फैक्ट चेक: अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिये को बीएसएफ द्वारा बांग्लादेश सीमा में भगाने का भ्रामक वीडियो वायरल

Fact Check Fact Check hi Fake Featured Misleading Misleading

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी के साथ वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो दौलारपुर बॉर्डर का बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि वायरल व्दियों एक अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिये को बीएसएफ द्वारा बांग्लादेश सीमा में भगा देने का है। जिसे दो दिन बाद बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड के जवानों ने फिर से भारत की सीमा में धकेल दिया।

Source: X

सोशल साईट X (पूर्व ट्विटर) पर वेरिफाइड यूजर जितेंद्र प्रताप सिंह ने वायरल वीडियो को शेयर कर लिखा कि “दौलारपुर बॉर्डर एक अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिया को बीएसएफ ने बांग्लादेश सीमा में भगा दिया 2 दिन के बाद बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड के जवान उस अवैध घुसपैठिये को फिर से भारत की सीमा में धकेलते हुए कैमरे में कैद हुए”

फैक्ट चेक:

वायरल वीडियो के साथ किये गए दावे की जांच के लिए DFRAC ने दावे से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट की पड़ताल की। इस दौरान हमें राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय मीडिया में ऐसी कोई खबर नहीं मिली। जिससे वायरल दावे की सत्यता की पुष्टि होती हो।

Source: The Business Standard

हालांकि इस दौरान हमें न्यूज़ पेपर द बिजनेस स्टेंडर्ड की एक रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में बताया गया कि “कुश्तिया के दौलतपुर उपजिला में प्रागपुर बॉर्डर पर कथित धक्का-मुक्की के शिकार हुए महिलाओं और बच्चों समेत 12 लोगों को आज (15 जून) तीन दिन बाद एक फ्लैग मीटिंग के ज़रिए इंडियन बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) को सौंप दिया गया। बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) और BSF के बीच फ्लैग मीटिंग के बाद, प्रागपुर में बॉर्डर पिलर 148/3-S के पास सुबह करीब 11 बजे उन्हें सौंप दिया गया। मीटिंग के बाद, 12 लोगों को ऑफिशियली BSF को सौंप दिया गया, यह बात कुश्तिया 47 BGB के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल राशिद कमल रोनी ने कन्फर्म की।”

वहीं आगे की जांच में हमने वायरल वीडियो का ध्यानपूर्वक विश्लेषण किया। इस दौरान हमने पाया कि वायरल वीडियो में हमें एक बार्डर मार्कर भी दिखाई दिया। उस पर ‘M.P. 157’ लिखा हुआ है। वीडियो में बेकग्राउंड से आ रही आवाज को ध्यानपूर्वक सुनने पर पता चलता है कि बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) घुसपेठियों को बंगाली भाषा में चेतावनी दे रही है। वीडियो में बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के जवान कह रहे है कि “जाओ, जाओ। तुम इंडिया से आए हो, इंडिया जाओ। मैं तुम्हें चेतावनी देता हूँ, बांग्लादेश की तरफ मत आना।”

इसके अलावा हमें यूट्यूब पर 15 जून 2026 की बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट द डेली इत्तेफाक और न्यूज़जी24 की मीडिया रिपोर्ट भी मिली। रिपोर्ट को कैप्शन देते हुए लिखा गया कि “BGB ने दौलतपुर बॉर्डर पर घुसपैठ की एक और कोशिश नाकाम की।”

DFRAC ने वायरल वीडियो के संबंध में बांग्लादेश में न्यूज़ वेबसाइट डिप्लोटिक के एडिटर यासीन अलमदार से बातचीत की। उन्होने बताया कि “वायरल वीडियो बांग्लादेश का है। उन्होने कहा कि वीडियो में दिख रही गतिविधि बांग्लादेश सीमा क्षेत्र की ही है, और इसमें भारतीय सीमा सुरक्षा बल की कोई भूमिका नहीं है।”

निष्कर्ष:

DFRAC के फैक्ट चेक साबित है कि वायरल वीडियो के साथ किया गया दावा भ्रामक है। क्योंकि वायरल वीडियो भारत का नहीं बल्कि बांग्लादेश का है। वहीं वीडियो में कहीं भी बीएसएफ़ जवान दिखाई नहीं देते है। इसके साथ ही घुसपैठिये के भारतीय होने की भी पुष्टि नहीं होती है।