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तालिबान की क्रूरता के दावे के साथ वायरल हुई तस्वीर का सच

अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान के क़ब्ज़ा होने से यह पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। अफगान नागरिक किसी भी तरह से दूसरे देशों में भाग रहे हैं। तालिबान और उसकी विचारधारा ‘डरकर’ अपनी जान बचाने के लिये देश से भागने हज़ारों लोग काबुल हवाई अड्डे जमा हो गए। जिसमें से कुछ तो एक सैन्य जेट के हवाई जहाज़ के पहिये से भी चिपके हुए थे क्योंकि वह विमान टेक-ऑफ करने के लिए तैयार था।
इसी बीच हाथ में किताब लिए रोती हुई बच्ची की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस चौंकाने वाली तस्वीर के बारे में दावा किया जा रहा है कि यह अफगानिस्तान की है। इस तस्वीर में तालिबान का ख़ौफ स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है और अफगानिस्तान में अराजक स्थिति का अंदाज़ा भी इस तस्वीर से लगाया जा सकता है।
इस तस्वीर को ट्वीटर पर पोस्ट करने वाले यूजर ने लिखा है कि “यह तस्वीर दुनिया की ताकतों को आईना दिखाते हुए सवाल कर रही है कि उस बच्ची का अपराध क्या है।”

भ्रामक ट्वीट


इस तस्वीर को बहुत से यूजर्स ने विभिन्न सोशल मीडिया साइटों जैसे फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम आदि पर अफगानिस्तान से बताते हुए और देश में अमानवीय स्थिति के बारे में अपना दुख और दुख व्यक्त करते हुए साझा किया है।
फैक्ट चेक
अब सवाल है कि क्या सोशल मीडिया पर वायरल होती तस्वीर अफ़ग़ानिस्तान की ही है। जब हमने पड़ताल की तो पाया कि रोती हुई लड़की की यह तस्वीर उत्तरी गाजा में फ़दी थाबेट नाम के एक फ़िलिस्तीनी फ़ोटोग्राफ़र ने ली है।
फोटोग्राफर फादी थाबेट ने कहा कि कई लोगों ने इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर यह कहते हुए पोस्ट किया है कि यह अफगानिस्तान, इराक, सीरिया और ईरान की है, लेकिन उन्होंने यह तस्वीर साल 2014 में उत्तरी गाजा में ली थी। लड़की के घर पर इजरायली सेना ने बमबारी की थी, जिसके चलते लड़की को वहां से भागना पड़ा था. हमें अपनी पड़ताल में फादी थाबेट का एक वीडियो भी मिला है जिसमें वह तस्वीर में दिखाते हुए लड़की के बारे में बता रहे हैं।