पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता होने की खबरें मीडिया की सुर्खियों में हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि वार्ता के लिए ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और बाघर ग़ालिबफ़ के नेतृत्व में एक ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंच गया है।
एक यूजर ने अंग्रेजी भाषा में कैप्शन लिखा है, जिसका हिन्दी अनुवाद है, ‘अभी-अभी: अब्बास अराघची और बाघर ग़ालिबफ़ के नेतृत्व में एक ईरानी प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुँच गया है।— अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, स्टीव विटकॉफ़ और जेरेड कुशनर के कुछ ही घंटों में इस्लामाबाद पहुँचने की संभावना है।’

फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने वायरल दावे की जांच में इसे झूठा पाया है। ईरानी मीडिया ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से इसे झूठा करार दिया है। हमारी टीम ने इस खबर के बारे में ईरानी प्रेस एजेंसी तस्नीम न्यूज एजेंसी और मेहर न्यूज एजेंसी को देखा। इन दोनों न्यूज एजेंसियों ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से ईरानी प्रतिनिधिमंडल के इस्लामाबाद पहुंचने की खबरों को झूठा करार दिया है।
तस्नीम न्यूज एजेंसी की खबर के अनुसार, “कुछ मीडिया आउटलेट्स की ये रिपोर्टें कि ईरानी बातचीत करने वाली टीम अमेरिकियों के साथ बातचीत करने के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुँच गई है, पूरी तरह से गलत हैं,” एक जानकार सूत्र ने तस्नीम को बताया। उसी समय, सूत्र ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जब तक अमेरिका लेबनान में संघर्ष-विराम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पूरी नहीं करता और ज़ायोनी शासन अपने हमले जारी रखता है, तब तक बातचीत स्थगित रहेगी।’ (हिन्दी अनुवाद)

वहीं मेहर न्यूज एजेंसी ने एक पोस्ट में जानकारी दी है, ‘ईरानी वार्ता दल के इस्लामाबाद में प्रवेश करने की खबरें झूठी हैं: फार्स न्यूज़ एजेंसी। एक जानकार सूत्र ने बताया: कुछ मीडिया आउटलेट्स के ये दावे कि एक ईरानी वार्ता प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत करने के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुँच गया है, पूरी तरह से झूठे हैं। बातचीत तब तक स्थगित रहेगी जब तक अमेरिका लेबनान में संघर्ष-विराम के संबंध में अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं करता और इजरायली शासन अपने हमले बंद नहीं कर देता।’
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल का वार्ता के लिए पाकिस्तान पहुंचने का दावा झूठा है। ईरानी प्रेस एजेंसियों ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से इस खबर को झूठा करार दिया है।

