ्रामक है।
| Claim Review | Hindus brandished swords in front of a mosque in Saharanpur. |
| Claimed By | Social Media Users |
| Fact Check | Misleading |
Our Sources:
- Instagram Post of Musif TV India
- Facebook Post of Sant Ram Vishal Das Ji Maharaj
- X Post of Saharanpur Police
- Senior Journalist Riyaz Hashmi statement to DFRAC
