bee attack on Shankaracharya

फैक्ट चेकः शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर मधुमक्खियों के हमले की वायरल तस्वीर AI-जनरेटेड है

Fact Check hi Featured Misleading

सोशल मीडिया पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की एक तस्वीर शेयर की जा रही है, जिसमें मधुमक्खियों को उन पर हमला करते हुए दिखा गया है। यूजर्स इस तस्वीर के साथ दावा कर रहे हैं कि यह घटना वाराणसी में हुई है। यूजर्स इस तस्वीर को शेयर कर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की आलोचना भी कर रहे हैं।

जनार्दन मिश्रा नामक यूजर ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, ‘मधु मक्खियों को मां भ्रामरी देवी का स्वरूप माना जाता है। पुराणों के अनुसार इन्होंने मधुमक्खियों की सेना के साथ असुर अरूणासुर का संहार किया था। ये राक्षस कपटी कालनेमी स्वामी #अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती वेशधारी #योगी जी के खिलाफ मुहिम चला रहा है। जिसकी सजा इसे मां भ्रामरी ने काशी में इस पर हमला करके दे दिया है। फिर भी नहीं माना तो आगे महादेव जानें इसका क्या होगा ? पर हां क्या लगता है #मधुमक्खियां भी #संघी हो गई है’

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एक अन्य यूजर ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, ‘मधुमक्खियों को माँ भ्रामरी देवी का स्वरूप माना जाता है। पुराणों में वर्णन है कि उन्होंने अपनी मधुमक्खी सेना के साथ असुर अरुणासुर का संहार किया था। कहा जाता है कि जब-जब अधर्म और छल बढ़ता है, तब-तब प्रकृति अपने संकेत देती है…’

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फैक्ट चेकः

DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि यह तस्वीर AI-जनरेटेड है। हमने सबसे पहले वायरल तस्वीर की जांच AI-डिटेक्टर टूल्स undetectable.ai और zerogpt से की। हमारी जांच में परिणाम सामने आया कि वायरल तस्वीर ओरिजिनल नहीं है, बल्कि इसे AI की मदद से बनाया गया है।

जांच को आगे बढ़ाते हुए हमारी टीम ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के सोशल मीडिया हैंडल्स को देखा। हमें उनके फेसबुक पेज 1008.Guru पर एक लाइव वीडियो मिला, जिसमें सभा के दौरान मधुमक्खियों के हमले को देखा जा सकता है। हालांकि इस वीडियों में मधुमक्खियों के हमले का ऐसा कोई दृश्य नहीं है, जैसा वायरल फोटो में दिखाया गया है। इस फेसबुक लाइव में देखा जा सकता है कि मधुमक्खियों के हमले के दौरान भी सभा चलती रहती है और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, लोगों से धैर्य और संयम की अपील करते रहे।

फेसबुक लाइव का लिंक

जांच के दौरान हमें फेसबुक पेज पर एक प्रेस रिलीज भी मिली, जिसमें बताया गया है कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गोरक्षा यात्रा चल रही है, जिसे ‘गविष्टि (गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध)’ कहा गया है। हमने इस यात्रा और मधुमक्खियों के हमले के संदर्भ में गूगल पर कुछ कीवर्ड्स सर्च किया। हमें शंकराचार्य की सभा में मधुमक्खियों के हमले के बारे में न्यूज-18 हिन्दी और ईटीवी भारत सहित कई मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं। किसी भी विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स में वायरल तस्वीर को नहीं देखा जा सकता है।

न्यूज-18 हिन्दी की रिपोर्ट में बताया गया है, ‘शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की सभा में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया. लोग इधर-उधर भागने लगे. जब बिगड़ते हालात देखे तो कार्यक्रम तय समय से पहले ही समाप्त कर दिया गया. जब मधुमक्खियों का हमला हुआ तो शंकराचार्य ने लोगों से कहा कि कुछ लोगों को अच्छी चीज अच्छी नहीं लगती, इसलिए किसी ने छत्ते को कुरेद दिया होगा. आप लोग पत्थर की मूरत की तरह बैठे रहें यह मधुमक्खी कुछ नहीं करेंगी. इस दौरान उन्होंने सभी को संकल्प दिलाया कि वह गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने के लिए अभियान में जुड़ेंगे.’

वहीं, ईटीवी भारत की रिपोर्ट में बताया गया है, ‘वाराणसी के रोहनिया में आयोजित ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की सभा में उस समय हड़कंप मच गया, जब मधुमक्खियों के झुंड ने अचानक श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया. कार्यक्रम स्थल पर मची अव्यवस्था और सुरक्षा कारणों के चलते सभा को समय से पहले ही स्थगित करना पड़ा. हालांकि, इस बीच शंकराचार्य ने सभी से धैर्य और संयम से काम लेने की अपील की. सभा के दौरान हुए इस हमले पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि शुभ कार्यों में बाधा डालने के लिए कुछ लोगों ने जानबूझकर छत्ते को कुरेदा है’।

इस घटना के संदर्भ में और ज्यादा जानकारी के लिए हमारी टीम ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के मीडिया प्रभारी संजय पांडेय से संपर्क किया। संजय पांडेय ने वायरल तस्वीर को फेक करार देते हुए बताया कि रोहनिया के प्राचीन शिव मंदिर में सभा चल रही थी, इस दौरान किसी ने शरारत करते हुए मधुमक्खियों के छत्ते पर मार दिया होगा, जिससे यह स्थिति पैदा हुई।

निष्कर्षः

DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर मधुमक्खियों के हमले की वायरल तस्वीर फेक है और इसे AI द्वारा बनाया गया है।