Bhim Army Sukhdev Jatav

फैक्ट चेकः श्रीराम पर अभद्र टिप्पणी के बाद भीम आर्मी के नेता की पिटाई का दावा भ्रामक है

Fact Check hi Featured Misleading

सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल है। इस वीडियो में कुछ पुलिसकर्मियों को एक शख्स की लाठी से जमकर पिटाई करते देखा जा सकता है। यूजर्स दावा कर रहे हैं कि भीम आर्मी के कार्यकर्ता सुखदेव जाटव ने भगवान श्रीराम पर अभद्र टिप्पणी की थी, जिसके बाद पुलिस ने उसकी जमकर पिटाई कर दी।

इस वीडियो को शेयर करते हुए Arun Yadav Kosli नामक यूजर ने लिखा, ‘भीम आर्मी कार्यकर्ता #सुखदेव_जाटव हमारे आराध्य प्रभु श्रीराम जी को गाली दे रहा था फिर पुलिस वाले भाइयों ने बहुत प्रेम से समझाया !’

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राजपूत सवित सिंह नामक यूजर ने वायरल वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘भीम आर्मी का कार्यकर्ता #सुखदेव मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान् राम जी पर अभद्र टिप्पणी कर रहा था थाना कोतवाली SP मनोज पांडे जी के हाथ चढ़ गया गा@ लाल कर दिए सारे सिपाही मिलकर…’

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इसके अलावा इस वीडियो को कई अन्य यूजर्स द्वारा भी भीम आर्मी के नेता द्वारा श्रीराम पर अभद्र टिप्पणी के दावे के साथ शेयर किया है, जिसे यहां और यहां देखा जा सकता है।

फैक्ट चेकः

DFRAC की टीम ने वायरल वीडियो की जांच में पाया कि सोशल मीडिया यूजर्स का दावा भ्रामक है और यह भीम आर्मी के कार्यकर्ता की पिटाई का वीडियो नहीं है। यह मई 2021 में महाराष्ट्र के जालना में बीजेपी युवा नेता की पिटाई का है। वायरल वीडियो की जांच के लिए सबसे पहले हमारी टीम ने वीडियो को की-फ्रेम्स में कन्वर्ट किया और गूगल लेंस की मदद से रिवर्स इमेज सर्च किया। हमने पाया कि इस वीडियो को News18 Marathi के एक्स हैंडल पर 27 मई 2021 को पोस्ट किया गया है, जिसके साथ मराठी भाषा में कैप्शन लिखा है, जिसका हिन्दी अनुवाद है, ‘कोविड अस्पताल में घुसकर ICU में तोड़फोड़ करने वाले BJP कार्यकर्ता की पुलिस ने पिटाई की।’

लिंक- News18 Marathi और ANI

इसके अलावा न्यूज एजेंसी ANI ने भी इस वीडियो के कुछ स्क्रीनशॉट को पोस्ट किया है, जिसके साथ जानकारी दी गई है, ‘महाराष्ट्र | वायरल वीडियो में जालना पुलिस बीजेपी युवा सचिव शिवराज नारियलवाले की पिटाई करती दिखी। कदीम जालना पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर प्रशांत महाजन ने कहा, “10 अप्रैल को एक मरीज़ की मौत के बाद, उसके परिवार वालों ने अस्पताल में तोड़-फोड़ की। उन्हें बाहर निकालने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया।” (हिन्दी अनुवाद)

वहीं वीडियो के बारे में और ज्यादा जानकारी के लिए हमारी टीम ने जालना के स्थानीय पत्रकार नाजिम सैयद से संपर्क किया। हमने नाजिम को वायरल वीडियो भेजा। वीडियो देखने के बाद नाजिम ने बताया कि यह बीजेपी नेता की पिटाई का पुराना वीडियो है। इस वीडियो का भीम आर्मी से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में तोड़-फोड़ के आरोप में बीजेपी नेता की पिटाई की गई थी और इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद कई पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई भी हुई थी।

निष्कर्षः

DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि वायरल वीडियो के साथ सोशल मीडिया पर किया गया दावा भ्रामक है। वायरल वीडियो भीम आर्मी के कार्यकर्ता की पिटाई का नहीं है। यह वर्ष 2021 में महाराष्ट्र के जालना में बीजेपी यूथ सचिव शिवराज की पिटाई का है।