पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार बनने के बाद कई वीडियो बुलडोजर कार्रवाई का बताकर शेयर किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही वीडियो वायरल है, जहां महिलाओं की भीड़ देखी जा सकती है। इसी भीड़ में बुर्का पहनी एक महिला रोती हुई नजर आ रही है। यूजर्स दावा कर रहे हैं कि पश्चिम बंगाल में बुलडोजर की कार्रवाई के बाद यह महिला रो रही है।
इस वीडियो को शेयर करते हुए Amrendra Bahubali नामक यूजर ने लिखा, ‘बंगाल में बुलडोजर एक्शन शुरू… TMC जितने के बाद हिंदू महिलाओं को प्रेग्नेंट करेंगे ऐसा बोलने वाली खातून अब रो रही है और ये सब अल्लाह की मर्जी से हो रिया हे’

इस वीडियो को शेयर करते हुए Ranjana Singh नामक यूजर ने लिखा, ‘कोलकाता में अवैध निर्माण पर सरकार बनते ही ताबड़तोड़ बुलडोज़र एक्शन शुरू हो गया…. ऐसे ही एक एक्शन के “शिकार” कुनबे की तश्वीर…. आपको देख कर सायद लगे कि उम्र के उतार पर मौजूद एक बूढी खातून का घर तोड़ा गया है…. बेचारी सर पकड़ रो रही है… तो थोड़ा फ़्लैशबैक में चलते हैं… ये वही खातून हैं…. जिनका एक वीडियो वायरल था जिसमें ये हिन्दू औरतों को धमकाई थीं कि चुनाव बाद जब इनकी मोमता बानो की सरकार आएगी इनके लड़के तुम्हे पे@ ट से करेंगे! अब क्यों रोना ख़ानम…. जो अति की थी उसको तुमको ही तो भुगतना पड़ेगा दरअसल ये दुनियाँ चपटी नहीं गोल है और यहाँ हर पाप का डबल रौल है…’

इसके अलावा कई अन्य यूजर्स द्वारा भी इस वीडियो को पश्चिम बंगाल का बताकर शेयर किया गया है, जिसे यहां, यहां और यहां देखा जा सकता है।
फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि यह वीडियो पश्चिम बंगाल का नहीं है, बल्कि दिल्ली के बाबरपुर इलाके का अप्रैल का है। कीफ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें यह वीडियो यास्मीन सैफी नामक फेसबुक यूजर की अकाउंट पर 29 अप्रैल 2026 को पोस्ट मिला। इस पोस्ट में जानकारी दी गई है कि बाबरपुर गैस एजेंसी पर एक आंटी सिलेंडर के लिए खड़ी थी, तभी किसी ने सिर पर बोतल फेंक कर मार दिया।
वहीं हमने आगे की जांच में पाया कि यास्मीन सैफी ने वीडियो वायरल होने की बाद इसकी सच्चाई बताते हुए एक और पोस्ट किया है। उन्होंने अपने पोस्ट में बताया है कि उनके वीडियो का गलत इस्तेमाल कर, उस पर वाइस ओवर डालकर फैलाया जा रहा है। उन्होंने अपने पोस्ट में स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो कोलकाता का नहीं है, बल्कि यह दिल्ली का है।
आगे की जानकारी के लिए हमारी टीम ने यास्मीन सैफी से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि यह वीडियो उन्होंने बनाया था, जो दिल्ली के बाबरपुर गैस एजेंसी का है। उन्होंने यह भी बताया कि वायरल वीडियो में दिख रही गैस एजेंसी मौजपुर मेट्रो स्टेशन के बिल्कुल करीब पड़ती है।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पश्चिम बंगाल का नहीं है। यह वीडियो दिल्ली के बाबरपुर गैस एजेंसी का है। दूसरी बात की यह वीडियो पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों से पहले का है, जिसे यास्मीन सैफी नामक फेसबुक यूजर ने 29 अप्रैल को पोस्ट किया था।

