सोशल मीडिया पर एक वीडियो के साथ दावा किया गया है कि उत्तर प्रदेश के बिजनौर में मोहम्मद जहांगीर नाम का पांच वक्त का नमाजी मुस्लिम शख्स हिन्दू धर्म को बदनाम करने के लिए अपने साथियों के साथ भगवा कपड़े पहनकर लोगों के साथ लूट की घटना को अंजाम देता था। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इस वीडियो को शेयर करते हुए Indian नामक यूजर ने लिखा, ‘संतों और भगवा आस्था को बदनाम करने की कोशिश। यूपी की बिजनौर पुलिस ने खुलासा किया कि पांच वक्त के नमाज़ी क2वा मोहम्मद जहांगीर और उसके साथी संतों के वेश में हाईवे पर लूटपाट करते थे। कुछ दिन पहले उन्होंने उत्तराखंड से आ रहे एक परिवार को लूटा था; आज यूपी पुलिस की ‘सिंघम’ टीम ने उन्हें पकड़ लिया है।’

फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने जांच में वायरल दावे को भ्रामक पाया। हमने पाया कि आरोपी जहांगीर मुस्लिम नहीं है। बिजनौर पुलिस द्वारा जारी प्रेस रिलीज में उसका नाम जहांगीर पुत्र बाबू नाथ बताया गया है। वहीं DFRAC से बात करते हुए बिजनौर के नजीबाबाद थाने के प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार ने वायरल दावे का खंडन करते हुए बताया कि आरोपी जहांगीर पुत्र बाबू नाथ मुस्लिम नहीं है। वह हिन्दू है।
हमारी टीम ने वायरल वीडियो के संदर्भ में सबसे पहले गूगल पर कुछ कीवर्ड्स सर्च किया। हमें आज तक और दैनिक भास्कर सहित कई मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं, जिसमें आरोपी का नाम जहांगीर पुत्र बाबू नाथ बताया गया है। आज तक की रिपोर्ट में उल्लेखित है, ‘बिजनौर के नजीबाबाद थाना क्षेत्र में पुलिस ने साधु का भेष धारण कर पति-पत्नी को कथित तौर पर झांसे में लेकर सोने के आभूषण ठगने और लूटने के मामले का खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, दो आरोपियों ने नागा साधु का भेष बनाकर हाईवे पर दंपती को निशाना बनाया था. आरोपियों ने महिला को बातों में उलझाया और डराने-धमकाने के बाद उसके पहने हुए सोने के आभूषण अपने कब्जे में ले लिए. मामले में नजीबाबाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जहांगीर पुत्र बाबूनाथ और गुरविंदर पुत्र देवीदास के रूप में हुई है. दोनों घोसीपुरा सपेरा बस्ती, थाना पथरी, जनपद हरिद्वार, उत्तराखंड के रहने वाले हैं.’

वहीं, दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में बताया गया है, ’28 अगस्त को नजीबाबाद-कोटद्वार बायपास मार्ग पर उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल निवासी केशव भट्ट अपनी पत्नी के साथ कार से जा रहे थे। इसी दौरान नागा साधु के वेश में दो लोगों ने उनकी कार रुकवाई और पानी मांगा। आरोपियों ने पहले दंपती से पानी और फिर दो रुपये मांगकर उनका भरोसा हासिल किया। इसके बाद भस्म करने और जल्द मृत्यु होने का भय दिखाकर महिला से मंगलसूत्र, चेन और अंगूठियां उतरवा लीं। घटना की शिकायत केशव भट्ट ने नजीबाबाद थाने में दर्ज कराई थी। घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और सर्विलांस की मदद से जांच शुरू की। कार में लगे डैश कैमरे की फुटेज भी पुलिस के लिए अहम सुराग बनी। जांच के आधार पर पुलिस ने हरिद्वार के रहने वाले जहांगीर पुत्र बाबू नाथ और उसके साथी गुरविंदर पुत्र देवीचंद को गिरफ्तार कर लिया।’
आगे की जांच में हमें बिजनौर पुलिस के आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट मिला, जिसमें इस घटना के संदर्भ में प्रेस रिलीज जारी की गई है। इस प्रेस रिलीज में भी आरोपियों का नाम जहांगीर पुत्र बाबू नाथ और गुरविंदर पुत्र देवीदास बताया गया है।

इस मामले पर और ज्यादा जानकारी के लिए हमारी टीम ने नजीबाबाद थाने के प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार से संपर्क किया। उन्होंने वायरल दावे का खंडन करते हुए हमें बताया कि आरोपी जहांगीर पुत्र बाबूनाथ मुस्लिम नहीं है। वह हिन्दू है।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर बिजनौर में लूट के आरोपी जहांगीर पुत्र बाबू नाथ को मुस्लिम बताकर भ्रामक दावा किया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी शख्स मुस्लिम नहीं है और इस घटना में कोई सांप्रदायिक मामला भी नहीं है।
| Claim Review | ‘Jahangir’, the accused in the Bijnor robbery case, is a Muslim. |
| Claimed By | X User |
| Fact Check | Misleading |
Our Sources:
- News Coverage of Aaj Tak, Publish on August 31st, 2026
- News Coverage of Dainik Bhaskar, Publish on August 31st, 2026
- Bijnor Police X Post on August 31st, 2026
- Najibabad Police Station In-charge statement to DFRAC
