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गुरूवार, अगस्त 18, 2022
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कश्मीर फाइल्सः सिनेमा हॉल से सोशल मीडिया तक फैला मुस्लिमों के खिलाफ हेट

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90 के दशक में कश्मीर से कश्मीरी पंडितों के विस्थापन पर फिल्म डायरेक्टर विवेक रंजन अग्निहोत्री ने फिल्म “कश्मीर फाइल्स” बनाई है। यह फिल्म घाटी से कश्मीरी पंडितों के विस्थापन, पलायन के दर्द और वहां होने वाली बलात्कार और हत्या की घटनाओं को प्रदर्शित करती है। फिल्म का प्रमोशन बड़े स्तर पर किया गया। पीएम नरेंद्र मोदी से लेकर बीजेपी के नीचले स्तर तक के कार्यकर्ताओं ने इस फिल्म का प्रचार किया। दक्षिणपंथी समूहों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस फिल्म के टिकट खरीदकर आम लोगों को गिफ्ट किए, जिससे इस फिल्म को लोग देख सकें।

फिल्म के सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद शुरुआती हफ्तों में सिनेमाघरों का नजारा अलग ही था। फिल्म देखने पहुंचे युवाओं और लोगों की भीड़ फिल्म देखने के बाद मुस्लिम समुदाय के खिलाफ काफी आक्रामक हो गई और सिनेमाघर से ही मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नारेबाजी से लेकर बहिष्कार तक की बात कही गई। इस तरह के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। एक वायरल वीडियो में लोगों की भीड़ को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि- जब मुल्ले काटे जाएंगे, राम-राम चिल्लाएंगे।

वहीं एक और वीडियो भी वायरल हुआ था। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक युवक इतना आक्रामक हो जाता है कि वह सिनेमाघर से सार्वजनिक रुप से ये ऐलान करने लगता है कि सभी हिन्दू लड़कों को मुसलमान लड़कियों से शादी करनी चाहिए, जिससे 3 पीढ़ी जाते-जाते मुस्लिमों की जनसंख्या आधी हो जाए।

एक और वायरल वीडियो में लोगों का एक झुंड नारेबाजी कर रहा है। लोगों के इस झुंड को यह कहते सुना जा सकता है कि “जागे थे जब प्रताप-शिवाजी, मार भगाए मुल्ला-काजी”।

एक अन्य वीडियो में एक किशोर को यह कहते सुना जा सकता है कि हिन्दूओं को उनसे (मुस्लिमों) से सावधान हो जाना चाहिए।

वहीं एक वीडियो और वायरल हुआ था जिसमें गोली मारने के नारे लगे थे। भीड़ ने नारा लगाया था- “देश के गद्दारों को, गोली मारों सालों को”

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन वीडियो ने मुस्लिम समुदाय के खिलाफ जमकर नफरत बोई। लोगों ने सोशल मीडिया पर कश्मीर फाइल्स को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। लेकिन इन प्रतिक्रियाओं में निशाने पर मुस्लिम समुदाय ही रहे। वहीं इस फिल्म के बहाने दक्षिणपंथियों को मुस्लिम विरोधी एजेंडा चलाने का भरपूर मौका भी मिल गया। इन लोगों ने मुस्लिम समुदाय के खिलाफ या तो सीधे पोस्ट लिखी या फिर हिन्दू समुदाय को मुस्लिमों से डराने के लिए पोस्ट लिखी। दीपक सिंह नाम के एक यूजर ने फेसबुक पर लिखा कि “जनसंख्या नियंत्रण और समान नागरिक संहिता पर कार्य न हुआ तो the Kashmir files देखने के लिए सिनेमाघरों में नहीं जाना पड़ेगा, सब लाइव देखने को मिलेगा! हिन्दू फोर्स”

राकेश सिसोदिया प्रदेश उपाध्यक्ष नामक यूजर ने कश्मीरी पंडितों के साथ हुई घटना का बदला लेने की बात करते हुए लिखा- “क्या कश्मीरी हिन्दुओ का बदला लेना चाहिए कश्मीर जैसे मुस्लिम आपके पड़ोसी भी है लेकिन अभी जनसंख्या मैं कम है जिस दिन बराबर हो गए ये हाल हर जगह होगा एक रहें और सतर्क रहें”

 

फेसबुक पर सुशील तिवारी नाम का एक पेज है। सुशील तिवारी खुद को ‘हिन्दू आर्मी’ का चीफ कहता है। इस पेज से लगातार मुस्लिम समुदाय और विपक्षी नेताओं के बारे में नफरत और फेक सूचनाएं पोस्ट की जाती है। इस पेज पर पोस्ट किए गए वीडियो में सुशील तिवारी को कई भ्रामक और तथ्यहीन बाते कहते हुए सुना जा सकता है। वीडियो में तिवारी ने कहा कि 10 लाख से ज्यादा कश्मीरी पंडित प्रभावित हुए थे। वहां हिन्दू औरतों के साथ रेप और उनको जान से मारने की लाखों घटनाएं हुई हैं।

 

सुशील तिवारी से अलग सच्चाई यह है कि पी. पी. कपूर के द्वारा दायर की गई आरटीआई के अनुसार, 1.5 लाख लोगों ने कश्मीर से पलायन किया था। उनमें से 88% हिंदू थे। ये पलायन घाटी में हुई हिंसा और खतरे के कारण हुआ था। वहीं हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान 219 कश्मीरी पंडित मारे गए थे। साथ ही 24000 पंडित परिवारों ने घाटी से पलायन किया था।

इकोनॉमिक टाइम्स के लेख के अनुसार, कश्मीर पंडित संगठन ने दावा किया कि 1990 में पलायन के दौरान कम से कम 399 पंडित मारे गए और बाद के 20 वर्षों में 650 मारे गए। इसलिए लाखों लोगों के मरने का आरोप झूठा है।

टाइमलाइनः

सोशल मीडिया पर ‘कश्मीर फाइल्स’ को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा 20 मार्च को रही। जब #KashmirFiles हैशटैग पर 4,700 से अधिक ट्वीट्स और इस हैशटैग पर 1,500 से ज्यादा रिप्लाई किए गए। इसके बाद हैशटैग की टाइमलाइन ऊपर-नीचे होती रही। नीचे दिया गया टाइमलाइन 17 से 25 मार्च तक हैशटैग पर किए गए ट्वीट्स और रिप्लाई का है।

हैशटैग का इस्तेमालः

नीचे #KashmirFiles के हैशटैग के साथ उपयोग किए गए सभी हैशटैग का डाटा है। जहां #KashmirFiles टॉप पर ट्रेंड कर रहा था, वहीं ट्विटर यूजर्स ने इसके साथ कुछ और हैशटैग का इस्तेमाल किया। उनमें #TheKashmirFiles, #KashmirFilesTruth, #KashmiriPandits, #KashmirGenocide, और #Kashmir शामिल हैं।

अकाउंट मेंशनः

नीचे बार ग्राफ में दिखाया गया है कि वे कौन से अकाउंट्स हैं, जिन्हें हैशटैग के साथ ट्वीट में ज्यादातर टैग या मेंशन किया गया है। @vivekagnihotri को सबसे अधिक बार 3,600 से ज्यादा बार टैग किया गया। @AnupamPKher को 1,500 से अधिक बार टैग किया गया। उसके बाद @ArvindKejriwal और @narendramodi को क्रमशः 530 और 470 से अधिक बार टैग किया गया।

ज्यादा ट्वीट करने वाले यूजर्सः

#KashmirFiles के हैशटैग पर कई लोगों ने ट्वीट किया। उनमें से कुछ ने ट्वीट किया, जिनमें ज्यादातर मीडिया हाउस शामिल हैं। इनमें @TNnavbharat ने 170 से अधिक बार ट्वीट किया, उसके बाद @News18India ने 100 से अधिक बार ट्वीट किया, उसके बाद @sniffthenews, @PLCAUTO, @WokePandemic और @Shayansha_ ने क्रमशः 64, 50, 47 और 44 बार ट्वीट किया।

 

वर्लक्लाउडः

नीचे दिए गए वर्डक्लाउड से पता चलता है कि #KashmirFiles के हैशटैग के साथ अंग्रेजी और हिंदी ट्वीट में कौन से शब्द सबसे अधिक बार उपयोग किए गए थे।

नए यूजर्स का टाइमलाइनः

इस विश्लेषण में सबसे ज्यादा चौकाने वाली बात यह है कि #KashmirFiles हैशटैग पर सबसे ज्यादा ट्वीट करने वाले अकाउंट्स नए बनाए गए हैं। बीस हजार से ज्यादा यूजर्स का विश्लेषण करने के बाद यह फैक्ट सामने आया है कि बहुत से अकाउंट इस साल की शुरूआती महीने जनवरी बनाए गए हैं, इसके बाद बहुत से अकाउंट पिछले महीने बनाए गए थे। 17 मार्च 2022 को अधिकतम संख्या में ऐसे खाते बनाए गए, जिन्होंने हैशटैग के साथ पोस्ट शेयर भी की।

ट्वीट करने वाले वेरीफाइड यूजर्सः

#KashmirFiles हैशटैग पर 500 से ज्यादा वेरिफाइड यूजर्स ने ट्वीट किया है। अगर हम उनमें से शीर्ष 25 को देखें तो ये- @aajtak, @timesofindia, @ABPNews, @TimesNow, @sardesairajdeep, @ANI, @IndiaToday, @RGVzoomin, @rsprasad, @kamaalrkhan, @CNNnews18 और @sagarikaghose सहित तमाम मीडिया चैनल्स और वेबपोर्टल्स थे।

नॉन-वेरीफाइड यूजर्सः

#KashmirFiles के हैशटैग पर 19,000 से अधिक नॉन वेरीफाइड यूजर्स ने ट्वीट किया। जिसमें ­@abplivenews, @bstvlive, @Divya_Bhaskar, @nakkheeranweb, @Aamitabh2, @JuniorVikatan, @rattibha, @sach_ki_Aawaz, @thepeeinghuman, @idlebrainjeevi, @Rofl_Swara1 और @DeshbhaktAhmed सहित तमाम यूजर्स थे।

 

हैशटैग का पाई चार्टः

नीचे दिए गए पाई-चार्ट से पता चलता है कि 20,000 ट्विटर अकाउंट्स में से अधिकांश 97.4% नॉन वेरीफाइड यूजर्स थे। वहीं सिर्फ 2.56% ही वेरीफाइड यूजर्स थे, जिन्होंने हैशटैग को ट्वीट किया।

 

यूजर्स की लोकेशनः

नीचे विश्व मानचित्र दिया गया है, जिसमें सोशल मीडिया यूजर्स के स्थान चिन्हित किए गए हैं, जिन्होंने सभी हैशटैग के साथ पोस्ट शेयर की है। नीचे दिया गया विश्व मानचित्र 10,000 से अधिक यूजर्स का डाटा दिखाता है। इस हैशटैग का इस्तेमाल करने वाले अधिकांश यूजर्स लगभग 9870 भारत से थे। इसके बाद 328 यूजर्स अमेरिका और फिर 165 यूजर्स पाकिस्तान से थे। यहां पाकिस्तान का एंगल काफी रोचक हो जाता है। जिसका अध्ययन हम आगे कर रहे हैं।

पाकिस्तानियों द्वारा किया गया ट्वीटः

#KashmirFiles के हैशटैग पर ट्वीट करने वाले शीर्ष पाकिस्तानी खातों का ग्राफ नीचे दिया गया है। उनमें @javerias, @TeamSarwar, @SidraIqbal, @MushaalMullick, @BaaghiTV, @soldierspeaks, @TheCurrentPK और @HamzaSiddiquiPK सहित तमाम लोग शामिल हैं।

पाकिस्तानियों के नफरती ट्वीटः

फिल्म “कश्मीर फाइल्स” को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद बढ़ा तो इस विवाद में पाकिस्तानी यूजर्स भी कूद गए। उन्होंने कश्मीर को लेकर भारत विरोधी एजेंडा चलाया और कश्मीरी मुसलमानों को बरगलाने की कोशिश करते हुए भारतीयों को इस्लामोफोबिया से ग्रसित बताया। हम नीचे पाकिस्तानी यूजर्स का एक कोलाज दे रहे हैं, जिन्होंने भारत के खिलाफ प्रोपेगैंडा वाला ट्वीट किया और कश्मीरी मुसलमानों को बरगलाने की कोशिश की गई। साथ ही पाकिस्तानी यूजर्स के पोस्ट का लिंक भी शेयर किया जा रहा है।

https://twitter.com/javerias/status/1505062986611838977

https://twitter.com/anees_avis/status/1504917058865319945

https://twitter.com/MariaSartaj/status/1505301984689098753

https://twitter.com/AsifSha74512107/status/1505562532643180544

https://twitter.com/Noreenbutt007/status/1505131124225413124

https://twitter.com/amirfan00/status/1505566109214273536

https://twitter.com/hassankomputer/status/1505116449819480065

https://twitter.com/HamzaSiddiquiPK/status/1506912133447045122

https://twitter.com/HamzaSiddiquiPK/status/1506912484300668928

https://twitter.com/farah_lodhi/status/1506887334884790274

https://twitter.com/DaniMalik7860/status/1505569913825644549

https://twitter.com/MushaalMullick/status/1506175036192968707

https://twitter.com/TeamSarwar/status/1506239514301591552

 अमेरिका से ट्वीट करने वाले यूजर्सः

नीचे दिए गए चार्ट में वह अमेरिकी यूजर्स हैं, जिन्होंने #KashmirFiles के हैशटैग के साथ ट्वीट किया। जिसमें @cjwerleman, @URDUVOA, @LaydenRobinson, @Mufti_Yasir, @greatandhranews, @MediaOneTVLive, @CChristineFair और @kanimozhi शामिल हैं।

 

 

 

नफरती ट्वीट का कोलाजः 

यहां हम उन ट्वीट का कोलाज दे रहे हैं, जिन्होंने कश्मीर फाइल्स के बहाने नफरत का प्रचारऔर प्रसार किया है।

Links:

https://twitter.com/Roccoo92135396/status/1502709020427452416

https://twitter.com/Sanjaykatra/status/1507161838097641475

https://twitter.com/Nileshvijay45/status/1503026151778045955

https://twitter.com/Abhi17Yad/status/1503106935536889856

https://twitter.com/bharat_tandon11/status/1503575409727737861

PFI द्वारा किया गया ट्वीटः

नीचे हमने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के ट्वीट का लिंक दिया है। जिसने #TheKashmirFiles का इस्तेमाल किया है।

 

निष्कर्षः

‘कश्मीर फाइल्स’ फिल्म देखने के बाद लोगों के जिस प्रकार के रिएक्शन आए, वह काफी डराने वाले थे। लोगों ने खुले तौर पर मुस्लिम समाज के खिलाफ नफरत का इजहार किया। यह नफरत सिनेमा हॉल से लेकर सोशल मीडिया तक फैल गया। कुछ चरमपंथियों ने गुस्से से उबल रहे लोगों को उकसाने की भी कोशिश की। उन्होंने सोशल मीडिया से लेकर मुख्यधारा की मीडिया तक नफरती पोस्ट और बयान देते रहे।

फिल्म ‘कश्मीर फाइल्स’ के अधूरे सच को पूरा सच मानकर लोगों ने उन मुसलमानों को अपशब्द और गोली मारने जैसी बाते करने लगे, जिसका इस पूरे विवाद से कोई लेना-देना ही नहीं है। अगर मान भी लिया जाए कि कश्मीरी मुस्लिमों ने कश्मीरी पंडितों पर जुल्म ढाए, तो इसका यूपी और बिहार के मुसलमानों से क्या वास्ता है? लेकिन सोशल मीडिया पर मुस्लिमों के बहन-बेटियों को लेकर गंदी बातें की गईं, उनके खिलाफ खुलेआम बहिष्कार का आह्वान किया गया। नफरती माहौल और टकराव जैसे ये हालात किसी भी लोकतांत्रिक देश और उसकी अंदरूनी अमन-चैन के खिलाफ होते हैं। भारत जैसे विविधता वाले देश में खुलेआम ऐसे नफरत का प्रसार देश की आत्मा के विरुद्ध है।

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DFRAC Editor
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