फैक्ट चेक: मिरांडा हाउस में LPG संकट नहीं, खराब खाने के खिलाफ था छात्राओं का प्रदर्शन

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सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें छात्राओं को हाथों में तख्तियां लेकर विरोध-प्रदर्शन करते हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो दिल्ली विश्वविद्यालय के महिला महाविद्यालय मिरांडा हाउस का है, जहां छात्राएं एलपीजी (LPG) संकट के कारण भोजन नहीं मिलने से नाराज होकर प्रदर्शन कर रही हैं।

मिरांडा हाउस

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सोशल साईट X (पूर्व ट्विटर) पर वेरिफाइड यूजर वरुण चौधरी ने वायरल वीडियो को शेयर कर लिखा कि मिरांडा हाउस से थाली बजाओ वर्शन एलपीजी संकट की कल्पना कीजिए, डीयू के प्रतिष्ठित कॉलेज के हॉस्टल में रहने वाले छात्र भोजन के लिए विरोध कर रहे हैं। वे कहते हैं — छात्रों को ठीक से खाना नहीं मिल रहा है और यह एक बुरा सपना बन गया है।

bad food

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वहीं एक अन्य बेरिफाइड यूजर ने वायरल वीडियो के हवाले से लिखा कि DU के मिरांडा हाउस के हॉस्टल में रहने वाली छात्राएँ “खराब खाने” के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रही हैं। उनका आरोप है कि खाने की क्वालिटी पहले से ही खराब थी, लेकिन LPG संकट के बाद तो यह एक बुरे सपने जैसा बन गया है।

फैक्ट चेक:

वायरल दावे की जांच के लिए संबंधित कीवर्ड्स के जरिए खोजबीन की गई। इस दौरान Press Trust of India (PTI) की एक रिपोर्ट सामने आई, जो 1 अप्रैल 2026 को प्रकाशित हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, मिरांडा हाउस की छात्राओं ने “खाने की बिगड़ती गुणवत्ता” के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया था।

Protest

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि छात्र संगठन AISA ने छात्राओं के समर्थन में बयान जारी करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें खराब और निम्न स्तर का भोजन दिया जा रहा है। वायरल वीडियो में छात्राओं को थालियां बजाकर विरोध करते हुए भी देखा गया।

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इसके अलावा, Press Information Bureau (PIB) के फैक्ट चेक में स्पष्ट किया गया है कि कॉलेज परिसर में किसी प्रकार का एलपीजी संकट नहीं है। हॉस्टल किचन में PNG कनेक्शन उपलब्ध है। PIB के अनुसार, छात्राएं केवल मेस में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर विरोध कर रही थीं।

इस संबंध में Miranda House की वार्डन से भी बातचीत की गई। उन्होंने वायरल वीडियो को “एलपीजी संकट” से जोड़कर किए जा रहे दावे को खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्राओं का विरोध-प्रदर्शन हॉस्टल मेस में भोजन की खराब गुणवत्ता को लेकर था, न कि गैस की किसी कमी के कारण।

निष्कर्ष:

DFRAC के फैक्ट चेक से साबित होता है कि वायरल वीडियो वास्तविक है, लेकिन इसके साथ किया गया ‘LPG संकट’ का दावा गलत और भ्रामक है। छात्राओं का प्रदर्शन भोजन की खराब गुणवत्ता को लेकर था, न कि गैस की कमी के कारण।