फैक्ट चेक: वायरल हो रही घायल लड़की की तस्वीर 2018 के सीरियाई युद्ध की है न कि यूक्रेन की

सोशल मीडिया पर एक घायल लड़की की तस्वीर बड़े पैमाने पर वायरल हो रही है। तस्वीर को लेकर कहा जा रहा है कि ये हाल ही में रूस के यूक्रेन पर हुए हमले की है। घायल लड़की यूक्रेन की बताई जा रही है।   तस्वीर को शेयर करते हुए यूजर ने लिखा कि “रूस/यूक्रेन युद्ध […]

Continue Reading

फैक्ट चेक : क्या यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की रूसी सेना के खिलाफ लड़ने के लिए सेना में शामिल हुए? जाने पूरा सच

रूस ने अस्वीकृति और आक्रामकता दिखाई जब संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने उल्लेख किया कि रूसी सैनिकों को अपने क्षेत्र में वापस जाना चाहिए। रूस-यूक्रेन युद्ध ने यूक्रेन में तबाही मचा दी है। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। तस्वीर में हम देख […]

Continue Reading

फैक्ट चेक: क्या अखिलेश यादव ने किया था गौतम बुद्ध की प्रतिमा का अपमान? जानिए हकीकत

सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव का एक छोटा सा क्लिप वायरल हो रहा है. क्लिप में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने मंच पर बैठते ही गौतम बुद्ध की मूर्ति को टेबल पर रखने से मना कर दिया है| यूजर्स दावा कर रहे हैं कि अखिलेश यादव ने गौतम बुद्ध का अपमान किया है| यूपी के […]

Continue Reading

 क्या दलित नफरत के केंद्र में बदल रहा है इंस्टाग्राम?

सोशल मीडिया का शाब्दिक अर्थ एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न होता है| जहां यह कई लोगों के लिए वरदान है, वही दूसरों के लिए अभिशाप बन सकता है। जैसा कि लोग कहते हैं कि सोशल मीडिया बेजुबानों को आवाज देता है , यह कुछ हद तक सच है| लेकिन यह हमारे समाज के विरोधी तत्वों को भी आवाज देता है। इन असामाजिक तत्वों के मन में ऐसी रूढ़िवादी विचारधारा हैं कि इसके नीचे या ऊपर कुछ भी उनके लिए काम नहीं करता है। वे सभी अलग-अलग समुदायों और लोगों के बीच नफरत फैलाने में व्यस्त हैं। सोशल मीडिया के जरिए यह अब बहुत आसान हो गया है। यह हमारे राष्ट्र के लिए बड़े ही दुख की बात है | जो युवा देश के लिए एक बड़ी संपत्ति हो सकते हैं, वे वास्तव में एक बोझ बनते जा रहे हैं। अगर देखा जाए तो जिस सदी मे हम रेह है जो की 21वी सदी है, ऐसी रूढ़िवादी मानसिकता के बारे में सोचना एक सकारात्मक स्थान में रहने वाले व्यक्ति के लिए मुश्किल है| लेकिन, यह मौजूद है और इसे तब तक मिटा नहीं सकता जब तक कि वे स्वयं उस पर निर्णय नहीं लेते। हुमे बहुत हैरानी हुई जब हमने इंस्टाग्राम पर समाज के विभिन्न वर्गों में नफरत फैलाने वाले बहुत सारे खातों को देखा, जैसे कि एक तरफ ऐसे खाते थे जो महिलाओं को नीचा दिखा रहे हैं, वहीं कुछ अन्य हैं जो बहुजन समाज/दलितों को नीचा दिखाते हैं। महिलाओं के खिलाफ नफरत इस तरह के खातों के यूजर्स के लिए जिनके हिसाब से महिलाओं को शिष्ट, शुद्ध, पतिव्रत, अच्छी तरह से तैयार होना चाहिए, संक्षेप में, सुंदरता के निर्धारित मानकों को पूरा करना चाहिए| उनके लिए “फेमिनिस्ट” शब्द हाराम है। हमने कई पोस्ट और मीम्स देखे हैं जहां इंस्टाग्राम पर महिलाओं का मजाक उड़ाया जाता है।   दलितों के खिलाफ नफरत नफरत फैलाने का स्तर महिलाओं तक ही सीमित नहीं है बल्कि दलितों को भी अपने घेरे में ले चुका है। यह बात जगजाहिर है  कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का हमारे संबविधा को तैयार करने मे एक महततावपूर्ण योगदान है| किन्तु उनको भी  सोशल मीडिया साइट्स पर ट्रोल किया जा रहा है । ये सभी प्रयास समाज के विभिन्न वर्गों में नफरत की अधिकतम मात्रा को खींचने के लिए हैं। लोग भीमराव के खिलाफ अपना आंदोलन दिखाते हैं क्योंकि वह वही थे जिन्होंने एससी / एसटी ( अनुसूचित जाति / जनजाति) आदि के लिए आरक्षण की वकालत की थी। इंस्टाग्राम पर तरह-तरह के अकाउंट बनाए जाते हैं जिससे पता चलता है कि लोगों के मन में कितनी नफरत है। भीमराव अंबेडकर ने एक नव बौद्ध आंदोलन शुरू किया था जिसके तहत उन्होंने 1956 में नवयान नामक बौद्धों के लिए नए स्कूल बनाए| बाद मे  लगभग आधा मिलियन दलित उनके साथ जुड़ गए और खुद को नवायान बौडिस्ट में परिवर्तित कर लिया| इस आंदोलन पर भी इंस्टाग्राम पर बहुत सारे मीम्स शेयर किए जाते हैं क्योंकि इस आंदोलन ने हिंदू धर्म को खारिज कर दिया| और न केवल भारत की जाति व्यवस्था को चुनौती दी बल्कि दलितों के अधिकारों को बढ़ावा दिया। मूलनिवासी शब्द दलितों को नीचा दिखाने के लिए कई मीम्स के रूप में भी फैलाया जा रहा है| कुछ खाते दलितों पर ब्राह्मण वर्चस्व दिखा रहे हैं और समाज में वैमनस्य पैदा कर रहे हैं। निष्कर्ष ऐसी तस्वीरों और मीम्स का मुख्य उद्देश्य नकारात्मकता फैलाना और सब समाज के विभिन्न वर्गों के बीच एक दीवार बनाती है। इसलिए समाज के राष्ट्रविरोधी तत्वों द्वारा निर्धारित एजेंडे को पूरा करना। हमारा सुझाव है कि ऐसे मुद्दों और इंस्टाग्राम पर उपयोगकर्ताओं की जांच करें ताकि ऐसी सभी अपमानजनक गतिविधियों को रोका जा सके | और एसे कदम उठाए जाए जिससे […]

Continue Reading
पाकिस्तानी सोशल मीडिया ट्रोल आर्मी

पाकिस्तानी सोशल मीडिया ट्रोल आर्मी के गंदे खेल का विश्लेषण

पाकिस्तान ने पिछले कई दशक से भारत के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर यानी छद्म युद्ध छेड़ा हुआ है। पिछली चार जंगों में मिली करारी हार के बाद से पाकिस्तान अब भारत से सीधे टकराने की कोशिश नहीं करता। कभी वह सीमा पार से आतंकवादियों को भेज कर हमले कराता है तो कभी अपने गुर्गों के जरिए […]

Continue Reading

फैक्टचेक: क्या रूसी सैन्य पैराट्रूपर्स यूक्रेन में खार्कोव के पास उतरे?

रूस और यूक्रेन के बीच जारी तनाव पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हैं।  नतीजतन, हर दिन हम इससे जुड़ी कई खबरें सुन सकते हैं। कुछ सच हैं लेकिन लोगों को गुमराह करने के लिए कई फेक न्यूज भी वायरल हो रही हैं। इसी बीच इंटरनेट पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। […]

Continue Reading

फैक्ट चेक: क्या तेलंगाना में मुस्लिम भीड़ ने मंदिर पर हमला किया?

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। सुशांत सिंह नामक यूजर ने 23 फरवरी को वीडियो पोस्ट कर दावा किया कि मुस्लिम भीड़ ने कर्मघाट हनुमान मंदिर में प्रवेश कर मंदिर में तोड़फोड़ की। यूजर के मुताबिक 25 पुरुषों के समूह ने 2 महिलाओं पर हमला भी किया। https://twitter.com/SushantSingh113/status/1496289547059343360?s=20&t=v6c37SAkBaLFgCj7VXb0lA एक अन्य यूजर क्विनॉन […]

Continue Reading
नारी शक्ति योजना

फैक्टचेक: क्या एसबीआई प्रधानमंत्री नारी शक्ति योजना के तहत महिला को पैसे दे रहा है?

इंटरनेट पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि SBI महिलाओं को प्रधानमंत्री नारी शक्ति योजना के तहत लोन देगा। इसके अलावा, वीडियो में दावा किया गया है कि एसबीआई बिना किसी ब्याज, गारंटी और सुरक्षा के 25 लाख का लोन देगा। सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो […]

Continue Reading

फैक्ट चेक: क्या हर्षा का मर्डर फतवा जारी होने से हुआ है? जाने सच

बजरंग दल के 23 वर्षीय कार्यकर्ता हर्षा की हाल ही में कर्नाटक के शिवमोग्गा जिला में हत्या कर दी गई थी। हर्षा की मौत के बाद बजरंग दल के सदस्यों में गुस्से की लहर देखा जा रही है। अरागा ज्ञानेंद्र (कर्नाटक के गृह मंत्री) के अनुसार, हत्या के तीन आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं, […]

Continue Reading
अमित शाह

फैक्ट चेक: क्या अमित शाह ने कहा कि पीएम मोदी पूरे दिन सोते हैं?

इन दिनों गृह मंत्री अमित शाह आगामी चुनाव के लिए मणिपुर में प्रचार कर रहे हैं। अमित शाह ने कुकी उग्रवादियों से बात करते हुए राज्य में शांति लाने का वादा भी किया।उग्रवादी समूह जैसे कुकी, मणिपुर में कुकी जनजाति के लिए एक अलग राज्य की पहचान की मांग करते हैं । इसी बीच गृह […]

Continue Reading