सोशल मीडिया पर एक वीडियो भारत में हिन्दू युवकों द्वारा मुस्लिम शख्स की पिटाई किए जाने के दावे के साथ शेयर किया गया है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि मुस्लिम शख्स को रस्सी से एक पेड़ में बांधा गया है और कई युवक उसे थप्पड़ मारते हैं।
इस वीडियो को शेयर करते हुए 🇵🇸🇵🇸 🇹🇷 🇵🇸🇵🇸 नामक यूजर ने टर्किश भाषा में कैप्शन में लिखा, जिसका हिन्दी अनुवाद है, ‘अरे इंसानियत, जागो! भारत में कुछ उग्र हिंदू मुसलमानों पर ज़ुल्म और अत्याचार कर रहे हैं। आइए, इस बात को दुनिया भर में फैलाएं ताकि हमारी आवाज़ सुनी जा सके और इस अमानवीय बर्बरता को रोका जा सके।’

एक अन्य यूजर ने भी टर्किश भाषा में ही कैप्शन के साथ इस वीडियो को भारत का बताकर शेयर किया है। इस यूजर ने लिखा, ‘भारत मुसलमानों पर ज़ुल्म करता है। उसने देखा कि फ़िलिस्तीन या पूर्वी तुर्किस्तान के लिए कोई आवाज़ नहीं उठ रही है, इसलिए उसने भी आवाज़ उठानी शुरू कर दी—अगर ऐसा ही चलता रहा, तो दुनिया में एक भी मुसलमान ऐसा नहीं बचेगा जिस पर ज़ुल्म न हुआ हो।’ (हिन्दी अनुवाद)

फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने वायरल वीडियो की जांच में पाया कि यह भारत का वीडियो नहीं है, बल्कि बांग्लादेश का वीडियो है और इस मामले में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है। वीडियो के बारे में बांग्लादेशी फैक्ट चेकर शोहानुर रहमान ने भी बताया कि वायरल वीडियो बांग्लादेश का ही है और यह घटना सांप्रदायिक विवाद की नहीं है।
हमारी टीम ने जांच के लिए सबसे पहले वीडियो के की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया। हमने पाया कि इस वीडियो को कई बांग्लादेशी यूजर्स ने बंगाली भाषा में कैप्शन के साथ शेयर किया है। सबसे पहले 15 जुलाई को बांग्लादेश की राजधानी ढाका के रहने वाले एक फेसबुक यूजर ১৪০০ বছর ने यही वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, ‘इंसान की ज़िंदगी में एक ऐसा मोड़ आता है जब अल्लाह उनसे अपना मुँह मोड़ लेते हैं।’ (हिन्दी अनुवाद)
इसके अलावा बांग्लादेश के नोआखाली के रहने वाले एक अन्य फेसबुक यूजर Nazmul official ने यही वीडियो शेयर करते हुए बंगाली भाषा में कैप्शन लिखा, जिसका गूगल ट्रांसलेशन टूल की मदद से हिन्दी अनुवाद है, ‘अफ़सोस, बांग्लादेश कितनी बुरी हालत में है। क्या यही नया बांग्लादेश है? क्या यही मेरा ‘सोनार बांग्ला’ है? क्या यही वे लोग हैं जो बांग्लादेश के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं? हम तो बस ख्याली दुनिया में जी रहे हैं; क्या इस बीमार पीढ़ी के साथ बांग्लादेश बर्बादी की ओर बढ़ रहा है?’

आगे की जांच में हमने पाया कि वायरल वीडियो में दिख रही एक इमारत पर बंगाली भाषा में ‘দঃ ভিংলা বাড়ী কেন্দ্রীয় জামে মসজিদ (दक्षिण विंगला बारी सेंट्रल जामे मस्जिद)’ लिखा है। जिसके बाद हमने गूगल मैप इस मस्जिद के बारे में सर्च किया। हमने पाया कि यह मस्जिद बांग्लादेश के चिटगांव डिविजन के देबीद्वार इलाके मे स्थित है।
हमने पाया कि वायरल वीडियो में दिख रही बिल्डिंग, मस्जिद की बनावट और दीवार पर लिखी ‘দঃ ভিংলা বাড়ী কেন্দ্রীয় জামে মসজিদ’ गूगल मैप में दिख रहे लोकेशन से बिल्कुल मैच कर रही है। जिसे यहां दिए गए ग्राफिक्स में देखा जा सकता है।

इसके अलावा दीवार पर बनाई डिजाइन भी वायरल वीडियो से मैच कर रही है, जिसे नीचे दिए ग्राफिक्स में देखा जा सकता है। हालांकि हम स्वतंत्र रूप से यह पुष्टि नहीं कर सके कि वायरल वीडियो कब का है और इस घटना का कारण क्या था।

वीडियो के बारे में और ज्यादा जानकारी के लिए DFRAC की टीम ने बांग्लादेशी फैक्ट चेकर शोहानुर रहमान से संपर्क किया। शोहानुर ने हमें बताया कि वायरल वीडियो बांग्लादेश का ही है और यह घटना सांप्रदायिक विवाद का नहीं है।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर शेयर किया गया वीडियो भारत का नहीं है। यह वीडियो बांग्लादेश के चिटगांव डिविजन के देबीद्वार इलाके की घटना का है। इसलिए यूजर्स का दावा भ्रामक है।
| Claim Review | A Muslim man was beaten by Hindus in India. |
| Claimed By | Social Media Users |
| Fact Check | Misleading |
Our Sources:
- Facebook Post of Bangladeshi User ১৪০০ বছর, on July 15th, 2026
- Facebook Post of Bangladeshi User Nazmul official, on July 29th, 2026
- Google Map Location
- Bangladeshi Fact Checker Shohanur Rahman statement to DFRAC
