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शुक्रवार, जनवरी 27, 2023
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DFRAC एक्सक्लूसिव: पाकिस्तान स्ट्रेटजिक फोरम के भारत विरोधी नेक्ससकाभांडाफोड़

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आज के इस अत्याधिक डिजिटल दौर में विभिन्न प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए अपने नैरेटिव को गढ़ने के लिए सूचनाओं को एक उपकरण के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इस तरह किसी भी जानकारी को पेश कर के उसके मतलब को आसानी से बदला जा सकता है। इन नरेटिव के माध्यम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर दर्शकों को एक निश्चित दिशा में ले जाने के लिए आजकल इन हथकंडों का बहुत ज़्यादा इस्तेमाल किया जाता है।

अपनी पिछली रिपोर्ट में, हमने Pakistan Strategic Forum के ट्विटर अकाउंट्स द्वारा चलाए जा रहे प्रोपेगैंडा को एक्सपोज़ किया था, जिसे आप इस link पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं। DFRAC के इस विश्लेषण में हम PSF नेटवर्क के कई अकाउंट्स में से दो अकाउंट्स का विश्लेषण करेंगे। इस विश्लेषण में उनके नफ़रती बयानों और भारत विरोधी एजेंडे पर प्रकाश डालेंगे। इस रिपोर्ट को अलग-अलग हिस्सों में विभाजित किया गया है। जो निम्नलिखित है।  

  • पीएसएफ के अकाउंट्स का परिचय
  • भारत को निशाना बनाने वाले फेक और भ्रामक कॉन्टेंट का फैक्ट चेक
  • कश्मीर के मुद्दे पर भारत के खिलाफ नफ़रत का प्रसार  
  • पक्षपातों का विश्लेषण
  • भारत के विरूद्ध एजेंडा
  • PSF के अकाउंट्स का विश्लेषण

  पीएसएफ के अकाउंट्स का परिचय

यह रिपोर्ट PSF नेक्सस से लिए गए दो अकाउंट्स पर केंद्रित है। ये अकाउंट्स पीएसएफ के प्रचलित नैरेटिव को बढ़ाने के लिए कार्य करते हैं।

1  The Intel Consortium

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The Intel Consortium के 26.3 हजार फॉलोअर्स हैं। इसके बायो के अनुसार यह अकाउंट @ForumStrategic के O&S निदेशालय का है, इसमें लिखा गया है: Weapons Intelligence, Threat Matrix and National Security Policy, Conflict Analytics, OSINT, Aerospace, Diplomacy & War.

नीचे दिया गया ग्राफ़ उन यूज़र्स को दर्शाता है, जिन्होंने The Intel Consortium के टॅाप 20 ट्वीट्स को सबसे ज़्यादा पसंद किया है। इनमें @AhsanKh74663374, @manoo7541, @Umarhere73, @Abdullah5385 और @KaleemUqbah आदि यूजर्स शामिल हैं।

2.   Conflict Watch PSF

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यह अकाउंट @ForumStrategic के कॉन्फ्लिक्ट एनालिटिक्स डिवीजन का है। इसके 5.8 हजार फॉलोअर्स हैं और इसके बायो लिखा गया है: Gaining & disseminating vital open-source intelligence obtained from studying external conflicts around the globe।  

नीचे दिया गया ग्राफ़ उन यूज़र्स को दर्शाता है, जिन्होंने कॉन्फ्लिक्ट वॉच के टॅाप 20 ट्वीट्स को सबसे ज़्यादा पसंद किया है, इसके कुछ शीर्ष यूज़र्स में @danish_shazarul, @Arslan450here, @AhsanKh74663374, @malik_nawas5, आदि शामिल हैं। वहीं इसके कुछ यूज़र्स भारत से भी हैं, जिसमें- @GurbaxBains, @anshu142000, @Akash_NaikR आदि शामिल हैं।

नीचे दिए गए टाइमलाइन में देखा जा सकता है कि कॉन्फ्लिक्ट वॉच के अकाउंट बनाने के बाद ट्वीट की शुरुआत 14 सितंबर 2021 से हुई थी और द इंटेल कंसोर्टियम के अकाउंट बनाने के बाद ट्वीट 11 अप्रैल 2022 से शुरू हुआ। जिसमें देखा जा सकता है कि इंटेल कंसोर्टियम के ट्वीट्स की तादाद समय के साथ बढ़ी है।

भारत के खिलाफ फेक और भ्रामक कॉन्टेंट का फैक्ट चेकः

  • दावा: भारत में बनी खांसी की दवाई (कफ़ सिरप) बच्चों की मौत का कारण है।

कंफ्लिक्ट वॉच पीएसएफ और द इंटेल कंसोर्टियम, दोनों ने दावा किया है कि इंडोनेशिया में भारत निर्मित कफ सिरप के कारण बच्चों की मौत हुई है।

फैक्ट चेक: इंडोनेशिया (BPOM) ने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया था कि diethylene glycol और ethylene glycol ये दोनों केमिकल इंडोनेशिया में पंजीकृत नहीं थे और ये पश्चिम अफ्रीका में इस्तेमाल किए गए थे। इसके अलावा, यह पुष्टि नहीं हुई कि सिरप आयात किया गया था या स्थानीय रूप से उत्पादित किया गया था। इसलिए, ये सिरप भारतीय निर्मित होने का दावा भ्रामक है।

 दावा: पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ 1965 का युद्ध जीता था

एक ट्वीट में, द इंटेल कंसोर्टियम ने लिखा, “ओह, मैं सिर्फ भारत के साथ 1965 के पाकिस्तान युद्ध के टैंक लड़ाइयों की बात कर रहा हूं। हमने उसे जीता था ।

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फैक्ट चेक: नीचे इस बारे में क्विंट की एक रिपोर्ट शेयर की गई है कि 1965 के युद्ध में किसने क्या खोया’ था।

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इस युद्ध में पाकिस्तान ने पहले से ज़्यादा संसाधनों और क्षेत्रों को खोया था और ऐसा कोई आंकड़ा नहीं हैं जो पीएसएफ के इस दावे को साबित कर सके कि 1965 का युद्ध पाकिस्तान ने जीता था।

युद्ध के बाद भारत और पाकिस्तान ने रण ऑफ कच्छ में युद्ध रोकने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। “जहां भारत और पाकिस्तान दोनों सरकारों ने गुजरात/पश्चिम पाकिस्तान सीमा के क्षेत्र में 1 जनवरी, 1965 को युद्धविराम और पहले जैसी स्थिति को बहाल करने के लिए इस विश्वास के साथ सहमति व्यक्त की थी कि यह समझौता पूरे भारत/ पाकिस्तान सीमा के साथ वर्तमान तनाव को भी कम करने में योगदान देगा।

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इसलिए, पीएसएफ फ्रंट का यह दावा कि पाकिस्तान ने 1965 का यह युद्ध जीता था। ये लोगों को गुमराह करने के अलावा कुछ भी नहीं है।

 दावा: महाराष्ट्र मेंपाकिस्तान ज़िंदाबादके नारे लगे

Conflict Watch PSF ( @AmRaadPSF ) ने भारतीय चैनल ANI की एक वीडियो पोस्ट कर के दावा किया है कि “महाराष्ट्र में PFI द्वारा पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाए जा रहे हैं। वीडियो का कैप्शन था, “#पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे #महाराष्ट्र  #भारत में “”  #नरेंद्रमोदी की सरकार अल्पसंख्यकों को उनकी सीमा से बाहर धकेल रही है RSS की भीड़ मस्जिदों, चर्चों और अन्य धर्म स्थलों को बदनाम करती है, अत्याचारी #RSS, #भारतीय समुदाय का ध्रुवीकरण कर रहा है, अब सेकुलरिज्म का पर्दाफ़ास हो चुका है।

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फैक्ट चेक: DFRAC की टीम ने पाया कि वास्तव में  ‘पॉपुलर फ्रंट जिंदाबाद’ के नारे लग रहे थे, साथ ही पुलिस ने इस तरह की किसी भी घटना की पुष्टि नहीं की है।

दावा: अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद के लिए भारत पर आरोप

इंटेल कंसोर्टियम ने एक रिपोर्ट को कैप्शन के साथ साझा किया “अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद में #भारत की भागीदारी का पर्दाफाश करते हुए, #कतर ने हाल ही में जासूसी के आरोप में भारतीय नौसेना के 8 पूर्व अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारी वर्गीकृत डेटा को इज़राइल और भारत में स्थानांतरित करने में सक्रिय रूप से शामिल थे।”

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फैक्ट चेक: रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन पूर्व अधिकारियों के खिलाफ आरोप अभी भी अज्ञात हैं, लेकिन इंटेल कंसोर्टियम ने एक आर्टिकल शेयर करते हुए भारत पर अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद का आरोप लगाया है ।

 कश्मीर के मुद्दे पर भारत के खिलाफ नफरत फैलाना

पीएसएफ के ये दोनों अकाउंट्स भारत के खिलाफ नफ़रत से भरे हुए हैं। इन अकाउंट्स से कश्मीर के मुद्दों पर भारत के खिलाफ कई नफ़रत भरे ट्वीट किए गए हैं, इनमें कश्मीर को भारत द्वारा अवैध रूप से क़ब्ज़ा किया हुआ क़रार दिया गया है, यूक्रेन की स्थिति की तुलना कश्मीर से करना और नफ़रत फैलाने वालों Mushaal Hussein. जैसे फेक समाचार पेडलर्स के समर्थन में पोस्ट शेयर करना शामिल है।

पक्षपात और मंशा का विश्लेषण

इस अकाउंट के ज़रिए यूक्रेन के विदेश मंत्री के उस बयान के बारे में ट्वीट किया गया, जिसमें रूस से तेल ख़रीदने पर भारत की आलोचना की गई थी।

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हालाँकि, इंटेल कंसोर्टियम ने कहीं भी रूस के कच्चे तेल के सबसे बड़े आयातक या जर्मनी और यूरोपीय संघ के बारे में कुछ नहीं कहा है, जो कि यूक्रेन और रूस के युद्ध के दौरान रूस के गैस का सबसे बड़े आयातक हैं।

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इतना ही नहीं, पीएसएफ के इन दोनों अकाउंट्स ने चीन के बारे में कई ऐसी पोस्ट शेयर की हैं, जो चीन की तारीफ में हैं। वे मानवाधिकारों की बात करते हैं लेकिन उइगर मुसलमानों के साथ चीन जो कर रहा है, उसे बिल्कुल दरकिनार कर दिया है। चीन को लुभाने के लिए उनके द्वारा किए गए ट्वीट्स को नीचे दिए गए स्क्रीनशॉट में देखा जा सकता है।

China can be seen below.

  • भारत को बदनाम करना

पाकिस्तान सहित, चीन, क्यूबा, ​​​​दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, थाईलैंड और वियतनाम जैसे अन्य देशों ने भी इस प्रस्ताव पर वोट देने से परहेज़ किया हैं। फिर भी इन अकाउंट्स ने अपने ट्वीट में सिर्फ भारत पर निशाना साधा है।

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सिद्धू मूसेवाला की दुर्भाग्यपूर्ण हत्या ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उनके प्रशंसकों को झकझोर कर रख दिया। लेकिन, इन अकाउंट्स ने मूसेवाला की घटना को भारत में सांप्रदायिकता भड़काने के अवसर के रूप में इस्तेमाल किया। एक ट्वीट में कॉंन्फ्लिक्ट वॉच पीएसएफ ने लिखा, “भारतीय गायक सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई, एक और #पंजाबी आवाज़ को #भारतीय फासीवादी राज्य द्वारा खामोश करा दिया गया । सिखों और मुसलमानों सहित #भारत के अल्पसंख्यकों पर लगातार हमले हो रहे हैं। #सिद्धूमूसे वाला सिखों के अधिकारों के लिए खड़े हुए जिसकी उसको कीमत चुकानी पड़ी।

इन अकाउंट्स द्वारा सिद्धू मूसेवाला की हत्या के पीछे अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न बताया गया है, जबकि इस मामले में धार्मिक एंगल नहीं है। दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि पुलिस की जांच में सामने आया है कि मूसेवाला की हत्या आपसी विवाद में की गई थी।

पीएसएफ अकाउंट्स का विश्लेषण

  • कॉन्फ्लिक्ट वॉच ने कई हैशटैग का इस्तेमाल किया है जिसमें भारत भी शामिल है। उनमें से कुछ हैं:  #IndiaArmy, #ModiShamesIndia, #BoycottIndianProducts, #IndiaSupressingSpeech, आदि। नीचे दिये गए वर्डक्लाउड में इस्तेमाल किए गए हैशटैग को देखा जा सकता है ।
  • नीचे दिया गया वर्डक्लाउड उन शब्दों को दिखाता है जो दोनों अकाउंट्स के द्वारा भारत पर किए गए ट्वीट्स में सबसे ज़्यादा उपयोग किए गए थे। कुछ शब्दों में “आतंकवादी”, “परमाणु”, “भारतीय सेना”, “कश्मीर”, आदि शामिल हैं।
  •  नीचे वो अकाउंट्स दिए गए हैं जिनका ज्यादातर कॉन्फ्लिक्ट वॉच द्वारा ज़िक्र किया गया था।
  •  नीचे वो अकाउंट्स दिए गए हैं जिनका ज़िक्र ज्यादातर इंटेल कंसोर्टियम द्वारा किया गया था।
  • नीचे दिए गए पाई चार्ट, कंफ्लिक्ट वॉच के अकाउंट द्वारा की जाने वाली पोस्ट के प्रकारों को दिखाता है।
  •  नीचे दिया गया पाई चार्ट, इंटेल कंसोर्टियम के अकाउंट द्वारा किए गए पोस्ट के प्रकार को दर्शाता है ।

 निष्कर्ष:

इस रिपोर्ट में पीएसएफ के कई अकाउंट्स में से दो अकाउंट्स द्वारा उपयोग की जाने वाली सूचनाओं में हेरफेर, भ्रामक सामग्रियों के प्रसार और फेक न्यूज पोस्ट करने की स्थितियों को स्पष्ट किया गया है। रिपोर्ट में इस बात पर भी प्रकाश डाला गया है कि कैसे वो भारत के खिलाफ अपने पक्षपाती और नफ़रती नैरेटिव को आगे बढ़ा रहे हैं। अपने नैरेटिव को पूरा करने के लिए, उन्होंने गलत सूचनाओं और आधे सच का इस्तेमाल किया है। इस प्रकार की गतिविधियां एक गंभीर चिंता पैदा करती हैं कि अगर कोई संगठन या थिंकटैंक की आड़ में इतनी बड़ी संख्या में गलत सूचना शेयर करता है, तो क्या इसे गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए।

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