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फैक्ट चेक: क्या योगी सरकार से पहले यूपी में 17.5 फीसदी थी बेरोजगारी?

ट्विटर पर कई जाने-माने ट्रोल अकाउंट्स ने दावा किया है कि योगी आदित्यनाथ की सरकार से पहले 2017 में यूपी की बेरोजगारी दर 17.5% थी

इस दावे को ऋषि बागरी ने पोस्ट किया था, जो फर्जी खबरें और गलत सूचना पोस्ट करने के लिए जाने जाते हैं। बाद में इस दावे को कई यूजर्स द्वारा शेयर किया गया, जिन्होंने उसी जानकारी को पोस्ट करने के लिए ‘कॉपी पेस्ट’ प्रारूप का उपयोग किया था।

कई उपयोगकर्ताओं द्वारा पोस्ट किए गए दावे

फैक्ट चेक:

चूंकि इन ट्वीट्स में किए गए दावे के लिए डाटा का रेफरेंस सीएमआईई (सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी) से हैं, इसलिए हमने 2017 में बेरोजगारी दर पर उनके डाटा को खोजने के लिए उनके अभिलेखागार को खंगाला। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि योगी आदित्यनाथ ने मार्च 2017 में सरकार संभाली थी।

यूपी में रिपोर्ट की गई सबसे अधिक बेरोजगारी दर जून 2016 में 18.0% थी, उसके बाद अगस्त 2016 में अखिलेश यादव सरकार के तहत 17.1% थी, जिसके बाद 2016 और 2017 की शुरुआत में धीरे-धीरे कमी आई थी। उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी की उच्चतम दर 2017 में सत्ता में आने के बाद से भाजपा सरकार के तहत था, प्रदेश में अप्रैल 2020 में 21.5% था, इसके बाद मई 2020 में लॉकडाउन के कारण 20.4% था।

मई-अगस्त 2021 में, CMIE के अनुसार बेरोजगारी प्रतिशत में 3.75% से 4.84% की वृद्धि हुई है।

इसलिए, योगी आदित्यनाथ की सरकार के तहत बेरोजगारी की दर वास्तव में 2017 से बढ़ी है। इसलिए, यह दावा भ्रामक है।