फीफा वर्ल्ड कप-2026 की शुरुआत हो चुकी है। फीफा की पहली ओपनिंग सेरेमनी का आयोजन मैक्सिको सिटी के प्रतिष्ठित एस्टाडियो एज़्टेका स्टेडियम में किया गया। ओपनिंग शेरेमनी में कोलंबिया की सिंगर और डांसर शकीरा और नाइजीरियाई सुपरस्टार बर्ना बॉय ने फीफा विश्व कप 2026 का आधिकारिक गीत ‘डाई डाई’ गाया। सेरेमनी में मैक्सिकन पॉप बैंड ‘माना’ ने भी परफॉर्मेस दी। इस बीच सोशल मीडिया पर फीफा ओपनिंग सेरेमनी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें आतिशबाजी और जबरदस्त लाइट शो देखा जा सकता है।
इस वीडियो को शेयर करते हुए एक यूजर ने अंग्रेजी भाषा में कैप्शन लिखा, जिसका हिन्दी अनुवाद है, ‘फीफ़ा वर्ल्ड कप 2026 का उद्घाटन समारोह।’

Helle नामक यूजर ने भी वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, ‘FIFA वर्ल्ड कप के शानदार ओपनिंग सेरेमनी को देखें। फ़ुटबॉल का यह शानदार उत्सव शुरू हो गया है। आपकी पसंदीदा टीम कौन सी है?’ (हिन्दी अनुवाद)

फैक्ट चेकः
हमने जांच में पाया कि वायरल वीडियो फीफा वर्ल्ड कप-2026 के ओपनिंग सेरेमनी का नहीं है, बल्कि यह AI-जनरेटेड वीडियो है। हमने सबसे वायरल वीडियो के बारे में फीफा के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल को देखा। हमें यहां ऐसा कोई वीडियो अपलोड नहीं मिला। हमने पाया कि यहां शकीरा-बर्ना बॉय के परफॉरमेंस का वीडियो अपलोड है।

इसके अलावा फीफा के यूट्यूब चैनल पर FIFA वर्ल्ड कप 2026 के ओपनिंग मैच में डैनी ओशन का ‘पार्टिडाज़ो’ (Partidazo) परफॉर्म और एंड्रिया बोसेली, डेविड गुएटा और EJAE का ऑफिशियल एंथम ‘DNA’ पेश करने का वीडियो भी अपलोड है। लेकिन यहां ऐसा कोई आतिशबाजी या लाइट शो का वीडियो अपलोड नहीं है। वहीं हमें फीफा ओपनिंग सेरेमनी में आतिशबाजी के संदर्भ में नवभारत टाइम्स की एक रिपोर्ट मिली, जिसमें आतिशबाजी की तस्वीर को देखा जा सकता है। हालांकि यह आतिशबाजी की तस्वीर, वायरल वीडियो से बिल्कुल अलग है।

वहीं हमने वायरल वीडियो की जांच AI-डिटेक्टर टूल्स हाइव मॉडरेशन और detectvideo.ai पर की। हमारी जांच में परिणाम सामने आया कि वायरल वीडियो AI-जनरेटेड है।

आगे की जांच के लिए हमारी टीम ने एआई विशेषज्ञ कुमार अनिकेत से संपर्क किया। अनिकेत ने वीडियो का विश्लेषण करने के बाद बताया कि वीडियो में मौजूद भीड़, आतिशबाजी और स्टेडियम के दृश्य अत्यधिक स्मूद और कृत्रिम प्रतीत होते हैं। कुछ स्थानों पर आकृतियों और हाथों के आकार में असंगतियां भी देखने को मिलीं, जो एआई-जनरेटेड कंटेंट में सामान्य होती हैं। विश्लेषण के दौरान यह भी देखा गया कि वीडियो में लाइट, रंगों की तीव्रता और धुएं के प्रभाव अस्वाभाविक रूप से एक समान बने हुए हैं। भीड़ की गतिविधियों और कैमरा मूवमेंट में भी वास्तविक वीडियो की तुलना में कृत्रिम पैटर्न दिखाई देता है, जो इस वीडियो आई-जनरेटेड कंटेंट स्पष्ट करते हैं।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि वायरल वीडियो फीफा वर्ल्ड कप ओपनिंग सेरेमनी का नहीं है, बल्कि AI-जनरेटेड है। फीफा के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर ऐसा कोई वीडियो नहीं है, जैसा वायरल वीडियो में दिखाया गया है।

