मध्य प्रदेश के इंदौर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने अंधभक्तों पर निशाना साधा और कहा कि देश में बीजेपी-आरएसएस का ‘सिस्टम’ छात्रों की बजाय अंधभक्तों को बढ़ावा दे रहा है। मौजूदा सिस्टम छात्र नहीं बल्कि अंधभक्त चाहता है।
इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें सड़क पर भारी भीड़ को देखा जा सकता है। यूजर्स इस वीडियो को राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम से जोड़कर शेयर कर रहे हैं। इस वीडियो को शेयर करते हुए Deepak singh yadav (Ahir) नामक यूजर ने लिखा, ‘वो क्या था, इंदौर! एक शहर जो बीजेपी का गढ़ माना जाता है, उसने अभी-अभी राहुल गांधी के लिए प्यार, ऊर्जा और उत्साह की एक अविश्वसनीय लहर देखी। सड़कें गूंज उठीं। छात्र इकट्ठा हुए। और इंदौर ने अपनी आवाज बुलंद की। तुमने आज सिर्फ एक पल नहीं बनाया, इंदौर — तुमने इतिहास रचा।’

इंस्टाग्राम पर rashidbhat984 नामक यूजर ने यही वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘इंदौर, ये क्या था! #बीजेपी के मजबूत गढ़ के तौर पर पहचाने जाने वाले इस शहर में #राहुलगांधी के लिए मोहब्बत, जोश और उत्साह की एक जबरदस्त लहर देखने को मिली। सड़के गूँज उठी, छात्र भी शामिल हुए।’

फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि यह वीडियो राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का नहीं है। यह वीडियो अगस्त में विश्व आदिवासी दिवस का है। हमें यह वीडियो एक फेसबुक यूजर द्वारा 10 अगस्त को पोस्ट मिला, जिसे आदिवासी दिवस का बताया गया है। वहीं, इंदौर के स्थानीय पत्रकार लखन शर्मा ने DFRAC को बताया कि वायरल वीडियो छात्रों की गूंज कार्यक्रम का नहीं है, बल्कि विश्व आदिवासी दिवस का है।
DFRAC की टीम ने जांच के लिए सबसे पहले वायरल वीडियो को की-फ्रेम्स में कन्वर्ट किया, फिर गूगल लेंस की मदद से रिवर्स इमेज सर्च किया। हमें यही वीडियो Vinoddj Vlog नामक फेसबुक यूजर द्वारा 10 अगस्त को पोस्ट मिला। इस यूजर ने कमेंट बॉक्स में वीडियो के बारे में बताया है कि यह आदिवासी दिवस का है।
आगे की जांच में हमें वायरल वीडियो से मिलते-जुलते कई वीडियो मिले, जिसे विश्व आदिवासी दिवस का बताते हुए शेयर किया गया है। एक यूट्यूब चैनल पर करीब 32 मिनट का वीडियो पोस्ट किया गया है। इस वीडियो में भी देखा जा सकता है कि जो जगह वायरल वीडियो में है, वो यहां भी दिखाई दे रही है। 9 अगस्त को अपलोड इस वीडियो में कैप्शन ‘Vishav Aadiwasi Diwas 2026 | विश्व आदिवासी दिवस 2026’ दिया गया है।
वायरल वीडियो के बारे में और ज्यादा जानकारी के लिए DFRAC की टीम ने इंदौर के स्थानीय पत्रकार लखन शर्मा से संपर्क किया। लखन शर्मा ने राहुल गांधी की छात्रों की गूंज कार्यक्रम को भी कवर किया है। उन्होंने वायरल दावे का खंडन करते हुए यह वीडियो विश्व आदिवासी दिवस का है। लखन ने आगे बताया कि छात्रों की गूंज रीजनल पार्क के सामने हुआ था, जबकि वायरल वीडियो भंवरकुआ चौराहे की विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम के जुलूस का है।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया शेयर किया गया वीडियो इंदौर में राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम का नहीं है। यह वीडियो विश्व आदिवासी दिवस के दौरान जुलूस का है। इसलिए यूजर्स द्वारा किया गया दावा भ्रामक है।
| Claim Review | A video showing a massive crowd has been attributed to Rahul Gandhi’s ‘Chhatron Ki Goonj’ event. |
| Claim By | Social Media Users |
| Fact check | Misleading |
Sources:
- Facebook post by Vinoddj Vlog
- Youtube Video uploaded by Gajendra dudwe vlogs
- Local Journalist Lakhan Sharma Statement to DFRAC
