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फैक्ट चेकः सोशल मीडिया पर वायर हो रही मस्जिद गिराए जाने की तस्वीर का सच

सोशल मीडिया पर मस्जिद गिराए जाने की एक तस्वीर वायरल की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर उत्तर प्रदेश की है। अलग-अलग यूजर्स ने इस तस्वीर को अलग-अलग कैप्शन के साथ सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है।

कई यूजर्स ने इसे उत्तर प्रदेश की तस्वीर बताया तो कई ऐसे भी हैं जिन्होंने यह नहीं बताया कि यह तस्वीर कहां की है।

FB पोस्ट

पोस्ट को देखने के लिए यहां क्लिक करें।

फैक्ट चेकः

बूम ने रिवर्स इमेज सर्च किया और पाया कि यह 7 अगस्त 2014 को सोशल मीडिया पर ट्वीट की गई थी। ट्वीट में मस्जिद के विध्वंस की तीन अन्य तस्वीरें थीं, जिसका कैप्शन था, “अहमदाबाद: एएमसी द्वारा विस्तारित जुहापुरा अहमदाबाद में अवैध रूप से निर्मित मस्जिद को ध्वस्त किया गया”

ट्वीट का आर्काइव देखने के लिए यहां क्लिक करें।

विध्वंस अभियान की सभी तस्वीरों में अहमदाबाद स्थित एक ऑनलाइन समाचार पोर्टल “देशगुजरात” का वॉटरमार्क शामिल है। ट्वीट में 7 अगस्त 2014 को प्रकाशित देशगुजरात का एक लेख भी था। इससे क्लू लेते हुए, हमने फेसबुक पर कीवर्ड सर्च किया और पाया कि यह तस्वीर उसी तारीख को देशगुजरात के पेज पर लेख के लिंक के साथ अपलोड की गई थी।

2014 से किये गए ट्वीट

लेख के अनुसार, अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने पाया कि वेयरहाउस, बर्फ कारखानों और एक धार्मिक निर्माण सहित कई अवैध संरचनाएं एएमसी की कचरा निपटान संयंत्र के लिए आरक्षित भूमि पर बनाई गई थीं। इसलिए, एएमसी टीम ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वाले अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है, एएमसी की टीमें 6 अगस्त 2014 की सुबह अहमदाबाद, गुजरात में विशाल नारोल रोड पर पुलिस बल के साथ पहुंचीं और बिना किसी बड़े विरोध के अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया, इसमें मस्जिद भी शामिल थी। हालांकि यह तस्वीर इंटरनेट पर 2014 से है, लेकिन हम यह सत्यापित नहीं कर सके कि तस्वीर अहमदाबाद की है या नहीं।