नीट पेपर लीक मामले पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर पिछले कई दिनों से धरना प्रदर्शन चल रहा है। प्रदर्शनकारियों द्वारा 20 जुलाई को ‘संसद मार्च’ का ऐलान किया गया था। इस बीच दिल्ली पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की झड़प भी देखने को मिली, जिसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर लोग शेयर कर रहे हैं।
वहीं, सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि जंतर मंतर पर जा रहे प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर हाइड्रोजन ट्रेन पर पथराव किया है। इस वीडियो में भीड़ द्वारा पथराव करते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो को शेयर करते हुए Manoj Singh नामक यूजर ने लिखा, ‘अरे भाई, तुम्हारी दुश्मनी मोदी से है या देश से? वंदे भारत के बाद अब हाइड्रोजन ट्रेन निशाने पर! जंतर मंतर जा रहे प्रदर्शनकारियों ने स्टेशन पर खड़ी हाइड्रोजन ट्रेन पर पत्थर फेंके। सरकार का विरोध करना है तो करो, लेकिन देश की संपत्ति को नुकसान क्यों पहुंचा रहे हो? वीडियो में जितने भी लोग दिख रहे हैं, सबको अंदर करो और नुकसान की भरपाई कराओ। देश की प्रगति बर्दाश्त नहीं हो रही इन “आंदोलनकारियों” को! देश पहले, बाकी बाद में’

इस वीडियो को शेयर करते हुए Baliyan नामक यूजर ने लिखा, ‘ये कौन सा युवा है जो अपने देश की सबसे बेहतरीन उपलबद्धि पर पत्थरबाजी करता है. दो दिन पहले Inaugurate हुई हाइड्रोजन ट्रेन PM मोदी की नहीं बल्कि देश की संपत्ति है-इन्ही ट्रेन को ध्वस्त करोगे और फिर वीडियो बनाकर कहोगे की ट्रेन में सुविधाएं नहीं है? सुविधा के लायक भी बनना पड़ता है लाड़लो।’

इसके अलावा कई अन्य यूजर्स द्वारा भी वायरल वीडियो को हाइड्रोजन ट्रेन पर पथराव का बताते हुए शेयर किया गया है, जिसे यहां, यहां, यहां और यहां देखा जा सकता है।
फैक्ट चेकः
हमने जांच में पाया कि हाइड्रोजन ट्रेन पर पथराव का दावा भ्रामक है। वहीं, नॉर्दर्न रेलवे ने भी वायरल दावे का खंडन करते हुए हाइड्रोजन ट्रेन पर पथराव होने से इनकार किया है। वायरल वीडियो की जांच के लिए हमने सबसे पहले वीडियो को की-फ्रेम्स में कन्वर्ट किया फिर रिवर्स इमेज सर्च किया। हमें इसी से मिलता-जुलता वीडियो कई मीडिया संस्थानों द्वारा पोस्ट मिला। एक इंस्टग्राम यूजर ने मिलते जुलते वीडियो को 14 जून को पोस्ट किया है। इस पोस्ट में वीडियो को बिहार के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन का बताया गया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो में दिख रहा OHE – Overhead Equipment बिल्कुल एक जैसा है। वहीं दो रेल पटरियों के बीच लगी लोहे की ग्रिल भी एक समान है।

आगे की जांच में हमें बीबीसी हिन्दी एक रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में वायरल ट्रेन को देखा जा सकता है, जिसमें ट्रेन पर नंबर ‘WAD 12B’ लिखा हुआ है। बीबीसी की इस रिपोर्ट के साथ बताया गया है, ‘बिहार के पटना में स्थित पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर पथराव की घटना सामने आई है. पुलिस के मुताबिक स्टेशन में मौजूद छात्रों के समूह ने यहां पथराव किया. दरअसल बिहार कॉन्स्टेबल परीक्षा देने के लिए जा रहे परीक्षार्थियों की भारी भीड़ इस रेलवे स्टेशन पर इकट्ठा हो गई थी. ऐसे में कुछ परीक्षार्थी स्पेशल ट्रेन की मांग करने लगे. हंगामा इतना बढ़ा कि रेलवे स्टेशन पर पत्थरबाज़ी भी हो गई. पुलिस की तरफ से लाठीचार्ज भी किया गया.’ इसके अलावा हमें आज तक और एबीपी न्यूज की भी मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं।
आज तक की रिपोर्ट में बताया गया है कि, ‘बिहार पुलिस के मद्य निषेध विभाग भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे अभ्यर्थियों ने पर्याप्त ट्रेन व्यवस्था न होने से नाराज होकर पाटलिपुत्र स्टेशन पर रेलवे ट्रैक पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान आक्रोशित छात्रों ने रेलवे ट्रैक पर कूदकर ट्रेनों को रोक दिया, पथराव किया और एग्जाम स्पेशल ट्रेन में तोड़फोड़ भी की.’।वहीं एबीपी न्यूज की रिपोर्ट में उल्लेखित है, ‘राजधानी पटना स्थित पाटलिपुत्र स्टेशन पर आज जमकर हंगामा हुआ. यह हंगामा मध निषेध विभाग के परीक्षार्थियों द्वारा किया गया. दरअसल रविवार (14 जून) यानी आज बिहार के विभिन्न जिलों में मध निषेध विभाग की परीक्षा का सेंटर रखा गया है. यही परीक्षा दो पाली में आयोजित की जाएगी. लेकिन पाटलिपुत्र स्टेशन पर पहुंचे परीक्षार्थियों ने परीक्षा से पहले ही जमकर बवाल काटा है.’

आगे की जांच में हमें Northern Railway (@RailwayNorthern) का एक पोस्ट भी मिला, जिसमें वायरल दावे का खंडन करते हुए बताया गया है, ‘वीडियो में दिख रही train hydrogen ट्रेन नहीं है… यह WAG 12 लोको द्वारा संचालित ट्रेन है। संभवतः यह कोई पुराना वीडियो है। Hydrogen ट्रेन अपने तय समय के अनुसार अपनी सेवाएं दे रही है’।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि हाइड्रोजन ट्रेन पर पथराव का वायरल दावा भ्रामक है। यह जून महीने में बिहार के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर पथराव की घटना का वीडियो है। वहीं, नॉर्दर्न रेलवे ने भी वायरल दावे का खंडन करते हुए बताया कि यह हाइड्रोजन ट्रेन नहीं है, बल्कि यह WAG 12 लोको द्वारा संचालित ट्रेन है और वीडियो संभवतः पुराना है।
