पश्चिम बंगाल में 4 मई को चुनाव नतीजों के आने के बाद से ही झड़प और मारपीट की खबरें सामने आ रही हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ता की बीजेपी समर्थित गुंडों द्वारा बेरहमी से पिटाई की गई। इस वीडियो को टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने शेयर करते हुए लिखा, ‘तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर कथित तौर पर BJP समर्थित गुंडों ने बेरहमी से हमला किया। नया दौर! !!!!’ (हिन्दी अनुवाद)

इस वीडियो को टीएमसी कार्यकर्ता पर हमले के दावे के साथ कई अन्य यूजर्स द्वारा भी शेयर किया गया है, जिसे यहां और यहां देखा जा सकता है।
फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने वायरल वीडियो की जांच में पाया कि यह वीडियो पश्चिम बंगाल में टीएमसी कार्यकर्ता पर हमले का नहीं है। यह महाराष्ट्र के वर्सोवा में एक युवक पर जानलेवा हमले का वीडियो है। वीडियो के की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें इस वीडियो के बारे में maharashtranews9 के इंस्टाग्राम पर 11 अप्रैल को पोस्ट एक रिपोर्ट मिली।
इस रिपोर्ट में बताया गया है, ‘वर्सोवा में मोहम्मद ज़ैद नाम के एक युवक की बेरहमी से पिटाई करने के आरोप में वर्सोवा पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है। मोहम्मद ज़ैद के पिता और पत्नी ने इंसाफ की मांग की है। वर्सोवा पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है और उनमें से दो को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मोहम्मद ज़ैद की पत्नी के इस आरोप की जांच की है कि दो से ज़्यादा लोगों ने उसे मारा है और बाकी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।’
वहीं एक अन्य इंस्टाग्राम यूजर द्वारा भी इस वीडियो को 15 अप्रैल को महाराष्ट्र के वर्सोवा का बताते हुए शेयर किया है।
आगे की जांच के लिए हमारी टीम ने maharashtranews9 के पत्रकार नागेश कालसगोंडे से संपर्क किया। नागेश ने हमें बताया कि यह वीडियो महाराष्ट्र के मुंबई के वर्सोवा की घटना का है। उन्होंने इस घटना का पश्चिम बंगाल का होने से इनकार किया है। उन्होंने हमें बताया कि पुलिस ने मारपीट की इस घटना के आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार भी किया था। नागेश ने हमें FIR की कॉपी भी भेजी है।

निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर शेयर किया गया वीडियो पश्चिम बंगाल में टीएमसी के कार्यकर्ता की पिटाई का नहीं है। यह वीडियो महाराष्ट्र के वर्सोवा में एक युवक के साथ मारपीट की घटना का है। इसलिए कल्याण बनर्जी सहित अन्य यूजर्स का दावा भ्रामक है।

